Aparna Yadav Emotional Tehrvi Ceremony ‘Pratik Bhaiya Amar Rahe’: प्रतीक यादव की तेरहवीं का कार्यक्रम सोमवार को भावनाओं, संवेदनाओं और श्रद्धा से भरे माहौल के बीच संपन्न हुआ। इस दौरान हर किसी की नजरें अपर्णा यादव पर टिकी रहीं, जो पूरे कार्यक्रम में बेहद भावुक दिखाई दीं। श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने पहुंचे लोगों के बीच जब अपर्णा यादव ने अपने हाथों से प्रसाद और पूड़ी का वितरण करना शुरू किया तो माहौल और भी भावुक हो गया। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों ने “प्रतीक भइया अमर रहें” के नारे लगाने शुरू किए। यह सुनते ही अपर्णा यादव खुद को संभाल नहीं सकीं और फफक कर रो पड़ीं। उनकी आंखों से बहते आंसू और चेहरे पर दिखाई दे रहा दर्द वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया।

भावनाओं से भरा रहा तेरहवीं का कार्यक्रम
लखनऊ स्थित आवास पर आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। सुबह से ही लोगों का आना-जाना लगा रहा। राजनीतिक, सामाजिक और पारिवारिक क्षेत्र से जुड़े तमाम लोग इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े नजर आए। पूरे कार्यक्रम में एक तरफ जहां धार्मिक परंपराओं का पालन किया गया, वहीं दूसरी ओर भावनाओं का सैलाब भी साफ दिखाई दिया। हर किसी के चेहरे पर प्रतीक यादव के असमय निधन का दुख नजर आ रहा था।
अपर्णा यादव ने बांटा प्रसाद
तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान अपर्णा यादव खुद श्रद्धालुओं और मेहमानों के बीच पहुंचीं। उन्होंने अपने हाथों से लोगों को प्रसाद और पूड़ी वितरित की। इस दौरान वह लगातार लोगों का अभिवादन भी करती रहीं। जो भी उनसे मिलने पहुंच रहा था, वह उन्हें ढांढस बंधा रहा था। अपर्णा यादव शांत भाव से सभी से मिलती रहीं, लेकिन उनके चेहरे पर गहरा दुख साफ दिखाई दे रहा था।
“प्रतीक भइया अमर रहें” के नारों से भावुक हुआ माहौल
कार्यक्रम के दौरान अचानक कुछ लोगों ने “प्रतीक भइया अमर रहें” के नारे लगाने शुरू कर दिए। जैसे ही यह नारे गूंजे, माहौल पूरी तरह भावुक हो गया। अपर्णा यादव यह सुनते ही खुद को संभाल नहीं सकीं। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और वह फफक कर रोने लगीं। कुछ देर तक वहां मौजूद लोग भी भावुक माहौल में खामोश खड़े रहे। इसके बाद अपर्णा यादव ने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया। उनके इस भावुक पल ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को अंदर तक भावुक कर दिया।

लोगों ने दी श्रद्धांजलि
तेरहवीं कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने दिवंगत प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। कई लोग अपर्णा यादव को ढांढस बंधाते नजर आए। लोगों का कहना था कि प्रतीक यादव बेहद सरल और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे। उनके असमय निधन से परिवार के साथ-साथ करीबी लोगों को भी गहरा आघात पहुंचा है।
परिवार के सदस्य भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में यादव परिवार के कई सदस्य मौजूद रहे। परिवार के लोग पूरे समय श्रद्धांजलि सभा और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल रहे। इस दौरान परिवार की एकजुटता भी देखने को मिली। दुख की इस घड़ी में परिवार के सदस्य एक-दूसरे का सहारा बनते नजर आए।
13 मई को हुआ था निधन
बताया गया कि प्रतीक यादव का निधन 13 मई को हुआ था। जानकारी के अनुसार हार्ट में खून का थक्का जमने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी थी। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई थी। 14 मई को उनका अंतिम संस्कार किया गया था। इसके बाद लगातार श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का सिलसिला चलता रहा।
सोशल मीडिया पर भी भावुक प्रतिक्रियाएं
तेरहवीं कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं। खासकर अपर्णा यादव के भावुक होने वाला वीडियो लोगों को भावुक कर रहा है। सोशल मीडिया पर लोग दिवंगत प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि देते हुए अपर्णा यादव को हिम्मत बनाए रखने की बात लिख रहे हैं। कई लोगों ने इसे बेहद मार्मिक पल बताया।
राजनीति से ऊपर दिखी संवेदनाएं
कार्यक्रम में पहुंचे लोगों का कहना था कि दुख और संवेदनाओं के ऐसे क्षण राजनीति से कहीं ऊपर होते हैं। तेरहवीं कार्यक्रम में भी यही तस्वीर दिखाई दी, जहां विभिन्न विचारधाराओं के लोग परिवार के साथ खड़े नजर आए। लोगों ने कहा कि अपर्णा यादव जिस तरह खुद लोगों के बीच जाकर प्रसाद बांट रही थीं, वह उनकी सादगी और संस्कार को दर्शाता है।

पूरे माहौल में दिखी श्रद्धा और अपनापन
तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह श्रद्धा और भावनाओं से भरा रहा। धार्मिक मंत्रोच्चार, श्रद्धांजलि और लोगों की संवेदनाओं के बीच कई बार माहौल बेहद भावुक हो गया। जो भी वहां पहुंचा, उसने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति देने की कामना की।

अपर्णा यादव का भावुक चेहरा बना चर्चा का विषय
पूरे कार्यक्रम के दौरान अपर्णा यादव का भावुक चेहरा लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। जब उन्होंने हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया और आंखों में आंसू लिए श्रद्धालुओं से मिलीं, तो हर कोई भावुक हो उठा। उनकी सादगी, संयम और भावनात्मक जुड़ाव ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के दिलों को छू लिया। प्रतीक यादव की तेरहवीं केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह भावनाओं, रिश्तों और संवेदनाओं से जुड़ा ऐसा पल बन गई जिसे वहां मौजूद लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।


