Train Food Booking Issue: जयपुर। रेलवे ने वंदेभारत, शताब्दी, दुरंतो और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में कैटरिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्री इसे सुविधा के बजाय असुविधा बता रहे हैं।
दरअसल, नए नियम के तहत अब एक ही पीएनआर नंबर पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को भोजन लेना होगा या फिर किसी को भी भोजन नहीं मिलेगा। इस बदलाव से खासतौर पर परिवार या समूह में सफर करने वाले यात्रियों को दिक्कत हो रही है। इस संबंध में आईआरसीटीसी का कहना है कि केटरिंग सेवा पीएनआर आधारित होती है और उसी आधार पर सभी यात्रियों को एक समान सेवा दी जाती है।
यूं समझें यात्रियों की परेशानी
जयपुर निवासी यात्री राजकुमार के अनुसार, वे गत दिनों दुरंतो ट्रेन से मुंबई गए थे। उन्हें केवल तीन लोगों के लिए भोजन बुक करना था, लेकिन सिस्टम ने इसकी अनुमति नहीं दी। मजबूरन उन्हें सभी 5 यात्रियों के लिए भोजन ऑर्डर करना पड़ा। जरूरत नहीं होने के बावजूद भोजन ऑर्डर करने पर भोजन सामग्री की बर्बादी भी हुई और जेब से पैसे खर्च हुए जो अलग।
सोशल मीडिया पर बढ़ी नाराजगी
इस बदलाव के बाद यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग खुलकर जता नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना है कि एक ही पीएनआर पर सभी यात्रियों को भोजन लेने के लिए बाध्य करना गलत है। रेलवे को इस नियम में संशोधन कर यात्रियों को विकल्प देने चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ न उठाना पड़े।
प्रीमियम ट्रेनों से होने लगा मोहभंग
रेलवे की नई कैटरिंग व्यवस्था से यात्रियों के सामने बड़ी अजीबोगरीब स्थिति बन गई है। एक पीएनआर नंबर पर यात्रा कर रहे परिवार या समूह के लोगों के सामने अब दुविधा बन गई है कि या तो वे एक साथ भोजन का ऑर्डर करें या फिर सभी भूखे रहें। यात्रियों का कहना है कि एक ही पीएनआर नंबर पर यात्रियों को भोजन लेने के लिए विवश करना रेलवे की मनमानी है। प्रीमियम ट्रेनों के लिए लागू की गई इस नई कैटरिंग व्यवस्था से यात्रियों को भारी आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है वहीं यात्रियों का अब प्रीमियम ट्रेनों से मोहभंग होना रेलवे के लिए घाटे का सौदा साबित होना तय है


