मुंबई, नवी मुंबई और तीसरी मुंबई के बीच रेल कनेक्टिविटी को तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में मुंबई रेलवे विकास निगम (MRVC) ने बड़ा कदम उठाया है। हार्बर रेलवे लाइन पर बढ़ती भीड़ और तेज लोकल सेवाओं की मांग को देखते हुए अलग फास्ट कॉरिडोर बनाने की योजना पर काम शुरू किया गया है। मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (MUTP)-4 के तहत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से पनवेल तक हार्बर लाइन पर फिलहाल केवल स्लो लोकल ट्रेनें चलती हैं। इस रूट पर अतिरिक्त ट्रैक बिछाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण यह दिक्कत वर्षों से बनी हुई है।
जबकि नवी मुंबई और पनवेल इलाके में तेजी से बढ़ती आबादी के चलते इस रूट पर लोकल यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सुबह और शाम के पीक आवर्स में हार्बर लाइन की लोकल ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है, जिससे यात्रियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है।
फास्ट कॉरिडोर पर होगा अध्ययन?
एमआरवीसी अब हार्बर लाइन के विस्तार और तेज कनेक्टिविटी के लिए अलग फास्ट कॉरिडोर विकसित करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। इसके तहत नया कॉरिडोर किन इलाकों से गुजारा जाये और किस तरह मुंबई, नवी मुंबई तथा तीसरी मुंबई के बीच यात्रा तेज और समय कम किया जा सके, इसका अध्ययन किया जाएगा।
इसके साथ ही नए रेलवे लिंक विकसित करने की संभावनाओं पर भी अध्ययन किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह परियोजना भविष्य में मुंबई महानगर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकती है।
238 नई AC लोकल ट्रेनों की टेंडर प्रक्रिया जारी
मुंबई के पश्चिम और मध्य रेलवे मार्गों पर भी यात्रियों को राहत देने की तैयारी चल रही है। रेलवे 15 डिब्बों वाली लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के प्लान पर काम कर रही है। इसके लिए कई रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म विस्तार का काम भी तेज किया गया है।
एमआरवीसी भविष्य में नॉन-एसी लोकल ट्रेनों को धीरे-धीरे एसी लोकल में बदलने की योजना पर भी काम कर रहा है। जानकारी के अनुसार, पश्चिम और मध्य रेलवे मार्ग पर 238 नई डिजाइन की एसी लोकल ट्रेनें शुरू की जाएंगी। इन ट्रेनों में हाई स्पीड, आधुनिक वेंटिलेशन, बेहतर सीटिंग और स्मार्ट सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
जानकारी के मुताबिक, एमयूटीपी-3 (Mumbai Urban Transport Project-3) और एमयूटीपी-3ए के तहत कुल 238 वातानुकूलित लोकल ट्रेनों का निर्माण किया जाना है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पहले इस परियोजना की ऑनलाइन बोली प्रक्रिया 18 मई से शुरू होने वाली थी। लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर 19 जुलाई कर दिया गया है। इसके अलावा बोली जमा करने, दस्तावेज प्रस्तुत करने और ई-टेंडर खोलने की अंतिम प्रक्रिया भी अब 2 जून के बजाय 3 अगस्त को पूरी होगी।
भले ही नई एसी लोकल ट्रेनों का इंतजार बढ़ गया हो, लेकिन इसके शुरू होने पर लाखों यात्रियों को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और आधुनिक सफर का अनुभव मिलेगा।


