फर्जीवाड़ा मामले में पूर्व विधायक पप्पू खां फरार:व्यवसायी ललन कुमार ने लगाई जान की सुरक्षा की गुहार, कहा- एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी

फर्जीवाड़ा मामले में पूर्व विधायक पप्पू खां फरार:व्यवसायी ललन कुमार ने लगाई जान की सुरक्षा की गुहार, कहा- एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी

नालन्दा के वेना थाना क्षेत्र के धमौली स्थित एक फर्नीचर फैक्ट्री पर कब्जा करने, रंगदारी मांगने और फर्जीवाड़ा कर जमीन रजिस्ट्री कराने के मामले में आरोपी पूर्व विधायक नौशादुन नबी उर्फ पप्पू खां और उनके साथियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले को लेकर पीड़ित व्यवसायी ललन कुमार ने रविवार को बिहारशरीफ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर पूर्व विधायक को बचाने का आरोप लगाते हुए अपनी जान को खतरा बताया और मुख्यमंत्री व पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई। फर्जी तरीके से जमीन निबंधन का आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यवसायी ललन कुमार ने बताया कि उन्होंने साल 2021 में रहुई प्रखंड के मौजा धमौली में (खाता सं. 42, खेसरा 1310 और खाता सं. 4, खेसरा 1309) जूट उद्योग की जमीन बनारसी प्रसाद मथुरिया से अपनी पत्नी धनवन्ती देवी के नाम पर खरीदी थी। इस जमीन की घेराबंदी और अन्य विकास काम पर उन्होंने करीब 20 लाख रुपये खर्च किए थे। उनका आरोप है कि कुछ समय बाद पप्पू खां ने उस जमीन पर अपना दावा करते हुए एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर उन्होंने हथियार के बल पर मजदूरों को भगा दिया और फैक्ट्री का सामान लूट लिया। धमकी मिलने पर दर्ज कराए थे केस ललन कुमार ने बतया कि इस घटना के बाद उन्होंने बेना थाने में कांड संख्या 544/2023 दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस ने इसे दीवानी मामला बताकर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दी। इसके बाद पप्पू खां ने समझौता करने के नाम पर उन्हें एक अधिवक्ता के घर बुलाया और एक करोड़ रुपये लेकर जमीन छोड़ने का ऑफर दिया। इनकार करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। इसकी रिकॉर्डिंग के आधार पर उन्होंने दीपनगर थाने में कांड संख्या 92/2023 दर्ज कराया। जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा ललन कुमार ने बताया कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार से की, तो उनके आदेश पर नालंदा के एसपी ने बेना थाना कांड को फिर से खोला (रि-ओपन)। जांच के दौरान डीएम और अंचलाधिकारी की रिपोर्ट में यह साबित हुआ कि पप्पू खां, उनकी पत्नी आफरीन सुल्ताना और अन्य ने जाली व्यक्ति को खड़ा कर और बिना आधार-पैन कार्ड के फर्जी तरीके से जमीन का निबंधन (रजिस्ट्री) कराया था। कोर्ट ने भी पुलिस रिपोर्ट को अमान्य करते हुए आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है। ‘सफेदपोशों का मिल रहा संरक्षण’ ललन कुमार ने सवाल उठाया कि गिरफ्तारी का वारंट जारी होने के बाद भी पूर्व विधायक और अन्य आरोपी खुलेआम कैसे घूम रहे हैं? उन्होंने कहा कि क्या आसमान निगल गया या पाताल खा गया? पुलिस उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही? आम आदमी होता तो अब तक जेल में होता। उन्होंने आरोप लगाया कि पप्पू खां को बड़े नेताओं और माफियाओं का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण पुलिस उन पर कार्रवाई करने से बच रही है। 100 मजदूरों का रोजगार छिना ललन कुमार ने बताया कि डर के मारे उनकी फैक्ट्री आज भी बंद है, जिससे 100 मजदूरों का रोजगार छिन गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के जरिए कड़ी सजा दिलाई जाए और उन्हें अपनी फैक्ट्री फिर से चालू करने के लिए सुरक्षा मुहैया कराई जाए। मौके पर मौजूद संजय कुशवाहा ने भी आरोप लगाया कि पप्पू खां अपने फर्जीवाड़े को छिपाने और बचने के लिए ही चुनाव में सत्ताधारी दल (एनडीए) के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। इस अवसर पर अर्जुन प्रसाद कुशवाहा पूर्व राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रदेश महासचिव भी मौजूद रहे। नालन्दा के वेना थाना क्षेत्र के धमौली स्थित एक फर्नीचर फैक्ट्री पर कब्जा करने, रंगदारी मांगने और फर्जीवाड़ा कर जमीन रजिस्ट्री कराने के मामले में आरोपी पूर्व विधायक नौशादुन नबी उर्फ पप्पू खां और उनके साथियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले को लेकर पीड़ित व्यवसायी ललन कुमार ने रविवार को बिहारशरीफ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। उन्होंने पुलिस-प्रशासन पर पूर्व विधायक को बचाने का आरोप लगाते हुए अपनी जान को खतरा बताया और मुख्यमंत्री व पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई। फर्जी तरीके से जमीन निबंधन का आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस में व्यवसायी ललन कुमार ने बताया कि उन्होंने साल 2021 में रहुई प्रखंड के मौजा धमौली में (खाता सं. 42, खेसरा 1310 और खाता सं. 4, खेसरा 1309) जूट उद्योग की जमीन बनारसी प्रसाद मथुरिया से अपनी पत्नी धनवन्ती देवी के नाम पर खरीदी थी। इस जमीन की घेराबंदी और अन्य विकास काम पर उन्होंने करीब 20 लाख रुपये खर्च किए थे। उनका आरोप है कि कुछ समय बाद पप्पू खां ने उस जमीन पर अपना दावा करते हुए एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर उन्होंने हथियार के बल पर मजदूरों को भगा दिया और फैक्ट्री का सामान लूट लिया। धमकी मिलने पर दर्ज कराए थे केस ललन कुमार ने बतया कि इस घटना के बाद उन्होंने बेना थाने में कांड संख्या 544/2023 दर्ज कराया था। लेकिन पुलिस ने इसे दीवानी मामला बताकर अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल कर दी। इसके बाद पप्पू खां ने समझौता करने के नाम पर उन्हें एक अधिवक्ता के घर बुलाया और एक करोड़ रुपये लेकर जमीन छोड़ने का ऑफर दिया। इनकार करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां दी गईं। इसकी रिकॉर्डिंग के आधार पर उन्होंने दीपनगर थाने में कांड संख्या 92/2023 दर्ज कराया। जांच में सामने आया फर्जीवाड़ा ललन कुमार ने बताया कि जब उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार से की, तो उनके आदेश पर नालंदा के एसपी ने बेना थाना कांड को फिर से खोला (रि-ओपन)। जांच के दौरान डीएम और अंचलाधिकारी की रिपोर्ट में यह साबित हुआ कि पप्पू खां, उनकी पत्नी आफरीन सुल्ताना और अन्य ने जाली व्यक्ति को खड़ा कर और बिना आधार-पैन कार्ड के फर्जी तरीके से जमीन का निबंधन (रजिस्ट्री) कराया था। कोर्ट ने भी पुलिस रिपोर्ट को अमान्य करते हुए आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है। ‘सफेदपोशों का मिल रहा संरक्षण’ ललन कुमार ने सवाल उठाया कि गिरफ्तारी का वारंट जारी होने के बाद भी पूर्व विधायक और अन्य आरोपी खुलेआम कैसे घूम रहे हैं? उन्होंने कहा कि क्या आसमान निगल गया या पाताल खा गया? पुलिस उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही? आम आदमी होता तो अब तक जेल में होता। उन्होंने आरोप लगाया कि पप्पू खां को बड़े नेताओं और माफियाओं का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण पुलिस उन पर कार्रवाई करने से बच रही है। 100 मजदूरों का रोजगार छिना ललन कुमार ने बताया कि डर के मारे उनकी फैक्ट्री आज भी बंद है, जिससे 100 मजदूरों का रोजगार छिन गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के जरिए कड़ी सजा दिलाई जाए और उन्हें अपनी फैक्ट्री फिर से चालू करने के लिए सुरक्षा मुहैया कराई जाए। मौके पर मौजूद संजय कुशवाहा ने भी आरोप लगाया कि पप्पू खां अपने फर्जीवाड़े को छिपाने और बचने के लिए ही चुनाव में सत्ताधारी दल (एनडीए) के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। इस अवसर पर अर्जुन प्रसाद कुशवाहा पूर्व राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रदेश महासचिव भी मौजूद रहे।  

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