सुशासन शिविर में नाबालिग बच्चों से कराया गया काम:बाद में बच्चों को हटाया गया, श्रम अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही

सुशासन शिविर में नाबालिग बच्चों से कराया गया काम:बाद में बच्चों को हटाया गया, श्रम अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही

गरियाबंद में सुशासन तिहार एक बार फिर सुर्खियों में है। फिंगेश्वर के पोखरा ब्लॉक में आयोजित इस कार्यक्रम में नाबालिग बच्चों से शरबत और नाश्ता परोसने का काम कराया गया। यह आयोजन मंत्री दयाल दास बघेल की मौजूदगी में हुआ। लगभग 4 से 5 नाबालिग बच्चे शिविर में आने वाले लोगों को सेवा देते हुए दिखाई दिए। उन्हें 150 से 200 रुपए की मजदूरी पर काम पर रखा गया था। उनके गले में ‘सुशासन तिहार’ के बैज भी लगे हुए थे। जब मीडिया के कैमरे लगातार बच्चों की ओर जाने लगे, तो उन्हें धीरे-धीरे कार्यक्रम स्थल से हटा दिया गया। श्रम अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही मामले में शिविर में मौजूद श्रम अधिकारी जयंती बंसल से सवाल पूछे जाने पर उन्होंने पहले इसे गलती माना। बाद में उन्होंने कहा कि यदि बच्चे किसी कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े परिवार के हैं, तो काम करने में कोई गलती नहीं है। उन्होंने उम्र और परिस्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। इस संबंध में कलेक्टर भगवान सिंह उइके और मंत्री दयाल दास बघेल ने जवाब देने से बचते दिखे। इसी पोखरा शिविर में एक अन्य घटनाक्रम में, विभागीय योजनाओं की जानकारी देते समय मंचस्थ अतिथियों के संबोधन में वन एसडीओ विकास चंद्राकर से थोड़ी चूक हो गई। उन्होंने सांसद रूप कुमारी चौधरी को विधायक कह दिया। इस बात से नाराज मंत्री दयालदास बघेल ने उन्हें भरे मंच पर जमकर फटकार लगाई। हालांकि, उन्होंने नाबालिगों से कराए गए काम को नजरअंदाज कर दिया।

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