कटिहार में 1622 पांडुलिपियां रिजर्व:हेरिटेज कंजर्वेशन के लिए जिला प्रशासन ने मार्च में शुरू किया था अभियान

कटिहार में 1622 पांडुलिपियां रिजर्व:हेरिटेज कंजर्वेशन के लिए जिला प्रशासन ने मार्च में शुरू किया था अभियान

कटिहार में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत अब तक 1622 पांडुलिपियों और अभिलेखों को सुरक्षित किया गया है। इस कार्य के लिए तीन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया। भारत सरकार के विशेष अभियान के अंतर्गत जिले में पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से जारी है। जिला प्रशासन ने यह अभियान मार्च माह में शुरू किया था, जो 15 जून तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को सुरक्षित कर उन्हें डिजिटल रूप में संरक्षित करना है, ताकि भावी पीढ़ियां भी इन धरोहरों से जुड़ सकें। 1622 पांडुलिपियों का सफलतापूर्वक संरक्षण किया जा चुका जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि 1622 पांडुलिपियों का सफलतापूर्वक संरक्षण किया जा चुका है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई पुराने दस्तावेज, पांडुलिपियां या ऐतिहासिक सामग्री है, तो वे इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दें, ताकि उनका भी संरक्षण किया जा सके। इस अभियान के दौरान बरारी लक्ष्मीपुर गुरुद्वारा कमेटी, साहित्यकार गुणानंद झा और दर्पण मंडल को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कटिहार में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत अब तक 1622 पांडुलिपियों और अभिलेखों को सुरक्षित किया गया है। इस कार्य के लिए तीन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया। भारत सरकार के विशेष अभियान के अंतर्गत जिले में पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से जारी है। जिला प्रशासन ने यह अभियान मार्च माह में शुरू किया था, जो 15 जून तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन पांडुलिपियों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को सुरक्षित कर उन्हें डिजिटल रूप में संरक्षित करना है, ताकि भावी पीढ़ियां भी इन धरोहरों से जुड़ सकें। 1622 पांडुलिपियों का सफलतापूर्वक संरक्षण किया जा चुका जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि 1622 पांडुलिपियों का सफलतापूर्वक संरक्षण किया जा चुका है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई पुराने दस्तावेज, पांडुलिपियां या ऐतिहासिक सामग्री है, तो वे इसकी जानकारी जिला प्रशासन को दें, ताकि उनका भी संरक्षण किया जा सके। इस अभियान के दौरान बरारी लक्ष्मीपुर गुरुद्वारा कमेटी, साहित्यकार गुणानंद झा और दर्पण मंडल को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।  

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