नयी दिल्ली, तीन नवंबर कांग्रेस ने महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में एक पनबिजली परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर मंगलवार को राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह ‘‘पारिस्थितिक तबाही’’ का एक और उदाहरण है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक खबर साझा की, जिसमें दावा किया गया है कि परियोजना के लिए करीब 1,100 पेड़ काटे जा चुके हैं, जबकि 32,000 से अधिक पेड़ों को हटाने के लिए चिह्नित किया गया है। रमेश ने कहा, ‘‘यह हमारे देश के लोगों पर थोपी जा रही पारिस्थितिक तबाही का एक और उदाहरण है।’’
पूर्व पर्यावरण मंत्री ने सवाल किया कि इस परियोजना का लाभ किसे मिलेगा और इसकी कीमत किसे चुकानी पड़ेगी।
उनकी यह टिप्पणी शिवसेना (उबाठा) के वरिष्ठ नेता संजय राउत के आरोपों के कुछ दिन बाद आई है। राउत ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगले महीने प्रस्तावित यात्रा के दौरान परियोजना के शिलान्यास समारोह से पहले भीमाशंकर वन्यजीव अभयारण्य के पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र के निकट 32,000 से अधिक पेड़ों को काटने का आदेश दिया गया है। राउत ने वन विभाग के एक अधिकारी का कथित पत्र भी साझा किया था, जिसमें रायगढ़ जिले में 13,505 करोड़ रुपये की लागत वाली सैदोंगर-1 करजत पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजना के लिए 233 हेक्टेयर भूमि के इस्तेमाल की मंजूरी का उल्लेख था।
विपक्ष और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने परियोजना के कारण जंगलों और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए पेड़ों की कटाई का विरोध किया है।

