रायपुर@पीलूराम साहू। Monsoon 2026: राजधानी में उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया है। अब प्रदेश में मानूसन 12-13 जून तक बस्तर संभाग में दस्तक दे सकता है। ऐसे में रायपुर में मानसून पहुंचने में देरी होगी। सिस्टम अच्छा रहा तो 15 जून या इसके बाद पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अनुसार 11 जून से पूरे प्रदेश में व्यापक वर्षा होगी। बादलों की जोरदार गर्जना से गाज भी गिर सकती है। अंधड़ भी चलने की संभावना है।
बीती रात कई इलाकों में हल्की बारिश हुई
प्रदेश में मानूसन (Monsoon) का इंतजार है। बीती रात राजधानी के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। हालांकि लालपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में बूंदाबांदी भी नहीं हुई है इसलिए वहां वर्षा रिकार्ड नहीं हुई है। पिछले 24 घंटे में शंकरगढ़, मंदिरहसौद व खरोरा में एक-एक सेमी पानी गिरा। माना, पेंड्रारोड, अंबिकापुर में भी 5 मिमी बारिश हुई है। बीती रात हल्की बारिश होने के कारण राजधानी में उमस बढ़ गई है।
देखें तापमान
वहीं अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री पर रहा। यह सामान्य से मामूली ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 27.7 डिग्री रहा, जो मामूली कम है। 43.5 डिग्री के साथ राजनांदगांव प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रहा। वहां भी पानी नहीं गिरा। इस सीजन में राजनांदगांव प्रदेश में सबसे ज्यादा बार सर्वाधिक गर्म रहा। रायपुर, बिलासपुर व माना भी सर्वाधिक गर्म स्थानों में शामिल रहा।
मौसम प्रणाली हुई सक्रिय
विशेषज्ञों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे लगे क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण तथा मध्य भारत तक फैली द्रोणिका के प्रभाव से वातावरण में नमी बढ़ रही है। यही वजह है कि प्रदेश में बादलों की आवाजाही और वर्षा की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इन मौसमी प्रणालियों का असर आने वाले दिनों में और स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।

मानसून का इंतजार अंतिम दौर में
मौसम विभाग का मानना है कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहीं तो दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon In Chhattisgarh) जल्द ही छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही प्रदेश में गर्मी का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने और नियमित वर्षा का दौर शुरू होने की उम्मीद है।
टॉपिक एक्सपर्ट
रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर जनरल एमएल साहू ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि पहले लोकल इफेक्ट से दोपहर बाद अच्छी बारिश हो जाती थी। इससे कुछ देर के लिए भीषण गर्मी से राहत मिल जाती थी। धरती ठंडी हो जाती थी, हालांकि उमस बढ़ जाती थी। फिर भी ये बारिश फायदेमंद होता था। प्रदूषण के कारण लोकल इफेक्ट वाली बारिश नहीं हो रही है, जाे चिंता का कारण है। इन दिनों हो रही बारिश सिस्टम के कारण हो रही है।


