Israel-Iran War: इजरायल और ईरान में जंग के चलते मिडिल ईस्ट एक बार फिर बारूद के ढेर पर बैठ गया है। लेबनान की राजधानी बेरूत पर इजरायली हमलों के बाद भड़के ईरान और हिज्बुल्लाह ने इजरायल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दोनों ने मिल कर इजरायल पर ड्रोन और मिसाइलों की भारी बौछार कर दी, जिसके बाद पूरे इजरायल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस बड़े हमले के जवाब में इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सीधे ईरान की धरती को निशाना बनाया। इजरायली वायुसेना ने ईरान के दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत के महशहर शहर में स्थित एक बड़े पेट्रोकेमिकल परिसर पर जोरदार मिसाइल हमला किया। सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में करुण पेट्रोकेमिकल कंपनी के एक बड़े हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है। जंग के इस खौफनाक रूप को देखते हुए प्रभावित इलाकों में एहतियातन सभी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया गया है।
ईरान के इन 4 बड़े शहरों में गूंजे धमाके
इजरायल की जवाबी कार्रवाई केवल पेट्रोकेमिकल प्लांट तक ही सीमित नहीं रही। ईरानी मीडिया के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों ने ईरान के चार सबसे महत्वपूर्ण शहरों को निशाना बनाया। ईरान की राजधानी तेहरान में भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील इस इलाके इस्फहान में भी इजरायली हमला हुआ। तबरीज और करज शहरों में भी लगातार धमाकों से दहशत का माहौल बन गया। खुद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने इन हमलों की पुष्टि की है।
पलटवार में ईरान ने इजरायली एयरपोर्ट्स को बनाया निशाना
ईरान की आईआरजीसी ने दावा किया है कि उन्होंने इजरायल के भीतर घुसकर उसके दो सबसे प्रमुख सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाया है। ईरानी मिसाइलों ने इजरायल के नेवातिम और तेल नोफ एयरपोर्ट पर सटीक हमले किए। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके रडार प्रतिष्ठानों पर हाल ही में हुए इजरायली हमलों का करारा जवाब है।
तनाव न बढ़ाने और पलटवार न करने की अपील
इस अचानक भड़की जंग पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार नजर बनाए हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात कर तनाव न बढ़ाने और पलटवार न करने की अपील की थी। शुरुआत में इस अनुरोध को स्वीकार किए जाने की खबरें थीं, लेकिन जमीनी हालात बदलते ही इजरायल ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोल दिया।
नकवी रविवार को ही ईरान के दौरे पर पहुंचे थे
इस विनाशकारी युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी थे। पाकिस्तान इस पूरे विवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। इसी सिलसिले में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी रविवार को ही ईरान के दौरे पर पहुंचे थे ताकि शांति वार्ता की जा सके। लेकिन उनके वहां पहुंचते ही दोनों देशों के बीच सीधी गोलाबारी और तेज हो गई, जिससे शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोकेमिकल संयंत्रों और सैन्य एयरबेस को निशाना बनाए जाने के बाद यह संकट एक पूर्ण युद्ध का रूप ले सकता है। दोनों देश एक-दूसरे पर लगातार बैलिस्टिक मिसाइलें दाग रहे हैं। आने वाले घंटों में संयुक्त राष्ट्र की आपातकालीन बैठक बुलाई जा सकती है और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल सकता है। (इनपुट : ANI)



STRUCK: The largest petrochemical complex in Iran, responsible for producing and exporting chemical materials for the manufacturing of explosives.