KGMU के नेत्र रोग विभाग में मरीजों से बाहर से लैंस और दवा मंगाने के मामले में जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई का दौर तेज कर दिया गया है। चार सदस्यीय जांच कमेटी की सिफारिश पर आरोपी डॉक्टर को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब विभाग की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने में नाकामी के चलते विभागाध्यक्ष डॉ.अपजित कौर को प्रतिकुलपति (प्रो. वीसी) के पद से हटा दिया गया है। डॉक्टर पर पहले ही गिरी थी गाज मामले की जांच में मरीजों को बाहर से लैंस और दवाएं मंगाने से जुड़ी शिकायतों की पड़ताल की गई। कमेटी की सिफारिश के बाद आरोपी डॉक्टर पर निलंबन की कार्रवाई हुई। वहीं, विभाग की निगरानी और व्यवस्थाओं में खामियों को लेकर जिम्मेदारी तय की गई। इसके बाद प्रतिकुलपति पद से हटाने का फैसला लिया गया। विभाग की अध्यक्ष के पास प्रतिकुलपति पद की जिम्मेदारी थी। इस मकसद से हुई कार्रवाई मरीजों को बाहर से लैंस व दवाएं लिखने के मामले में ओटी इंचार्ज से लेकर अन्य कर्मचारियों को नोटिस भी थमाई जा चुकी है। कुछ समय पहले नेत्र रोग विभाग की अध्यक्ष जिनके पास प्रतिकुलपति पद की भी जिम्मेदारी थी। उन्हें प्रतिकुलपति के पद से हटा दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया जाना जरूरी थी। इस विभाग के प्रमुख को मिला चार्ज KGMU प्रशासन ने कुछ समय पहले स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीनमेरी) की अध्यक्ष डॉ.अंजू अग्रवाल को नया प्रतिकुलपति नियुक्त किया है। माना जा रहा है कि नेत्र रोग विभाग की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बाहर से सामान मंगाने की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कुलपति बोली- निष्पक्ष होगी जांच कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि मरीजों को बेहतर और किफायती इलाज मुहैया कराने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नेत्र रोग विभाग की अध्यक्ष को प्रतिकुलपति को पद से अलग किया गया है।


