संभल में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के एक प्रतिनिधिमंडल ने ईद-उल-अज़हा पर्व के मद्देनजर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने त्योहार के दौरान बिजली, पानी, साफ-सफाई और कानून व्यवस्था के बेहतर इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने नगर में विशेष साफ-सफाई व्यवस्था और पर्याप्त प्रशासनिक निगरानी की अपील की। ज्ञापन में विशेष रूप से कुर्बानी के बाद जानवरों के अवशेषों की शीघ्र सफाई पर जोर दिया गया। इसके लिए अतिरिक्त सफाईकर्मी और वाहन लगाने की मांग की गई। साथ ही, अवशेष वाले स्थानों पर चूना और अन्य आवश्यक सामग्री डलवाने का आग्रह किया गया, ताकि गंदगी और बीमारियों का खतरा न फैले। प्रतिनिधिमंडल ने सम्भल तहसील क्षेत्र में ईद-उल-अज़हा के अवसर पर निर्बाध बिजली आपूर्ति और पर्याप्त पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपील की कि कुर्बानी का गोश्त लाने-ले जाने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। सभी मस्जिदों के आसपास सफाई और चूने की व्यवस्था कराने तथा लोगों की शिकायतों के निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने की भी मांग की गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष असद अब्दुल्ला ने कहा कि AIMIM की पूरी टीम ईद-उल-अज़हा के पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन से सहयोग की अपील करने पहुंची है। उन्होंने जोर दिया कि पूरे जिले में अमन-चैन और कानून व्यवस्था कायम रहनी चाहिए। त्योहार के दौरान 24 घंटे बिजली आपूर्ति और पेयजल की समुचित व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है।
असद अब्दुल्ला ने मुस्लिम समुदाय से भी अपील की। उन्होंने कहा कि कुर्बानी केवल निर्धारित और परंपरागत स्थानों पर ही करें तथा खुले में कुर्बानी से बचें। उन्होंने सफाई का विशेष ध्यान रखते हुए अवशेष नगरपालिका के वाहनों को ही सौंपने का आग्रह किया, ताकि कहीं भी गंदगी या खून न फैले। एडवोकेट शकील अहमद ने कहा कि प्रशासन को त्योहार के मद्देनजर एक कंट्रोल रूम बनाना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से कानून का पालन करने और ऐसा कोई कार्य न करने की अपील की, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो। इस दौरान मेहरान तुर्की, मोहम्मद सूफियान, अनस एडवोकेट, आदिल सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।


