एमपी में मीजल्स का अलर्ट, आपके घर आएगी हेल्थ टीम, जानें कारण

एमपी में मीजल्स का अलर्ट, आपके घर आएगी हेल्थ टीम, जानें कारण

Measles Alert in MP : सतना जिले में तेजी से बढ़ते मीजल्स (खसरा) के अप्रत्याशित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अब मध्य प्रदेश स्तर पर हरकत में आया है। पूरे प्रदेश में 20 मई से 5 जून तक व्यापक सर्वे करने 19 जून तक सभी छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण करने का अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर एनएचएम ने सभी सीएमएचओ और जिला टीकाकरण अधिकारियों को अलर्ट जारी किया है।

बता दें, पत्रिका ने सबसे पहले 11 मई को प्रदेश में मीजल्स के बढ़ते मामलों का खुलासा किया था। इसके बाद स्वास्थ्य महकमे में खलबली मच गई। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 10 जिलों में प्रथम और दूसरे चरण के टीकाकरण का लक्ष्य 100 प्रतिशत से भी ज्यादा पूरा होने के बाद भी खसरा के बड़ी संख्या में नए मामले सामने आ गए।

NHM ने बताया गंभीर

एनएचएम ने इसे गंभीर मामला बताते हुए संक्रमण को रोकने के लिए एक्शन प्लान जारी किया है। एनएचएम की अपर संचालक दिशा नागवंशी ने कहा, भारत सरकार ने प्रदेश में एमआर कवरेज 95 फीसदी से अधिक होने के बावजूद बढ़ते प्रकरणों के संबंध में चिंता व्यक्त की है। साथ ही लोट्रा समीशन सीजन (अप्रेल से जुलाई) के दौरान मीजल्स के नियंत्रित के लिए टीकाकरण पूर्ण करने के निर्देश दिए।

हेडकाउंट सर्वे के लिए एक्शन प्लान

-20 मई से 5 जून 2026 तक सभी जिलों में हेडकाउंट सर्वे होगा। सर्वे के आधार पर टीकों से वंचित या अटीकाकृत बच्चों की ड्यू-लिस्ट तैयार की जाएगी।
-समग्र पोर्टल और अनमोल पोर्टल पर दर्ज बच्चों का ग्रामवार और वार्डवार सर्वे किया जाएगा।
-विशेष टीकाकरण कैच-अप चरण 8 से 19 जून 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। इसमें छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण पूरा किया जाएगा।
-आशा कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी कार्यकता, सहायिका, एएनएम, एमपी डब्ल्यू सहित ब्लॉक और जिला स्तर पर जिम्मेदारी दी।

मार्गदर्शन, सुपरविजन की जिम्मेदारी

-सर्वे में आशाओं के सहयोगी मार्गदर्शन तथा सर्वे की गुणवत्ता की मॉनीटरिंग टीकाकरण फील्ड मॉनीटर, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, एलएचवी व सुपरवाइजर करेंगे।
-उपस्वास्थ्य केंद्र व वार्ड का डाटा कंपाइलेशन सीएचओ और एएनएम करेंगे। वे ड्यूलिस्ट भी बनाएंगे।
-टीकाकरण के प्रतिदिन के कवरेज रिपोर्ट को यूविन पोर्टल पर लाइव सत्रों के दौरान ही दर्ज किया जाएगा।
-सर्वे का सुपरविजन जिला स्तर से डीआईओ और डीसीएम करेंगे। डाटा संबंधित काम जिला डाटा मैनेजर करेंगे।
-हेडकाउंट और कैच-अप चरण के संचालन की दैनिक समीक्षा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी करेंगे।

कहां-किसकी जिम्मेदारी

-जिला स्तर: जिला टीकाकरण अधिकारी
-ब्लॉक स्तर: ब्लॉक मेडिकल आफिसर
-सेक्टर स्तर: सेक्टर मेडिकल ऑफिसर
-उप स्वास्थ्य केंद्र: आशा सीएचओ, एएनएम।
-ग्राम/वार्ड: आशा और ऊषा कार्यकर्ता।

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