ग्राहक के नाम से सिम निकाल कर साइबर ठगी:दरभंगा से 34 सिम कार्ड कंबोडिया भेजे; बायोमेट्रिक डिवाइस-दो मोबाइल फोन बरामद

ग्राहक के नाम से सिम निकाल कर साइबर ठगी:दरभंगा से 34 सिम कार्ड कंबोडिया भेजे; बायोमेट्रिक डिवाइस-दो मोबाइल फोन बरामद

दरभंगा में आर्थिक अपराध इकाई पटना की सूचना पर साइबर थाना पुलिस ने एक फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक सिम रिटेलर को गिरफ्तार किया गया है, जिसकी पहचान केवटी थाना क्षेत्र निवासी विवेक मोबाइल के प्रोपराइटर विवेक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से 36 ब्लैक सिम कार्ड, एक बायोमेट्रिक डिवाइस और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। साइबर डीएसपी बिपिन बिहारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि जिले के कुछ दुकानदार एक ही व्यक्ति के नाम पर कई सिम जारी कर उन्हें विदेशों में सक्रिय साइबर ठगों को उपलब्ध करा रहे हैं, जहां से ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। साइबर ठगों को बेचता था सिम पूछताछ में विवेक कुमार ने स्वीकार किया कि वह ग्राहकों के नाम पर दो-तीन सिम निकालता था, जिसमें एक सिम ग्राहक को देता था, जबकि बाकी सिम ऊंची कीमत पर साइबर ठगों को बेच देता था। पुलिस के अनुसार अब तक 34 सिम कार्ड कंबोडिया भेजे जा चुके थे, जहां से साइबर फ्रॉड का नेटवर्क संचालित हो रहा था। कुर्की जब्ती की होगी कार्रवाई इस मामले में पहले से दर्ज साइबर थाना कांड संख्या 72/25 में बहेड़ा थाना क्षेत्र के रोशन इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर रौशन झा और घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के अभिषेक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अभिषेक कुमार को आरोपी बनाया गया है। पुलिस रौशन झा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अभिषेक कुमार अभी फरार है। उसके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है और गिरफ्तारी नहीं होने पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रौशन झा के पास से चीन से मंगाए गए उपकरण समेत कई साइबर ठगी से जुड़े सामान बरामद किए गए थे। साथ ही शहर में कॉल सेंटर के माध्यम से ठगी का नेटवर्क भी संचालित किया जा रहा था। साइबर डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि सिम खरीदते समय सतर्क रहें और किसी भी दुकानदार को बार-बार बायोमेट्रिक या फोटो देने से बचें। उन्होंने चेतावनी दी कि एक ही व्यक्ति के नाम पर कई सिम जारी कर उनका दुरुपयोग किया जा सकता है। दरभंगा में आर्थिक अपराध इकाई पटना की सूचना पर साइबर थाना पुलिस ने एक फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक सिम रिटेलर को गिरफ्तार किया गया है, जिसकी पहचान केवटी थाना क्षेत्र निवासी विवेक मोबाइल के प्रोपराइटर विवेक कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से 36 ब्लैक सिम कार्ड, एक बायोमेट्रिक डिवाइस और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। साइबर डीएसपी बिपिन बिहारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि जिले के कुछ दुकानदार एक ही व्यक्ति के नाम पर कई सिम जारी कर उन्हें विदेशों में सक्रिय साइबर ठगों को उपलब्ध करा रहे हैं, जहां से ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। साइबर ठगों को बेचता था सिम पूछताछ में विवेक कुमार ने स्वीकार किया कि वह ग्राहकों के नाम पर दो-तीन सिम निकालता था, जिसमें एक सिम ग्राहक को देता था, जबकि बाकी सिम ऊंची कीमत पर साइबर ठगों को बेच देता था। पुलिस के अनुसार अब तक 34 सिम कार्ड कंबोडिया भेजे जा चुके थे, जहां से साइबर फ्रॉड का नेटवर्क संचालित हो रहा था। कुर्की जब्ती की होगी कार्रवाई इस मामले में पहले से दर्ज साइबर थाना कांड संख्या 72/25 में बहेड़ा थाना क्षेत्र के रोशन इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर रौशन झा और घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के अभिषेक इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर अभिषेक कुमार को आरोपी बनाया गया है। पुलिस रौशन झा को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि अभिषेक कुमार अभी फरार है। उसके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है और गिरफ्तारी नहीं होने पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रौशन झा के पास से चीन से मंगाए गए उपकरण समेत कई साइबर ठगी से जुड़े सामान बरामद किए गए थे। साथ ही शहर में कॉल सेंटर के माध्यम से ठगी का नेटवर्क भी संचालित किया जा रहा था। साइबर डीएसपी ने आम लोगों से अपील की है कि सिम खरीदते समय सतर्क रहें और किसी भी दुकानदार को बार-बार बायोमेट्रिक या फोटो देने से बचें। उन्होंने चेतावनी दी कि एक ही व्यक्ति के नाम पर कई सिम जारी कर उनका दुरुपयोग किया जा सकता है।  

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