बक्सर में 9 मई 2026 को साल की दूसरी लोक अदालत आयोजित होगी। इसमें पहली बार ट्रैफिक चालान से जुड़े लंबित मामलों को शामिल किया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झाम्ब ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबित मामलों का बोझ कम होगा न्यायाधीश झाम्ब ने बताया कि जिले में सैकड़ों ट्रैफिक चालान के मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिससे वाहन मालिकों को परेशानी होती है। लोक अदालत इन मामलों के लिए एक त्वरित समाधान का मंच प्रदान करेगी। इस लोक अदालत की खास बात यह है कि तीन महीने से अधिक पुराने चालानों के निपटारे पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इससे लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी और लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा। जिला जज काजल झाम्ब ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति से मामलों का त्वरित निपटारा कर लोगों को समय पर न्याय दिलाना है। ट्रैफिक चालानों को इसमें शामिल करने का निर्णय नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों को अदालत में उपस्थित रहने के निर्देश
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। लोग अपने चालान की राशि नकद या यूपीआई के माध्यम से जमा कर सकेंगे। संबंधित विभागों के अधिकारियों को लोक अदालत के दिन उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मौके पर ही मामलों का निपटारा सुनिश्चित हो सके।
पिछली लोक अदालत में लगभग 500 कोर्ट केस मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया था। इस बार ट्रैफिक चालानों को शामिल करने से मामलों की संख्या बढ़ने की संभावना है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जिनके भी ट्रैफिक चालान या अन्य मामले लंबित हैं, वे 9 मई को लोक अदालत में पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाएं। बक्सर में 9 मई 2026 को साल की दूसरी लोक अदालत आयोजित होगी। इसमें पहली बार ट्रैफिक चालान से जुड़े लंबित मामलों को शामिल किया गया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश काजल झाम्ब ने प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लंबित मामलों का बोझ कम होगा न्यायाधीश झाम्ब ने बताया कि जिले में सैकड़ों ट्रैफिक चालान के मामले लंबे समय से लंबित हैं, जिससे वाहन मालिकों को परेशानी होती है। लोक अदालत इन मामलों के लिए एक त्वरित समाधान का मंच प्रदान करेगी। इस लोक अदालत की खास बात यह है कि तीन महीने से अधिक पुराने चालानों के निपटारे पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इससे लोगों को आर्थिक राहत मिलेगी और लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा। जिला जज काजल झाम्ब ने कहा कि लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति से मामलों का त्वरित निपटारा कर लोगों को समय पर न्याय दिलाना है। ट्रैफिक चालानों को इसमें शामिल करने का निर्णय नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिकारियों को अदालत में उपस्थित रहने के निर्देश
प्रेस वार्ता में यह भी बताया गया कि भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। लोग अपने चालान की राशि नकद या यूपीआई के माध्यम से जमा कर सकेंगे। संबंधित विभागों के अधिकारियों को लोक अदालत के दिन उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मौके पर ही मामलों का निपटारा सुनिश्चित हो सके।
पिछली लोक अदालत में लगभग 500 कोर्ट केस मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया था। इस बार ट्रैफिक चालानों को शामिल करने से मामलों की संख्या बढ़ने की संभावना है। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि जिनके भी ट्रैफिक चालान या अन्य मामले लंबित हैं, वे 9 मई को लोक अदालत में पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाएं।


