यमुनानगर में घायल शूटर ने घिसटते हुए कराई निशानदेही:बोला- गैंगस्टरों ने जिंदगी सेट करने का दिया था लालच, Ex-MLA की फैक्ट्री पर किए थे फायर

यमुनानगर में घायल शूटर ने घिसटते हुए कराई निशानदेही:बोला- गैंगस्टरों ने जिंदगी सेट करने का दिया था लालच, Ex-MLA की फैक्ट्री पर किए थे फायर

यमुनानगर में पूर्व विधायक दिलबाग सिंह की जठलाना स्थित प्लाईवुड फैक्ट्री पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में आज बुधवार को पुलिस फायरिंग केस के आरोपी शूटर हर्ष को निशानदेही के लिए कांजनू के पास लेकर पहुंची। पुलिस मुठभेड़ में टांग में गोली लगने के कारण हर्ष अभी पूरी तरह से चलने में सक्षम नहीं है। ऐसे में उसने तपती धूप में जमीन पर 20 मीटर से ज्यादा घिसटते हुए पुलिस को उन स्थानों की निशानदेही कराई, जहां वह मुठभेड़ की रात मौजूद था और जहां से उसने पुलिस पर फायरिंग की थी। आरोपी बोला- जिंदगी सेट करने का लालच दिया था निशानदेही के दौरान आरोपी हर्ष भावुक भी नजर आया। उसने कहा कि गैंगस्टरों के बहकावे में आकर उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई। हर्ष ने बताया कि उसे फायरिंग करने के बदले मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। उससे कहा गया था कि एक वारदात के बाद उसकी पूरी जिंदगी सेट हो जाएगी और उसे कभी काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लेकिन अब उसे अपनी गलती का एहसास हो चुका है। हर्ष ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि किसी भी गैंगस्टर या अपराधी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। उसने बताया कि पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद वह करीब दो महीने तक अस्पताल में भर्ती रहा, लेकिन इस दौरान उसके घर वालों के अलावा कोई भी उससे मिलने नहीं आया। जिन लोगों ने उसे अपराध के रास्ते पर धकेला था, उन्होंने भी उसकी कोई सुध नहीं ली। 30 अप्रैल को की थी ताबड़तोड़ फायरिंग जांच अधिकारी राजेश ने बताया कि इस मामले में अमन उर्फ काकू, अभिषेक और हर्ष तीनों निवासी गांव सुनहेड़ी खालसा, कुरुक्षेत्र मुख्य आरोपी हैं। तीनों ने विदेश में बैठे गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े कार्तिक पंडित के कहने पर 30 मार्च को पूर्व विधायक दिलबाग सिंह की फैक्ट्री पर फायरिंग की थी। मौके से पुलिस ने आठ गोलियों के खोल बरामद किए थे। घटना के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर नोनी राणा और शुभम पंडित ने पोस्ट डालकर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी और इसे चेतावनी बताते हुए धमकियां भी दी थीं। जांच में सामने आया कि आरोपियों को सोशल मीडिया के जरिए गैंगस्टर नेटवर्क से जोड़ा गया था। अमन ने पुलिस कस्टडी से भागने के लिए लगाई थी पुल से छलांग फायरिंग मामले में सबसे पहले पुलिस ने 8 अप्रैल को अमन उर्फ काकू को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उसे हथियारों और अन्य सबूतों की बरामदगी के लिए लेकर जा रही थी, तब उसने पुलिस को चकमा देकर खजूरी पुल से छलांग लगा दी थी। पुल से कूदने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने तुरंत उसे काबू कर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। अमन के घायल होने के बाद भी पुलिस ने जांच जारी रखी और उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई। 10 अप्रैल की रात हुई थी पुलिस से मुठभेड़ रादौर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि अमन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को सूचना मिली थी कि हर्ष और अभिषेक किसी नई वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। दोनों आरोपी कार्तिक पंडित के कहने पर 10 अप्रैल की रात कांजनू के पास नहर की पटरी पर बाइक पर पहुंचे थे। सूचना मिलते ही सीआईए और पुलिस टीमों ने इलाके में घेराबंदी कर दी। पुलिस के अनुसार जब आरोपियों को रुकने और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया तो उन्होंने भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों तरफ से करीब 14 से 15 राउंड गोलियां चलीं। मुठभेड़ के दौरान एक गोली सीआईए-2 इंचार्ज की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी लगी, लेकिन वह सुरक्षित रहे। जवाबी कार्रवाई में हर्ष के टांग में गोली लगी, जबकि उसका साथी अभिषेक मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो पिस्टल और एक बाइक भी बरामद की थी। पुलिस ने इस केस में रादौर निवासी लवीश उर्फ लक्की को भी गिरफ्तार कर चुकी है, जिस पर शूटरों को हथियार उपलब्ध कराने का आरोप है। मामले की जांच अभी भी जारी है।

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