कर्नाटक की सियासत में गुरुवार (28 मई) को उस समय भारी हलचल मच गई, जब तीन साल पुरानी कांग्रेस सरकार में नेतृत्व परिवर्तन (Leadership Change) के साफ संकेत मिलने लगे। सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने पद से इस्तीफा देने के बाद आज ही नई दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान और राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। चर्चा है कि सिद्धारमैया को पार्टी आलाकमान की ओर से राज्यसभा सीट देकर राष्ट्रीय राजनीति में लाने की पेशकश की गई है, जिसे वे विनम्रतापूर्वक ठुकरा सकते हैं क्योंकि उनकी रुचि केंद्रीय राजनीति में जाने की नहीं है।
इसे भी पढ़ें: Weather Update | दिल्ली-NCR को से मिलेगी भीषण लू से राहत, IMD ने जताया बारिश और आंधी-तूफान का अनुमान
सिद्धारमैया राहुल गांधी से मिलेंगे
सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया अपना इस्तीफ़ा देने के बाद नई दिल्ली जाएंगे और उन्होंने राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा है। सूत्रों ने बताया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन पर हुई चर्चाओं के बाद राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद देना चाहते हैं। इस बैठक के दौरान वह राज्यसभा सीट के प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक ठुकरा भी सकते हैं।
सिद्धारमैया आज अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ नाश्ते पर हुई बैठक के बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर अपना इस्तीफ़ा दे सकते हैं। यह तब हुआ जब पार्टी आलाकमान ने कथित तौर पर उनसे अपने डिप्टी डीके शिवकुमार के लिए मुख्यमंत्री पद छोड़ने को कहा। नई सरकार 30 मई (शनिवार) को शपथ ले सकती है।
कांग्रेस ने सिद्धारमैया को राज्यसभा सीट का प्रस्ताव दिया
कांग्रेस आलाकमान ने कथित तौर पर सिद्धारमैया से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के लिए रास्ता बनाने को कहा है और उन्हें राज्यसभा सीट के साथ पार्टी में केंद्रीय भूमिका का प्रस्ताव दिया है। कुछ सूत्रों का कहना है कि सिद्धारमैया ने शायद इसलिए इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है, क्योंकि यह संदेश सीधे पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी की ओर से आया था। मुख्यमंत्री ने कई बार कहा है कि अगर लोकसभा में विपक्ष के नेता उनसे ऐसा करने को कहेंगे, तो वह पद छोड़ देंगे।
इसे भी पढ़ें: बिहार में बड़ा हादसा: पटना के उमानाथ घाट के पास गंगा नदी में नाव पलटी, 2 शव बरामद, 5 लापता
पार्टी ने मंगलवार को सिद्धारमैया और शिवकुमार को दिल्ली बुलाया था, जहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और सुरजेवाला के साथ लगातार कई बैठकें हुईं।


