जोधपुर। सोशल मीडिया पर लाखों लोगों तक अपनी बात पहुंचाने वाली एक महिला इन्फ्लुएंसर ट्रोलिंग के ऐसे भंवर में फंस गई कि उसने अपनी जिंदगी खत्म करने जैसा कदम उठा लिया। अनिता की ‘कपड़े हो गए छोटे तो शर्म कहां से आएगी… रोटी हो गई ब्रेड तो ताकत कहां से आएगी… इंसान हो गए पैसे के तो प्रेम कहां से आएगा’ पोस्ट के बाद शुरू हुई आलोचना और ट्रोलिंग ने उसे इतना तोड़ दिया कि उसने विषाक्त पदार्थ खा लिया। वर्तमान में उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
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बनाड़ थाना क्षेत्र के शिकारगढ़ स्थित गोदारों की ढाणी में बुधवार यह घटना हुई। गंभीर हालत में 32 वर्षीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अनिता दिनेश बिश्नोई को जोधपुर मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। अनिता के सोशल मीडिया पर करीब दो मिलियन फॉलोअर्स हैं। अनिता के परिवार की ओर से अब तक किसी के भी विरुद्ध पुलिस थाने में कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है।

बदनाम करने का आरोप
दीनाराम ने बताया कि पिछले कई दिन से कुछ इन्फ्लुएंसर उसकी पत्नी अनिता (32) को ट्रोल कर रहे थे। अनिता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उसने बदलते सामाजिक परिवेश और संस्कृति पर व्यंग्य किया था। अनिता ने कहा था-कपड़े हो गए छोटे तो शर्म कहां से आएगी। इस पर उसे कई कई दिन से ट्रोल किया जा रहा था। इससे वह परेशान थी। साथ ही कई इन्फ्लुएंसर उसे बदनाम करने की भी धमकियां दे रहे थे। इससे परेशान होकर उसने सुबह यह कदम उठा लिया। पति दीनाराम ने कुछ लोगों पर वॉट्सएप मैसेज के जरिए भी उसकी पत्नी को बदनाम करने की धमकियां देने का आरोप लगाया।
‘आज के बाद आपकी बहन इस दुनिया में नहीं दिखेगी’
अनिता ने विषाक्त खाने से करीब पांच घंटे पहले सोशल मीडिया पर ‘आज के बाद आपकी बहन इस दुनिया में नहीं दिखेगी’ भावुक पोस्ट कर फॉलोअर्स को चौंका दिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया की बाढ़-सी आ गई। अनिता ने जिस वक्त विषाक्त खाया, उसके पति दिनेश घर पर नहीं थे। सूचना मिलने पर वे पत्नी को तत्काल अस्पताल लेकर आए।
मूलत: जैसलमेर जिले के लाठी गांव निवासी अनिता का परिवार वर्तमान में जोधपुर के शिकारगढ़ क्षेत्र में रहता है। पति दिनेश गांव में खेती-बाड़ी करते हैं, अनिता भी खेती में हाथ बंटाती है। उसके ट्रेक्टर चलाने के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। विषाक्त खाने से पहले का अनिता का एक वीडियो भी वायरल हो गया, जिसमें वह कह रही है कि ‘कोई भी महिला ऐसा कदम तभी उठाती है जब उसकी इज्जत पर कीचड़ उछाला जाता है’।


