पश्चिम बंगाल के कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध रैली निकाली। TMC प्रदर्शनकारियों ने “वोट चोर, गद्दी चोर” जैसे नारे लगाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान ANI से बात करते हुए, तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता कुणाल घोष ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा और प्रशासन पर आरोप लगाया कि उसने कोलकाता के कई इलाकों में पुलिस और केंद्रीय बलों को तैनात करके शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन को दबाने की कोशिश की। घोष ने दावा किया कि TMC के युवा और छात्र विंग ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आयोजन किया था, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए रास्ते बंद कर दिए। घोष ने ANI को बताया ममता दीदी के नेतृत्व में हमारे छात्र और युवा विंग ने यहां ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूरी तरह से शांतिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया था।
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उन्होंने पहले ही ईमेल के जरिए पुलिस को इसकी सूचना दे दी थी। हालांकि, आज सुबह से ही पुलिस और केंद्रीय बलों ने पूरा रास्ता बंद कर दिया है। TMC नेता ने आगे आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल की ओर जा रहे समर्थकों को शहर के कई हिस्सों में रोका गया। घोष ने कहा जो लोग यहां आना चाहते हैं, उन्हें पूरे इलाके में रोका जा रहा है, जिसमें उत्तरी और मध्य कोलकाता शामिल हैं। हमारा यहां का कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। हम ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और BJP को इससे तकलीफ हो रही है। चुनाव आयोग प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाते हुए घोष ने कहा, “BJP को तकलीफ क्यों हो रही है? क्योंकि ज्ञानेश कुमार ने BJP को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए वोटों में धांधली की और उन्हें चुराया।
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सोमवार को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जब तक सभी योग्य मतदाताओं के नाम लिस्ट में शामिल नहीं हो जाते, तब तक मौजूदा वोटर लिस्ट का इस्तेमाल करके ही चुनाव कराए जाने चाहिए। यह बयान स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध के बीच आया है। पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जी ने कहा, “मुझे लगता है कि वैध मतदाताओं के नाम लिस्ट में होने चाहिए। जब तक उनके नाम लिस्ट में शामिल नहीं होते, हमें लगता है कि चुनाव पुरानी लिस्ट का इस्तेमाल करके ही कराए जाने चाहिए।” सोमवार को राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों को लेकर बाराखंबा रोड से भारत के सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया। नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका भी दायर की।

