Jabalpur Cruise Accident: मध्यप्रदेश के जबलपुर में हुए हृदय विदारक हादसे ने सभी को रुला दिया। राज्य सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह भी अपने आपको नहीं रोक पाए और फूट-फूटकर रोने लगे। उन्हें देख आसपास के लोगों की भी आंखें नम हो गईं। दरअसल, कुछ ही देर पहले 4 साल के बच्चे और मां का शव निकाला गया, जिसमें मौत के बावजूद मृत मां ने अपने बेटे को सीने से लगा रखा था। एमपी के मंत्री राकेश सिंह गुरुवार शाम को और शुक्रवार को भी घटनास्थल पर मौजूद रहे।
जबलपुर की नर्मदा नदी के बरगी डैम में गुरुवार को क्रूज हादसा हुआ था। जिसका रेस्क्यू ऑपरेशन शुक्रवार को भी सुबह से जारी था। दोपहर तक क्रूज को पानी से बाहर निकाला गया। एक के बाद एक शवों को डैम से बाहर निकाला जा रहा था। हर व्यक्ति यह दुखदायी दृष्य देख दुखी था। कई लापता लोगों के परिजन भी डैम के किनारे मौजूद थे।
मीडिया के सामने रोने लगे मंत्री
जब पीडब्ल्यूडी मंत्री से इस विषय पर मीडिया बात कर रहा था। तो काफी समय से घटनास्थल पर मौजूद राकेश सिंह अपनी भावनाओं को काबू नहीं कर पाए और फूट-फूटकर रोने लगे। मंत्री ने मीडिया से सिर्फ इतना ही कहा कि बहुत दर्दनाक…। कुछ कह नहीं पाउंगा। एक मई 2026 को जब 4 साल के बच्चे का शव अपनी मां के सीने से लिपटा हुआ निकला तो इस दृश्य के बारे में वे कुछ बयां नहीं कर पाए और रोने लगे।
राकेश सिंह बोले- यह अत्यंत गंभीर घटना
मध्यप्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राकेश सिंह ने कहा कि यह एक अत्यंत दर्दनाक और गंभीर घटना है। सरकार इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अंधेरे के कारण रेस्क्यू में आई रुकावट
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि कल बारिश और अंधेरा होने की वजह से रेस्क्यू ऑपरेशन में रुकावट आई थी। पानी भी बहुत गहरा है, जिससे काम और मुश्किल हो गया था। शुक्रवार सुबह से एनडीआरएफ की टीमें और आर्मी की विशेषज्ञ यूनिट्स मौके पर पहुंच चुकी हैं और तेजी से काम कर रही हैं।
राकेश सिंह ने कहा कि अब तक 9 शव निकाले जा चुके हैं और 22 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। राकेश सिंह ने कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर हादसा है और इसमें जो भी लापरवाही या खामी सामने आएगी, उसकी जांच की जाएगी। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था और नियमों को और मजबूत किया जाएगा।


