भागलपुर में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए 16 बेड:वार्ड में एसी और दवाइयां उपलब्ध, 3 दिन में लू से बीमार एक पेशेंट ही भर्ती

भागलपुर में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए 16 बेड:वार्ड में एसी और दवाइयां उपलब्ध, 3 दिन में लू से बीमार एक पेशेंट ही भर्ती

भागलपुर में पिछले 3 दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को हो रही है। बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पूर्वी बिहार के सबसे बड़े मायागंज अस्पताल के फैब्रिकेटेड वार्ड में विशेष हीट वेव वार्ड तैयार किया गया है। यहां 16 बेड मरीजों के लिए तैयार किए गए हैं, जबकि 16 अतिरिक्त बेड बैकअप के रूप में सुरक्षित रखे गए हैं। वार्ड को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। एसी से लेकर अन्य जरूरी उपकरण और आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, ताकि लू से ग्रसित मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है। पिछले 3 दिनों में हीट स्ट्रोक से पीड़ित एक मरीज को इस विशेष वार्ड में भर्ती कराया गया था। स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया।
रिजस्ट्रेशन के लिए 4 काउंटर रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। सुबह लगभग 10 बजे रजिस्ट्रेशन काउंटर पर 4 काउंटर चालू खे। इनमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग, महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग और एक अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था की गई थी। यहां सैकड़ों की संख्या में मरीजों की भीड़ देखी गई। हालांकि अस्पताल प्रशासन की विशेष व्यवस्था के कारण लोगों को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। हालांकि, जनरल वार्डों में भर्ती मरीजों को गर्मी से पूरी राहत नहीं मिल पा रही है।
बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा रहा वार्ड प्रभारी सविता कुमारी ने बताया कि मरीजों की सभी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। अस्पताल में आवश्यक दवाइयों और बेड की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। फिलहाल वार्ड में 16 बेड पूरी तरह तैयार हैं। इसके अतिरिक्त, आपात स्थिति के लिए 16 और बेड बैकअप के तौर पर सुरक्षित रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर एसडीयू (स्टेप डाउन यूनिट) और पेइंग वार्ड में भी बेड उपलब्ध कराए जा सकते हैं। अस्पताल हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार स्वास्थ्य प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप अस्पताल पूरी तरह तैयार है। वार्ड में एयर कंडीशनिंग, नए बेड और साफ-सुथरी बेडशीट की व्यवस्था की गई है। मरीजों के उपचार के लिए ओआरएस, विभिन्न प्रकार के फ्लुइड्स और आवश्यक एंटीबायोटिक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए वार्ड को लाइट, पंखे और एसी जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अस्पताल हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है। भागलपुर में पिछले 3 दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को हो रही है। बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है। पूर्वी बिहार के सबसे बड़े मायागंज अस्पताल के फैब्रिकेटेड वार्ड में विशेष हीट वेव वार्ड तैयार किया गया है। यहां 16 बेड मरीजों के लिए तैयार किए गए हैं, जबकि 16 अतिरिक्त बेड बैकअप के रूप में सुरक्षित रखे गए हैं। वार्ड को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। एसी से लेकर अन्य जरूरी उपकरण और आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, ताकि लू से ग्रसित मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। अस्पताल प्रबंधन की ओर से इसकी लगातार मॉनिटरिंग भी की जा रही है। पिछले 3 दिनों में हीट स्ट्रोक से पीड़ित एक मरीज को इस विशेष वार्ड में भर्ती कराया गया था। स्वस्थ होने पर घर भेज दिया गया।
रिजस्ट्रेशन के लिए 4 काउंटर रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। सुबह लगभग 10 बजे रजिस्ट्रेशन काउंटर पर 4 काउंटर चालू खे। इनमें वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग, महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग और एक अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था की गई थी। यहां सैकड़ों की संख्या में मरीजों की भीड़ देखी गई। हालांकि अस्पताल प्रशासन की विशेष व्यवस्था के कारण लोगों को अधिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। हालांकि, जनरल वार्डों में भर्ती मरीजों को गर्मी से पूरी राहत नहीं मिल पा रही है।
बुनियादी जरूरतों को पूरा किया जा रहा वार्ड प्रभारी सविता कुमारी ने बताया कि मरीजों की सभी बुनियादी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। अस्पताल में आवश्यक दवाइयों और बेड की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। फिलहाल वार्ड में 16 बेड पूरी तरह तैयार हैं। इसके अतिरिक्त, आपात स्थिति के लिए 16 और बेड बैकअप के तौर पर सुरक्षित रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर एसडीयू (स्टेप डाउन यूनिट) और पेइंग वार्ड में भी बेड उपलब्ध कराए जा सकते हैं। अस्पताल हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार स्वास्थ्य प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप अस्पताल पूरी तरह तैयार है। वार्ड में एयर कंडीशनिंग, नए बेड और साफ-सुथरी बेडशीट की व्यवस्था की गई है। मरीजों के उपचार के लिए ओआरएस, विभिन्न प्रकार के फ्लुइड्स और आवश्यक एंटीबायोटिक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। भीषण गर्मी और लू को देखते हुए वार्ड को लाइट, पंखे और एसी जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अस्पताल हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।  

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