महाराष्ट्र के बीड जिले में बड़ा हादसा हुआ है। माजलगांव तालुका के पुरुषोत्तमपुरी में गोदावरी नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव अचानक पलट गई। अधिक मास यात्रा के चलते पुरुषोत्तमपुरी तीर्थ क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं से भरी एक नाव गोदावरी नदी में पलट गई। नाव में करीब 40 से 50 श्रद्धालु सवार थे। हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई, हालांकि अधिकांश लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। लेकिन एक बच्चे सहित दो लोगों के लापता होने की खबर है।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर खोज अभियान शुरू कर दिया है। नदी किनारे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई है।
अधिक मास यात्रा में उमड़ी थी भारी भीड़
पुरुषोत्तमपुरी में स्थित भगवान पुरुषोत्तम का मंदिर देश का एकमात्र ऐसा मंदिर माना जाता है जो भगवान विष्णु के अवतार पुरुषोत्तम को समर्पित है। अधिक मास के अवसर पर यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
सुरक्षा मानकों की उड़ी धज्जियां
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय नाव में उसकी क्षमता से कहीं अधिक यात्री सवार थे। शुरुआती जानकारी में इसे ही हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है। नाव में से बचाये गए कुछ पीड़ितों ने बताया कि नदी के गहरे पानी में नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई। कुछ ही मिनटों के भीतर हालात बेहद भयावह हो गए। किसी तरह स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से उनकी जान बच सकी।
इस हादसे के बाद यात्रा स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाव संचालकों द्वारा क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जा रहा था। इसके अलावा नावों में लाइफ जैकेट जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन किया जाता तो यह हादसा ही नहीं होता।


