15 तरह के रंगों में बनने वाली ज्वेलरी:सोने के साथ तैयार करते है अलग-अलग डिजाइन; न टूटती है न स्क्रैच लगता है

15 तरह के रंगों में बनने वाली ज्वेलरी:सोने के साथ तैयार करते है अलग-अलग डिजाइन; न टूटती है न स्क्रैच लगता है

देशभर में सोने की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब टाइटेनियम ज्वेलरी बाजार में तेजी से अपनी जगह बना रही है। इसकी खास बात ये है कि गोल्ड के साथ तैयार होने वाली ज्वेलरी 15 से ज्यादा रंगों में तैयार हो सकती है। दिल्ली, मुंबई समेत कई मेट्रो सिटीज और राजस्थान के शहरों में इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। इसकी खास बात ये है कि ये ज्वेलरी न तो टूटती है और न मुड़ती है। इसके अलावा इस पर स्क्रैच भी नहीं पड़ता। कम कीमत, हल्के वजन और मॉडर्न डिजाइन के कारण युवा वर्ग और मिडिल क्लास तेजी से इसे पसंद कर रहा है। ज्वेलरी कारोबारियों के अनुसार टाइटेनियम ज्वेलरी की कीमत सोने की तुलना में करीब 40 से 50 प्रतिशत तक ही रहती है। य ही वजह है कि लोग अब इसे रोजाना उपयोग और फैशन दोनों के लिए खरीद रहे हैं। दिल्ली और बीकानेर में तैयार हो रही नई डिजाइन ज्वेलरी कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार बीकानेर और दिल्ली में बड़े स्तर पर टाइटेनियम ज्वेलरी तैयार की जा रही है। यहां से इसकी सप्लाई देशभर में हो रही है। राजस्थान के जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और अजमेर के साथ-साथ मुंबई, दिल्ली और अन्य शहरों में भी इसकी मांग बढ़ी है। बीकानेर के ज्वेलरी कारोबारी मुदित खजांची ने बताया कि बदलते फैशन ट्रेंड को देखते हुए टाइटेनियम बेस्ड नई ज्वेलरी रेंज तैयार की गई है। इसमें पोलकी और डायमंड डिजाइन भी शामिल किए जा रहे हैं। हल्की और मजबूत होने से बढ़ रही पसंद टाइटेनियम धातु को मजबूती और टिकाऊपन के लिए जाना जाता है। यह स्क्रैच-रेसिस्टेंट होती है और जल्दी टूटती या मुड़ती नहीं है। इसके मुकाबले सोने में जल्दी खरोंच आने की संभावना रहती है। टाइटेनियम ज्वेलरी वजन में हल्की होती है, जिससे लंबे समय तक पहनने में आसानी रहती है। इसी कारण लोग इसे रोजाना उपयोग के लिए पसंद कर रहे हैं। मजबूत, हल्की और स्क्रैच-रेसिस्टेंट टाइटेनियम बहुत मजबूत धातु है। यह स्क्रैच-रेसिस्टेंट होती है और आसानी से टूटती या मुड़ती नहीं है। इसमें खरोंच भी कम आती है। इसके मुकाबले सोना नरम होता है और उसमें जल्दी निशान पड़ सकते हैं। टाइटेनियम बहुत हल्का होता है, इसलिए इसे लंबे समय तक पहनना आसान होता है। यही कारण है कि रोजाना उपयोग के लिए लोग इसे पसंद कर रहे हैं। त्वचा को नुकसान नहीं, रंगों में भी उपलब्ध टाइटेनियम हाइपोएलर्जेनिक धातु मानी जाती है, यानी इससे त्वचा पर एलर्जी होने की संभावना बेहद कम रहती है। इसी कारण संवेदनशील त्वचा वाले लोग भी इसे पसंद कर रहे हैं। इसके अलावा टाइटेनियम में अलग-अलग रंगों और फिनिश के साथ कलरफुल ज्वेलरी भी बनाई जा रही है, जो युवाओं को खासतौर पर आकर्षित कर रही है। ज्वेलरी बाजार से जुड़े लोगों का मानना है कि आने वाले समय में टाइटेनियम ज्वेलरी देश के ज्वेलरी बाजार में बड़ा हिस्सा हासिल कर सकती है, खासकर उन ग्राहकों के बीच जो फैशन, बजट और मॉडर्न लुक को एक साथ चाहते हैं। ऐसे तैयार होते हैं टाइटेनियम ज्वेलरी के रंग टाइटेनियम ज्वेलरी में रंग चढ़ाने के लिए पेंट या केमिकल कलर का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसके लिए खास एनोडाइजिंग प्रोसेस अपनाई जाती है। इस प्रोसेस में सबसे पहले टाइटेनियम ज्वेलरी को अच्छी तरह साफ किया जाता है, ताकि उसकी सतह पर धूल, तेल या किसी तरह की गंदगी न रहे। इसके बाद ज्वेलरी को एक खास इलेक्ट्रोलाइट सॉल्यूशन में डाला जाता है। फिर नियंत्रित वोल्टेज वाला इलेक्ट्रिक करंट टाइटेनियम मेटल में पास किया जाता है। करंट लगने पर टाइटेनियम की सतह पर टाइटेनियम ऑक्साइड की बेहद पतली पारदर्शी परत बनने लगती है। यही परत रंग बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाती है। इस परत की मोटाई वोल्टेज के अनुसार बदलती है। अलग-अलग मोटाई पर जब रोशनी सतह से टकराती है, तो लाइट वेव्स अलग तरीके से रिफ्लेक्ट होती हैं। इसी वजह से अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं। इसे इंटरफेरेंस कलर इफेक्ट कहा जाता है। 15 से ज्यादा रंगों में तैयार हो रही टाइटेनियम ज्वेलरी कम वोल्टेज पर हल्के गोल्ड, ब्रॉन्ज और पिंक शेड बनते हैं। वोल्टेज बढ़ाने पर बैंगनी, नीला, आसमानी, हरा और मल्टीकलर इफेक्ट दिखाई देने लगते हैं। इसी तकनीक से टाइटेनियम ज्वेलरी को 15 से ज्यादा कलर शेड में तैयार किया जाता है। इस प्रोसेस की खास बात यह है कि रंग ऊपर से चढ़ाया नहीं जाता, बल्कि मेटल की सतह पर बनने वाली ऑक्साइड लेयर से बनता है। इसलिए यह जल्दी फीका नहीं पड़ता और लंबे समय तक चमक बरकरार रहती है। साथ ही टाइटेनियम स्क्रैच-रेसिस्टेंट होने के कारण ज्वेलरी का फिनिश भी लंबे समय तक बना रहता है। डायमंड और पोलकी के साथ भी हो रहा प्रयोग कारोबारियों ने अब टाइटेनियम को डायमंड और पारंपरिक पोलकी डिजाइन के साथ भी जोड़ना शुरू कर दिया है। इसमें पूरा बेस टाइटेनियम का होता है, जबकि ऊपर डायमंड और अन्य स्टोन लगाए जाते हैं। इससे ज्वेलरी का लुक भी प्रीमियम दिखाई देता है और कीमत भी नियंत्रित रहती है। ब्रेसलेट, पेंडेंट, अंगूठी, इयर रिंग और महिलाओं के अन्य फैशन आइटम में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। 10 ग्राम टाइटेनियम ज्वेलरी की कीमत डिजाइन और फिनिशिंग के अनुसार करीब 6 हजार से 9 हजार रुपए तक बताई जा रही है। Gen Z और मिडिल क्लास की पहली पसंद ज्वेलरी कारोबारियों के अनुसार टाइटेनियम ज्वेलरी की कीमत सोने की तुलना में लगभग कम होती है। इसलिए युवा लोग और मिडिल क्लास इसे ज्यादा खरीद रहे हैं। आजकल लोग भारी पारंपरिक गहनों की जगह हल्के और मॉडर्न डिजाइन पसंद कर रहे हैं। टाइटेनियम में मिनिमल, वेस्टर्न और फ्यूजन डिजाइन आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। इसमें कई ऐसे डिजाइन बनते हैं, जिन्हें सोने में तैयार करना काफी महंगा पड़ता है।

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