खुलासा: हादसे से पहले पॉलीथिन में पैक रखी थीं लाइफ जैकेट, क्रूज में पानी भरा तो फटाफट…

खुलासा: हादसे से पहले पॉलीथिन में पैक रखी थीं लाइफ जैकेट, क्रूज में पानी भरा तो फटाफट…

Jabalpur Tragedy: बरगी डैम के बैक वाटर में गुरुवार शाम तूफानी हवाओं की वजह से डूबे क्रूज के बाद शुक्रवार को पांच और पर्यटकों के शव मिले। मृतक संख्या बढ़कर नौ हो गई है। अभी तीन बच्चों सहित चार लोग लापता हैं। हादसे के ऐन पहले के कई वीडियो सामने आए हैं। इसमें घोर लापरवाही का खुलासा हुआ है। अपर-लोअर डेक पर बैठे पर्यटकों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। जब क्रूज में पानी भरने लगा तो लोअर डेक पर एक कर्मी लाइफ जैकेट बांटते दिख रहा। यह जैकेट पॉलीथिन में पैक्ड थीं। यह घोर लापरवाही का जीता जागता उदाहरण है, जिसकी वजह से पर्यटकों की जान गई।

बच्ची ने बयां किया मौत के साये का वो मंजर

Jabalpur Tragedy: Cruise sank in Bargi Dam upon its return
Jabalpur Tragedy: Cruise sank in Bargi Dam upon its return

मां मरीन और भाई त्रिशान को खो चुकी बच्ची सिया ने रोंगटे खड़े करने वाला मंजर बयां किया है। सुरक्षा दावों की पोल भी खुली है। बकौल सिया- पापा (प्रदीप) ने सभी को लाइफ जैकेट दीं। मैने भी जैकेट पहनी। जैकेट बड़ी थी तो मम्मी ने उसे टाइट किया। मम्मी ने भी जैकेट पहनी। भाई को लाइफ जैकेट पहनाने वाली ही थीं कि तभी तेज लहर आने लगी।

सिया ने सिसकते हुए बताया

Jabalpur Cruise Accident like Similar Mishaps Have Occurred Before in MP news
Jabalpur Cruise Accident like Similar Mishaps Have Occurred in MP
(photo-Patrika.com)

सिया ने सिसकते हुए बताया कि मम्मी ने भाई को लाइफ जैकेट में अंदर करके टाइट कर लिया। इसी बीच क्रूज का शीशा टूटा तो मैं और पापा बाहर निकल गए। जब तक मम्मी और भाई निकल पाते क्रूज पूरा पलट गया। उन्हें निकलने जगह नहीं मिल पाई। एक सवाल पर सिया ने बताया कि लाइफ जैकेट पहले से नहीं दी गई थीं। किसी को कुछ नियम भी नहीं बताया। मेरे पापा और दो लोगों ने लाइफ जैकेट निकालीं। दिल्ली से आए थे तो सोचा घूमने जाते हैं। चार दिन की छुट्टी पर नाना-नानी, पापा-मम्मी, भाई और मैं घूमने गए थे। एक दिन पहले बड़े पापा के घर का उद्घाटन था। उसमें शामिल होने के बाद डैम घूमने गए थे।

अस्पताल में बिखरा दद

जब शवों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मर्चुरी लाया गया, तो परिजन का दर्द छलक पड़ा। बेटे का चेहरा देख पिता प्रदीप खुद को संभाल नहीं पाए। फफककर रो पड़े। बेटे को गोद में उठाकर पुकारा। पत्नी का हाथ थामकर अपनी पीड़ा जताई। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर गया।

मदर इंडिया

jabalpur
jabalpur bargi dam Tragedy cruise accident Emotional human story

बरगी जलाशय की खौफनाक लहरों में एक ऐसी दास्तान भी दफन हो गई, जिसे सुन ‘पत्थर’ भी पिघल जाएं। जब जिंदगी-मौत के बीच का फासला सिमट रहा था, तब भी उस मां की भुजाएं अपने बेटे को पूरी दुनिया से ढंके हुए थीं। जब लहरें जिंदगी छीनने को बेताब थीं, तब उस मासूम के लिए पूरी दुनिया सिर्फ मां का आंचल ही था। 36 वर्षीय मां मरीन मैसी ने अपने चार वर्षीय बेटे त्रिशान और खुद को बचाने अंत तक संषर्ष किया। उसने यह भी सुनिश्चित किया होगा कि उसका लाल डरे नहीं।

आज इंसानियत रो रही है

ममता और मां की यह तस्वीर सदियों तक अनगिनत कलेजों को चीरती रहेगी। आज इंसानियत रो रही है और संवेदनाएं मौन खड़ी हैं। यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि मां के प्रेम का वह अंतिम सत्य है, जिसे शब्दों में बांधा ही नहीं जा सकता। आपदा के समय इस मां के मन में क्या भाव रहे होंगे उन विचारों से भारत की हर महिला खुद को जुड़ा हुआ महसूस करेगी। खुद से पहले परिवार और बच्चे। यही तो हर मदर इंडिया की कहानी है।

इनके शव मिले

शुक्रवार सुबह सेना, हैदराबाद से आई एनडीआरएफ टीम, एसडीआरएफ और पुलिस ने सर्च अभियान शुरू किया। इस दौरान भसीन आर्केड सिविल लाइंस की रेशमा सैय्यद (66), गंजबासौदा की शमीम फातिमा (65), जबलपुर की ज्योति श्रीवास (39), त्रिशान मैसी (4) और मरीन मैसी (36) के शव मिले। गुरुवार रात तक जबलपुर की नीतू सोनी (43), तमिलनाडु की सौभाग्यम अलागन (42), दिल्ली की मधुर मैसी (62) और जबलपुर की काकुलाझी (38) के शव मिले थे। लापता में तमिल (5), चिराग सोनी (6), मयूरम (9) और कामराज शामिल हैं।

संख्या को लेकर संशय

मैकल रिसोर्ट ने पुलिस और प्रशासन को बताया है कि 29 टिकट जारी किए गए थे। हालाकि पुलिस जांच में पता चला है 32 लोग सवार थे। बाद में आंकड़ा बढ़कर 34 पहुंच गया। गुरुवार रात दावा किया गया कि 22 को बचाया गया है। चार की मौत हो गई है। आठ लापता हैं। शुक्रवार को पांच शव मिले, तब भी दावा किया गया कि चार और लापता हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *