उच्च न्यायालय द्वारा हड़ताल न करने के संबंध में शपथ पत्र मांगे जाने पर अधिवक्ताओं में गहरा रोष है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और मेरठ बार एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के लाल बहादुर शास्त्री सभागार में दोपहर ढाई बजे आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता दोनों बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार सिंह और अनुज कुमार शर्मा ने की, जबकि संचालन महामंत्री प्रशांत गुप्ता और परवेज आलम ने किया। बैठक में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा 3 जून को पारित आदेश पर विचार किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के सभी अधिवक्ता संघों को किसी भी स्थिति में हड़ताल या न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित न करने के संबंध में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर शपथ पत्र देने को कहा गया था। इस बैठक में दोनों बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और महामंत्रीगण भी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मेरठ की बार एसोसिएशन द्वारा उच्च न्यायालय इलाहाबाद के भेजे गए पत्र के संबंध में कोई भी शपथ पत्र नहीं दिया जाएगा। अधिवक्ताओं ने उच्च न्यायालय के इस आदेश को उच्चतम न्यायालय के 20 दिसंबर 2024 के आदेश के विरुद्ध बताया है। विरोध स्वरूप, केंद्रीय संघर्ष समिति की एक बैठक 20 जून को बुलाई जाएगी, जिसमें एक दिन की हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय संघर्ष समिति के 22 जिलों के साथ आज एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी की जाएगी, जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। बैठक में गजेंद्र सिंह धामा, कुंवर पाल शर्मा, डी.डी. शर्मा, उदयवीर सिंह राणा, डॉ. ओ.पी. शर्मा, राजीव त्यागी, शिवदत्त जोशी, मिसबाहुद्दीन सिद्दीकी, पं. आनंद कश्यप, अनिल जंगाला, राजेंद्र सिंह राणा, अमित दीक्षित, विनोद चौधरी, अजय कुमार शर्मा और मुकेश कुमार मित्तल सहित कई अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।


