MLA-Naib Tehsildar Controversy: विधायक-नायब तहसीलदार विवाद का द इंड! हड़ताल खत्म कर काम पर लौटे, जानिए कैसे हुआ ये सब?

MLA-Naib Tehsildar Controversy: विधायक-नायब तहसीलदार विवाद का द इंड! हड़ताल खत्म कर काम पर लौटे, जानिए कैसे हुआ ये सब?

अंबिकापुर। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक (MLA-Naib Tehsildar Controversy) के बीच का विवाद लगभग खत्म होने की कगार पर है, क्योंकि 3 दिन से हड़ताल पर रहे प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार काम पर लौट आए हैं। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की बातचीत प्रदेश के राजस्व मंत्री व सचिव से होने के बाद यह फैसला लिया गया। उन्हें इस बात का भी आश्वासन दिया गया है कि मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इधर एसडीएम, तहसील व उप तहसीलों में जनता के काम न हो पाने के कारण भी उन पर दबाव बढ़ता जा रहा था।

सीतापुर विधायक की बहन से बद्सलूकी (Misbehave with MLA Sister) के आरोप में नायब तहसीलदार तुषार मानिक से 27 मई को राजापुर चौराहे पर मारपीट की गई थी। मारपीट का आरोप विधायक और उनके समर्थकों पर लगा था। नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर विधायक व उनके 10 समर्थकों के खिलाफ अपराध भी दर्ज है।

जबकि विधायक की बहन की रिपोर्ट पर सीतापुर थाने में अपराध दर्ज किया गया था। हुआ ये कि विधायक व उनके समर्थकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर तहसीलदार और नायब तहसीलदार सडक़ पर उतर आए। उन्होंने 1 जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी थी। 1 से 3 जून तक वे हड़ताल पर रहे।

MLA-Naib Tehsildar controversy
Mitanin in collectorate (Photo- Patrika)

इधर राजस्व कार्यालयों में काम ठप हो जाने से जनता का भी रोष गहराता जा रहा था। वहीं विधायक (Sitapur MLA) के समर्थन में भाजपा मंडल अध्यक्षों के अलावा छात्र संगठन, सर्व आदिवासी समाज आया गया था। उन्होंने नायब तहसीलदार की गिरफ्तारी की मांग कर डाली।

गिरफ्तार नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई। विधायक की बहन के समर्थन में भी मितानिन संघ ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नायब तहसीलदार को सस्पेंड करने की मांग की थी।

विधायक के 2 समर्थकों ने किया सरेंडर

तहसीलदार और नायब तहसीलदारों द्वारा किए जा रहे हड़ताल (Tehsildars on strike) के बीच 3 जून को विधायक के 2 समर्थकों पंकज गुप्ता व नाजिम रजा ने सीतापुर थाने में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद विधायक की ओर से यह मांग उठी कि एसडीएम फागेश सिन्हा और नायब तहसीलदार को सीतापुर से हटाया जाए। इस मांग ने भी राजस्व अधिकारियों पर दबाव बढ़ाया।

MLA-Naib Tehsildar controversy
MLA supporters who surrendered (Photo- Patrika)

MLA-Naib Tehsildar Controversy: हड़ताल खत्म कर काम पर लौटे

तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों की हड़ताल से राजस्व कार्यालयों में काम नहीं के बराबर हो रहे थे। इधर कलेक्टर ने हड़ताली अधिकारियों को काम पर लौटने कहा था। काम पर न लौटने की स्थिति में उन्होंने कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

इसी बीच 3 जून को ही छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ की मंत्री व सचिव स्तर पर बातचीत हुई। इसमें कुछ मांगें पूरी किए जाने के आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया गया।

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