मधेपुरा में मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय बाजार व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक पहल की है। बुधवार को झल्लू बाबू सभागार में जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में मशरूम उत्पादक किसानों एवं होटल-रेस्टोरेंट संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्पादकों और खरीदारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा स्थानीय स्तर पर मशरूम की खपत और विपणन को बढ़ावा देना था। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला उद्यम है, जो किसानों की आय बढ़ाने और स्वरोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने, गुणवत्ता युक्त उत्पादन सुनिश्चित करने और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों से अपील की गई कि वे स्थानीय स्तर पर उत्पादित मशरूम को प्राथमिकता दें, ताकि किसानों को सीधा बाजार मिल सके और उपभोक्ताओं को ताजा व गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो सके। बैठक में मशरूम के विपणन, उचित मूल्य निर्धारण, भंडारण, पैकेजिंग और आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही उत्पादकों और खरीदारों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। क्षेत्र में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हो जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि मशरूम उत्पादकों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि इस क्षेत्र में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, मशरूम उत्पादक किसान एवं होटल-रेस्टोरेंट संचालक मौजूद रहे। जिला प्रशासन की यह पहल कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मधेपुरा में मशरूम उत्पादन को प्रोत्साहित करने और स्थानीय बाजार व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक पहल की है। बुधवार को झल्लू बाबू सभागार में जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में मशरूम उत्पादक किसानों एवं होटल-रेस्टोरेंट संचालकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य उत्पादकों और खरीदारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा स्थानीय स्तर पर मशरूम की खपत और विपणन को बढ़ावा देना था। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक लाभ देने वाला उद्यम है, जो किसानों की आय बढ़ाने और स्वरोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने, गुणवत्ता युक्त उत्पादन सुनिश्चित करने और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों से अपील की गई कि वे स्थानीय स्तर पर उत्पादित मशरूम को प्राथमिकता दें, ताकि किसानों को सीधा बाजार मिल सके और उपभोक्ताओं को ताजा व गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध हो सके। बैठक में मशरूम के विपणन, उचित मूल्य निर्धारण, भंडारण, पैकेजिंग और आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ बनाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही उत्पादकों और खरीदारों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने और नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया। क्षेत्र में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हो जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि मशरूम उत्पादकों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि इस क्षेत्र में अधिक से अधिक किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, मशरूम उत्पादक किसान एवं होटल-रेस्टोरेंट संचालक मौजूद रहे। जिला प्रशासन की यह पहल कृषि आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


