Tikamgarh Patwari Bribery: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले का है जहां सागर लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को जमीन का पट्टा देने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है।
जमीन का पट्टा नाम करने के एवज में मांगी रिश्वत
लोकायुक्त टीम ने गोपालपुरा कारी हल्के के पटवारी अजय सूत्रकार को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई मंगलवार को ग्राम पंचायत गोपालपुर के पंचायत भवन में की गई। जिससे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार फटेरी का रहने वाला पुन आदिवासी जमीन संबंधी रास्ते का पट्टा बनवाने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहा था। किसान का आरोप है कि वह करीब 20 वर्षों से जमीन पर काबिज है, लेकिन पट्टा बनाने के एवज में पटवारी लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था, और रिश्वत न देने पर उसके नाम पर जमीन का पट्टा पटवारी नहीं बना रहा था।
पहले ले चुका था 5 हजार, बाकी रकम लेते धरा गया
पीडि़त किसान ने रिश्वत की मांग से परेशान होकर सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। जांच में सामने आया कि पटवारी पहले ही 5 हजार रुपए ले चुका था और शेष 10 हजार रुपये लेने की तैयारी में था। मंगलवार को तय योजना के तहत फरियादी किसान पंचायत भवन पहुंचा और जैसे ही पटवारी ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त अधिकारियों ने मौके पर रासायनिक परीक्षण किया। जिसमें रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। इसके बाद टीम ने दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर पटवारी अजय सूत्रकार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया।
जबलपुर में राजस्व निरीक्षक 80 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ाया
इधर जबलपुर में मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने एक राजस्व निरीक्षक को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। शाहपुरा तहसील में पदस्थ राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी के खिलाफ रोहित जैन नाम के फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में फरियादी ने बताया कि राजस्व निरीक्षक करण सिंह लोधी उसकी जमीन का सीमांकन करने के एवज में 1 लाख रुपये रिश्वत मांग रहे थे और बातचीत करने पर सौदा 80 हजार रुपये में तय हुआ था।


