जमुई में सांसद अरुण भारती की उपस्थिति और जिलाधिकारी नवीन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में मार्च 2026 तिमाही के लिए थी। इसमें वित्तीय समावेशन, बैंकिंग योजनाओं की प्रगति और ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की शुरुआत जिला प्रबंधक श्रीमती लक्ष्मी एक्का द्वारा पिछली बैठक के अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के साथ हुई। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक साख योजना (एसीपी), जमा-साख अनुपात (सीडी रेशियो), किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), ऋण वसूली और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) से प्रशिक्षित युवाओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जीविका स्वयं सहायता समूहों के बैंक क्रेडिट लिंकेज की भी समीक्षा की गई। गव्य विकास योजना, पीएमईजीपी, प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना और सीएफएल की प्रगति पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु रजिस्टर 9 एवं 10 के मिलान पर भी चर्चा हुई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जमुई जिले का सीडी रेशियो रहा। सांसद अरुण भारती ने एलडीएम को निर्देश दिया कि अगली बैठक में प्रखंडवार सीडी रेशियो का आंकड़ा प्रस्तुत किया जाए, ताकि पिछड़े क्षेत्रों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने निजी बैंकों से केवल मुनाफे तक सीमित न रहने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। सांसद ने कस्टमर सपोर्ट, वित्तीय साक्षरता अभियान और लोन मेला जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। जिलाधिकारी नवीन ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहा जमुई अब विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है और बैंकों के पास जिले की तस्वीर बदलने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही केकेएम कॉलेज परिसर में एक वृहद जिला स्तरीय लोन मेला आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनील कुमार, जिला योजना पदाधिकारी भानु प्रकाश, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मितेश शांडिल्य सहित विभिन्न बैंकों के प्रबंधक एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे। जमुई में सांसद अरुण भारती की उपस्थिति और जिलाधिकारी नवीन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री एवं समीक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में मार्च 2026 तिमाही के लिए थी। इसमें वित्तीय समावेशन, बैंकिंग योजनाओं की प्रगति और ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की शुरुआत जिला प्रबंधक श्रीमती लक्ष्मी एक्का द्वारा पिछली बैठक के अनुपालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के साथ हुई। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक साख योजना (एसीपी), जमा-साख अनुपात (सीडी रेशियो), किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), ऋण वसूली और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) से प्रशिक्षित युवाओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए जीविका स्वयं सहायता समूहों के बैंक क्रेडिट लिंकेज की भी समीक्षा की गई। गव्य विकास योजना, पीएमईजीपी, प्रधानमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना और सीएफएल की प्रगति पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु रजिस्टर 9 एवं 10 के मिलान पर भी चर्चा हुई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जमुई जिले का सीडी रेशियो रहा। सांसद अरुण भारती ने एलडीएम को निर्देश दिया कि अगली बैठक में प्रखंडवार सीडी रेशियो का आंकड़ा प्रस्तुत किया जाए, ताकि पिछड़े क्षेत्रों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने निजी बैंकों से केवल मुनाफे तक सीमित न रहने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। सांसद ने कस्टमर सपोर्ट, वित्तीय साक्षरता अभियान और लोन मेला जैसी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया। जिलाधिकारी नवीन ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहा जमुई अब विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा है और बैंकों के पास जिले की तस्वीर बदलने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही केकेएम कॉलेज परिसर में एक वृहद जिला स्तरीय लोन मेला आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनील कुमार, जिला योजना पदाधिकारी भानु प्रकाश, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक मितेश शांडिल्य सहित विभिन्न बैंकों के प्रबंधक एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।


