बहराइच के एक गांव में रविवार को उस समय दहशत फैल गई। जब जंगल से निकलकर एक तेंदुआ आबादी के बीच पहुंच गया। तेंदुए ने पिता-पुत्र समेत कई लोगों पर हमला कर दिया। इसके बाद में एक घर में जा घुसा। ग्रामीणों ने पूरे इलाके को घेर लिया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब पांच घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तेंदुए को बेहोश कर सुरक्षित पकड़ लिया गया।
बहराइच जिले के चकिया रेंज क्षेत्र के मौजीपुरवा गांव में रविवार सुबह अचानक तेंदुआ पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई। गांव के लोगों ने पहले उसे खेतों की तरफ देखा। लेकिन कुछ ही देर में वह रिहायशी इलाके में पहुंच गया। इसी दौरान तेंदुए ने गांव के रहने वाले बुजुर्ग फजलुर्रहमान पर हमला कर दिया। उन्हें बचाने आए उनके बेटे जुबेर और गांव के नसीम भी तेंदुए के हमले में घायल हो गए।
हमले के बाद मकान में घुसा तेंदुआ, कई घंटे बाद तेंदुआ को बेहोश करने में मिली सफलता
हमले के बाद तेंदुआ भागते हुए एक मकान में घुस गया। गांव वालों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए घर का दरवाजा बंद कर दिया। चारों तरफ से इलाके को घेर लिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। डीएफओ के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। रेस्क्यू के दौरान तेंदुआ काफी आक्रामक हो गया। उसने वन विभाग के दरोगा जितेंद्र कुमार पर भी हमला कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र से विशेषज्ञ टीम को बुलाया। ट्रैंकुलाइज टीम ने कई घंटों की कोशिश के बाद तेंदुए को बेहोश करने में सफलता हासिल की।

अपने झुंड से बिछड़ कर गांव में पहुंचा
करीब पांच घंटे चले अभियान के बाद तेंदुए को सुरक्षित पकड़ लिया गया। उसे विशेष वाहन से वन विभाग कार्यालय लाया गया। जहां पशु चिकित्सकों की टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि पकड़ा गया तेंदुआ करीब डेढ़ साल का नर है। संभवतः अपने झुंड से बिछड़कर गांव की तरफ पहुंच गया था।
वन विभाग की टीम समय पर ना पहुंचती तो हो सकता था बड़ा हादसा
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते टीम मौके पर नहीं पहुंचती। तो भीड़ और तेंदुए के बीच बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल घायल लोगों का इलाज कराया जा रहा है। गांव में वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है।


