समस्तीपुर में जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। जनगणना कर्मी लोगों के घरों तक पहुंच कर दरवाजा खटखटा रहे हैं। शहर में 10 हजार कर्मी गणना कर रहे हैं। अभी लोगों से घरों में रहने वाले परिवार और कितने लोगों या भाइयों का चूल्हा अलग है, इसकी जानकारी लेकर दीवारों की नंबरिंग कर रहे हैं। नंबर के आगे कोस्ट में एक, दो, तीन यानी घरों के अंदर कितने परिवार रहते हैं, इसे अंकित किया जा रहा हैं। इसके साथ नजरी नक्शा भी बना रहे हैं, ताकि तीसरे चरण में नक्शा के अनुसार लोगों की गणना की जा सके। जनगणना का धरातल पर कैसे काम हो रहा है, इसको लेकर ग्राउंड जीरों पर भास्कर रिपोर्टर पहुंचे। जितवारपुर के कन्हैया चौक से बूढीगंडक बांध की ओर जाने वाली सड़क पर मिडिल स्कूल जितवारपुर के शिक्षक बृदेयलाल यादव जनगणना काम में लगे हुए हैं। वह मोहल्ले के आदित्य गौरब के घर पर पहुंचे थे। जहां उन्होंने पहले मकान नंबरिंग की। इन्होंने जानकारी दी कि दोपहर में पहुंचने पर सिर्फ महिलाएं मिलती है, जिनके पास ज्यादा जानकारी भी नहीं होती है। दरवाजा खटखटाने के बाद बाहर निकले आदित्य से उन्होंने घरों के अंदर रहने वाले परिवारों के बारे में पूछा । आदित्य ने बताया कि घर में तीन लोगों का परिवार रहता है। जिसके बाद शिक्षक ने मकान पर सीएन 46 (3) अंकित किया। पूछने पर उन्होंने कहा कि चुकी इस घर में तीन परिवार रहते हैं, इसलिए मकान नंबर 46 हुआ और कोस्ट में तीन का अर्थ हुआ यहां तीन परिवार रहते हैं। मकानों का नंबरिंग का काम शुरू जनगणना कर्मी शिक्षक बृदेय लाल यादव ने बताया कि पहले चरण में मकानों का नंबरिंग का काम शुरू किया गया है। अभी घर-घर जाकर मकानों की नंबरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग का निर्देश है कि सुबह पहले स्कूल पहुंचे और फिर 9.30 बजे से फील्ड में जाय। लेकिन इस नियम के कारण फील्ड में व्यवहारिक परेशानी हो रही है। चुकी परिवारों तक पहुंचने में दस बज जाता है। जिससे घर की महिलाएं ज्यादा कुछ नहीं बताती। मकान पर नंबरिंग से भी मना कर देती है। महिलाओं का कहना होता है कि अभी घर मालिक नहीं है, बाद में आइएगा। जिससे काम धीरे चल रहा है। अगर सुबह के समय ही जनगणना काम विभाग करावें तो काम तेजी से आगे बढेगा। 20 हजार लोगों ने खुद किया गणना फील्ड में गणना कर्मियों की ओर से नक्शा (ले-आउट मैप) बनाने और मकानों के सूचीकरण का काम चल रहा है। इससे पहले जिले भर में कुल 20 हजार लोगों ने पोर्टल पर खुद से अपना स्व-गणना कर लिया है। सांख्यिकी पदाधिकारी डाू अशोक कुमार ने बताया कि 2 मई से शुरू हुआ यह चरण 31 मई 2023 तक चलेगा। इस 30 दिनों की अवधि में प्रगणक अपने आवंटित क्षेत्रों में जाकर नजरी नक्शा तैयार करेंगे और प्रत्येक मकान पर नंबर अंकित करेंगे। दूसरे चरण में घर-घर जाएंगे कर्मी इसके बाद ही घर-घर जाकर 33 निर्धारित प्रश्नों के आधार पर डेटा संकलित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने निर्धारित समय सीमा (1 मई) तक स्व-गणना कर ली है, उन्हें पोर्टल पर अपना स्व-गणना आईडी (सेल्फ आईडी) बताना होगा, जिससे उनका डेटा खुद से अपडेट हो जाएगा और समय की बचत होगी। अधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान चरण में केवल उन्हीं परिवारों की गणना हो रही है, जिनके पास रहने के लिए स्थायी या कच्चा मकान (पॉलीथिन की झुग्गी सहित) है। उन्होने कहा कि फुटपाथ, पुल के नीचे या खुले आसमान के नीचे रहने वाले बेघर लोगों की गणना इस चरण में नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों को दूसरे फेज में शामिल किया जाएगा। वर्तमान में चल रही प्रक्रिया केवल जाति आधारित गणना और मकान सूचीकरण है। पूर्ण रूप से जनगणना की शुरुआत फरवरी 2027 से होने की संभावना है। समस्तीपुर में जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। जनगणना कर्मी लोगों के घरों तक पहुंच कर दरवाजा खटखटा रहे हैं। शहर में 10 हजार कर्मी गणना कर रहे हैं। अभी लोगों से घरों में रहने वाले परिवार और कितने लोगों या भाइयों का चूल्हा अलग है, इसकी जानकारी लेकर दीवारों की नंबरिंग कर रहे हैं। नंबर के आगे कोस्ट में एक, दो, तीन यानी घरों के अंदर कितने परिवार रहते हैं, इसे अंकित किया जा रहा हैं। इसके साथ नजरी नक्शा भी बना रहे हैं, ताकि तीसरे चरण में नक्शा के अनुसार लोगों की गणना की जा सके। जनगणना का धरातल पर कैसे काम हो रहा है, इसको लेकर ग्राउंड जीरों पर भास्कर रिपोर्टर पहुंचे। जितवारपुर के कन्हैया चौक से बूढीगंडक बांध की ओर जाने वाली सड़क पर मिडिल स्कूल जितवारपुर के शिक्षक बृदेयलाल यादव जनगणना काम में लगे हुए हैं। वह मोहल्ले के आदित्य गौरब के घर पर पहुंचे थे। जहां उन्होंने पहले मकान नंबरिंग की। इन्होंने जानकारी दी कि दोपहर में पहुंचने पर सिर्फ महिलाएं मिलती है, जिनके पास ज्यादा जानकारी भी नहीं होती है। दरवाजा खटखटाने के बाद बाहर निकले आदित्य से उन्होंने घरों के अंदर रहने वाले परिवारों के बारे में पूछा । आदित्य ने बताया कि घर में तीन लोगों का परिवार रहता है। जिसके बाद शिक्षक ने मकान पर सीएन 46 (3) अंकित किया। पूछने पर उन्होंने कहा कि चुकी इस घर में तीन परिवार रहते हैं, इसलिए मकान नंबर 46 हुआ और कोस्ट में तीन का अर्थ हुआ यहां तीन परिवार रहते हैं। मकानों का नंबरिंग का काम शुरू जनगणना कर्मी शिक्षक बृदेय लाल यादव ने बताया कि पहले चरण में मकानों का नंबरिंग का काम शुरू किया गया है। अभी घर-घर जाकर मकानों की नंबरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि विभाग का निर्देश है कि सुबह पहले स्कूल पहुंचे और फिर 9.30 बजे से फील्ड में जाय। लेकिन इस नियम के कारण फील्ड में व्यवहारिक परेशानी हो रही है। चुकी परिवारों तक पहुंचने में दस बज जाता है। जिससे घर की महिलाएं ज्यादा कुछ नहीं बताती। मकान पर नंबरिंग से भी मना कर देती है। महिलाओं का कहना होता है कि अभी घर मालिक नहीं है, बाद में आइएगा। जिससे काम धीरे चल रहा है। अगर सुबह के समय ही जनगणना काम विभाग करावें तो काम तेजी से आगे बढेगा। 20 हजार लोगों ने खुद किया गणना फील्ड में गणना कर्मियों की ओर से नक्शा (ले-आउट मैप) बनाने और मकानों के सूचीकरण का काम चल रहा है। इससे पहले जिले भर में कुल 20 हजार लोगों ने पोर्टल पर खुद से अपना स्व-गणना कर लिया है। सांख्यिकी पदाधिकारी डाू अशोक कुमार ने बताया कि 2 मई से शुरू हुआ यह चरण 31 मई 2023 तक चलेगा। इस 30 दिनों की अवधि में प्रगणक अपने आवंटित क्षेत्रों में जाकर नजरी नक्शा तैयार करेंगे और प्रत्येक मकान पर नंबर अंकित करेंगे। दूसरे चरण में घर-घर जाएंगे कर्मी इसके बाद ही घर-घर जाकर 33 निर्धारित प्रश्नों के आधार पर डेटा संकलित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने निर्धारित समय सीमा (1 मई) तक स्व-गणना कर ली है, उन्हें पोर्टल पर अपना स्व-गणना आईडी (सेल्फ आईडी) बताना होगा, जिससे उनका डेटा खुद से अपडेट हो जाएगा और समय की बचत होगी। अधिकारी ने जानकारी दी कि वर्तमान चरण में केवल उन्हीं परिवारों की गणना हो रही है, जिनके पास रहने के लिए स्थायी या कच्चा मकान (पॉलीथिन की झुग्गी सहित) है। उन्होने कहा कि फुटपाथ, पुल के नीचे या खुले आसमान के नीचे रहने वाले बेघर लोगों की गणना इस चरण में नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों को दूसरे फेज में शामिल किया जाएगा। वर्तमान में चल रही प्रक्रिया केवल जाति आधारित गणना और मकान सूचीकरण है। पूर्ण रूप से जनगणना की शुरुआत फरवरी 2027 से होने की संभावना है।


