कई राज्यों में सियासी हलचल तेज हो गई है। कहीं सरकार गिरने की आशंका जताई जा रही है तो कहीं कहा जा रहा है कि बड़ी-बड़ी पार्टियां टूट सकती हैं। मतलब दिवाली के बाद कई राज्यों में बड़ा धमाका होने की उम्मीद है। जम्मू कश्मीर में शादी रचाई नई दुल्हन के पांव पड़े ही थे कि पार्टी के 21 विधायक बागी हो गए। उमर अब्दुल्ला बेचारे हनीमून पैकेज तलाश रहे थे कि उधर खबर आ गई कि पार्टी के बागी विधायकों ने दिल्ली से मिलने के लिए समय मांगा है। मतलब जम्मू कश्मीर में आने वाले दिनों में कुछ बड़ा बवाल देखने के लिए मिल सकता है। सरकार गिर सकती है। जिस तरह फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वो तो पाकिस्तान है जिसने कश्मीरियों को बचाया। वहीं पर ये तय हो गया था कि चूक हो गई है। अब ऊपर से बयान आ रहा है कि 370 हटने से हालात खराब हुए। अब भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में वही हालात पैदा करना चाहती है जो 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर में हुआ। तो जरा सोचिए कि देश के लोग क्या सोचेंगे कि 370 हटने के बाद जम्मू कश्मीर में इंडिपेंडेंस डे मनाया जा रहा है। त्यौहार मनाए जा रहे हैं। कृष्ण जन्माष्टमी मनाए जा रहे हैं। टूरिस्ट की संख्या बढ़ी है। इन्वेस्टमेंट बढ़ा है वो ज्यादा अच्छा सिचुएशन है या उससे पहले वाला सिचुएशन अच्छा था जब पुलिस वालों पर पत्थर मारे जाते थे। अभी हालात ज्यादा अच्छे हैं। लोग खुश नजर आ रहे हैं। उससे बेहतर क्या चाहिए?
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महाराष्ट्र
उद्धव ठाकरे-राज ठाकरे ने देवेंद्र फडनवीस से वन टू वन मुलाकात की वहां कमरे में मुलाकात हुई। उसके बाद एक मुलाकात और हुई एनसीपी अजीत पवार गुट के बड़े नेता जिसमें छगन भोजबल, प्रफुल पटेल और सबसे खास बात ये कि यह सब दिल्ली आए और दिल्ली में मुलाकात हुई है। मतलब अमित शाह से मुलाकात की है इन लोगों ने। अजीत दादा पवार की पत्नी सुनेत्रा की इच्छा है कि उनका बेटा एनसीपी में सब कुछ संभाले। जो पुराने नेता हैं जिन्होंने अजीत पवार के साथ मिलकर पार्टी तोड़ी और एनडीए के साथ आए उनका क्या? ऐसे में एक तरफ मां बेटे और एक तरफ बाकी नेता है। एक और टूट एनसीपी की तय है। बड़ा खेला मतलब महाराष्ट्र में देखने के लिए मिल सकता है।
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बिहार
बिहार में जेडीयू के दो गुट बनते दिख रहे हैं। अनंत सिंह को अभी निकाला गया। ललन सिंह और अनंत सिंह एक गुट के बताए जा रहे थेय़ उन दोनों में अशोक चौधरी को किनारे कर दिया गया। संजय झा नीरज कुमार को आशीर्वाद देने पहुंचे हैं जो कि अनंत सिंह समर्थित प्रत्याशी को रहा दिया है। तो तो साफ-साफ दिख रहा है दो गुट हैं। आपको पता है कि जेडीयू को हराने वाले कैंडिडेट बीजेपी में शामिल हो गए हैं। निर्दलीय से लड़े थे पर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। किसे पता कब क्या होगा? बिहार के भी जेडीयू का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली आया है और वह भी मुलाकात करके जा चुका है। अब नीतीश कुमार एक तरफ हैं। नीतीश कुमार किसके ऊपर हाथ रखते हैं वो तो सबको पता है कि वो तो नीतीश कुमार सिर्फ जानेंगे।
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पंजाब
पंजाब में कल देखा गया कि बीते दिन तीन विधायक आम आदमी पार्टी के बीजेपी में शामिल हो गए। अकाली दल अप्रोच कर रही है कि किसी तरह बीजेपी अकाली दल के साथ गठबंधन हो जाए। लेकिन बीजेपी ये कैलकुलेट कर रही है कि चुनाव के पहले अलायंस करने में फायदा है या चुनाव के बाद अलायंस करने में फायदा है। बीजेपी के कैलकुलेशन के अनुसार ही जो होना है वो होगा हम मतलब मतलब कांग्रेस के और आम आदमी पार्टी के कुछ लोग टूटने के लिए तैयार हैं और दूसरा बीजेपी ये कैलकुलेट कर रही है कि अकाली दल अलग लड़े तब फायदा है या साथ में मिलके प्री अलायंस हो या पोस्ट अलायंस हो अलायंस होगा।

