देश में अगले महीने से सिगरेट पीना महंगा हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख सिगरेट कंपनियां ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स मई में कीमतों में 17% तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। इस खबर के बाद सोमवार यानी 29 अप्रैल को इन कंपनियों के शेयरों में 6.5% तक की तेजी दर्ज की गई। मई में ₹20 तक बढ़ सकते हैं दाम डिस्ट्रीब्यूटर्स के फीडबैक और चैनल चेक के आधार पर आई एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में कहा गया है कि कीमतों में बदलाव केवल प्रीमियम प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनियां वैल्यू-एंड ब्रांड्स (सस्ते सिगरेट) के दामों में भी इजाफा कर सकती हैं। उदाहरण के लिए ITC की गोल्डफ्लेक प्रीमियम के एक पैकेट की कीमत मई 2026 में ₹115 से बढ़कर ₹135 के करीब पहुंच सकती है। बाजार में सिगरेट कंपनियों का दबदबा 29 अप्रैल को ITC का शेयर करीब 4% और गॉडफ्रे फिलिप्स का शेयर 7% की तेजी के साथ बंद हुआ। निफ्टी FMCG इंडेक्स में भी 2% की तेजी देखी गई, जिसमें ITC सबसे आगे रहा। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के मुताबिक, सिगरेट कंपनियों के पास कीमतों को कंट्रोल करने की अच्छी ताकत है। इससे टैक्स बढ़ने के बावजूद वे अपना मुनाफा बचाने में सफल रहती हैं। एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से लागत बढ़ी इस साल की शुरुआत में संसद ने सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 को मंजूरी दी थी। इसके तहत सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर ड्यूटी बढ़ा दी गई है। 1 फरवरी से प्रभावी इस नियम के अनुसार, सिगरेट की लंबाई के आधार पर ₹2,050 से ₹8,500 प्रति 1,000 स्टिक की एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है। यह ड्यूटी 40% GST के अतिरिक्त है। लंबी सिगरेट की लागत में 22-28% की बढ़ोतरी ICICI सिक्योरिटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि 75-85 mm लंबी सिगरेट की कुल लागत में 22-28% की बढ़ोतरी हुई है। ITC की कुल बिक्री में 75 mm से लंबी सिगरेट का हिस्सा करीब 16% है। नई लेवी के कारण ऐसी सिगरेट के दाम प्रति स्टिक (एक सिगरेट) ₹2 से ₹3 तक बढ़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई कीमतों से बिक्री पर अस्थायी असर पड़ सकता है, लेकिन लंबी अवधि में कंपनियां मुनाफा बनाए रखेंगी। क्या होती है एक्साइज ड्यूटी और लेवी? ये खबर भी पढ़ें… गुटखा-तंबाकू के प्लास्टिक पाउच पर रोक लगेगी: इको-फ्रेंडली मटेरियल से पैकिंग अनिवार्य करने की तैयारी, FSSAI ने ड्राफ्ट पेश किया अब जल्द ही आपको गुटखा, तंबाकू और पान मसाला के प्लास्टिक पाउच नजर नहीं आएंगे। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने कहा कि पान मसाला की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक मटेरियल को अब कागज, पेपरबोर्ड, सेल्युलोज और अन्य इको-फ्रेंडली मटेरियल से बदला जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
मई में 17% तक महंगी हो सकती है सिगरेट:इस खबर के बाद ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयर 7% तक चढ़े


