रेगिस्तान की तपती धरती पर दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का भविष्य संवारने वाले एक किसान की जमा पूंजी शुक्रवार को आग की भेंट चढ़ गई। मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र के 2-एमजीएम करनीनगर में किसान खामिसे खां पुत्र दीने खां की खेत में बनी कच्ची झोपड़ी में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे झोपड़ी में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। जानकारी के अनुसार आग लगने के समय किसान खामिसे खां किसी काम से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान अचानक झोपड़ी से धुआं और आग की तेज लपटें उठने लगीं। आसपास खेतों में काम कर रहे किसानों ने आग देख तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
ग्रामीणों ने रेत और पानी डालकर पाया काबू
प्रत्यक्षदर्शी किसानों ने बताया कि झोपड़ी से आग की लपटें निकलती देख उन्होंने अन्य किसानों को बुलाया तथा खेत मालिक को फोन पर सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों ने रेत और पानी डालकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ी में रखा अधिकांश सामान जल चुका था। आग की इस भयावह घटना में नकदी, सोने-चांदी के गहने, जरूरी दस्तावेज तथा खाने-पीने का सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। किसान की वर्षों की मेहनत से जोड़ा गया सामान कुछ ही पलों में खाक में तब्दील हो गया। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में चिंता का माहौल है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित किसान को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
बीते एक सप्ताह से रात्रि में विद्युत आपूर्ति में चल रहा व्यवधान
रामगढ़ कस्बे सहित समूचे क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से रात्रि के समय विद्युत आपूर्ति में चल रहे व्यवधान के कारण लोग परेशान है। विद्युत आपूर्ति ठप् होने के कारण लोगों को भीषण गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अघोषित बिजली कटौती के चलते आमजन की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार रात्रि में करीब एक बजे गुल हुई बिजली सुबह तक बहाल नहीं होने से घरों में लगे पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े रहे, जिससे लोगों का जनजीवन प्रभावित हुआ। गर्मी के इस दौर में सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और छोटे बच्चों को उठानी पड़ रही है। रातभर बिजली नहीं रहने से लोगों की नींद खराब हो गई और गर्मी के कारण लोगों को घरों से बाहर खुले रात बितानी पड़ी।


