समस्तीपुर में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान है। ऐसे में सदर अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त पंखे नहीं है। 10 बेड के प्रसव वार्ड में में मात्र 2 पंखे लगे हैं। मरीज के परिजन मिलाकर वार्ड में कुल 30 लोग हो जाते हैं। इतने लोगों को 2 पंखे से राहत नहीं मिलती है। मजबूर होकर मरीज के परिजन ने 1700 रुपए में पंखा खरीदा और वार्ड में रखा है। पीने के पानी की भी बेहतर व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में आरओ मशीन लगी है, पर वो एक साल से खराब है। मरीजों के लिए बाजार से पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है। गर्मी से राहत के लिए 6 कूलर खरीदे गए हैं, पर वार्ड में एक भी कूलर नहीं दिखा।
सदर अस्पताल में भास्कर टीम गई, हॉस्पिटल में मरीजों के लिए क्या व्यस्था रही, पढ़ें रिपोर्ट… पहले अस्पताल से कुछ तस्वीरें… शौचालय के पास पड़ा था कूलर भास्कर रिपोर्टर अस्पताल में गए तो पता चला कि अस्पताल में मरीजों के लिए 6 कूलर खरीदे गए हैं, 5 कूलर अस्पताल में कहीं दिखे ही नहीं। एक दिखा भी तो वो शौचालय के बाहर पड़ा हुआ था। लोगों को कूलर का लाभ नहीं मिल रहा है। शुद्ध पीने के लिए सुधा के सौजन्य से ओपीडी और वार्ड के लिए 2 जगहों पर आरओ वाटर ट्रिटमेंट प्लांट लगाया गया, लेकिन दोनों जगह पर आरओ पानी का प्लांट खराब है। मशिन में जंग लग गया है। लोगों को बोतलबंद पानी खरीद कर लाना होता है। समान्य और गरीब मरीज नल का पानी पीते हैं। अस्पताल में मरीज के परिजनों ने क्या कहा… शिकायत की है, पर कोई सुनने वाला नहीं सदर अस्पताल के महिला वार्ड में बेड नंबर-1 पर कल्याणपुर के सोरमार की चुलबुल कुमारी 7 दिन से भर्ती है। ऑपरेशन से बच्चा हुआ है। चुलबुल के भाई हर्ष कुमार ने कहा कि वार्ड में सिर्फ 2 ही पंखे लगे हैं। शिकायत की है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। बाजार से खुद ही पंखा खरीदकर लाया है। यहां से जाएंगे तो पंखा साथ ले जाएंगे।
पंखे काफी ऊंचाई पर लगे हैं, हवा नहीं आती है
समान्य प्रसव वार्ड में वारिसनगर सुखपुर गांव के मो. गुलाब ने बताया कि वार्ड में 10 बेड है, लेकिन इस वार्ड में मरीज और परिजन को मिलाकर 30 से अधिक लोग हैं। वार्ड में 2 पंखे लगे हैं। जो काफी उपर है। स्पीड भी नहीं है। गर्मी से लोग परेशान हैं। वार्ड में पंखा की संख्या बढ़ानी चाहिए। जेनरेटर से राहत, बिजली नहीं जाती सदर अस्पताल में लाइन कटने की स्थिति में जेनरेटर की व्यवस्था प्रयाप्त है। जिससे लोगों को दिक्कत नहीं है। इमरजेंसी, ओपीडी और वार्ड और ऑक्सीजन प्लांट के लिए अलग-अलग जेनरेटर की व्यवस्था है। सदर अस्पताल में एईई वार्ड खोला जाता है, लेकिन इस साल अबतक एईई वार्ड अबतक नहीं खोला गया है। हालांकि लू से मरीजों को बचाने के लिए प्रयाप्त मात्रा में ओआरएस और पारासिटामोल दवा का स्टॉक किया गया है। समस्तीपुर में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान है। ऐसे में सदर अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त पंखे नहीं है। 10 बेड के प्रसव वार्ड में में मात्र 2 पंखे लगे हैं। मरीज के परिजन मिलाकर वार्ड में कुल 30 लोग हो जाते हैं। इतने लोगों को 2 पंखे से राहत नहीं मिलती है। मजबूर होकर मरीज के परिजन ने 1700 रुपए में पंखा खरीदा और वार्ड में रखा है। पीने के पानी की भी बेहतर व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में आरओ मशीन लगी है, पर वो एक साल से खराब है। मरीजों के लिए बाजार से पानी खरीदकर लाना पड़ रहा है। गर्मी से राहत के लिए 6 कूलर खरीदे गए हैं, पर वार्ड में एक भी कूलर नहीं दिखा।
सदर अस्पताल में भास्कर टीम गई, हॉस्पिटल में मरीजों के लिए क्या व्यस्था रही, पढ़ें रिपोर्ट… पहले अस्पताल से कुछ तस्वीरें… शौचालय के पास पड़ा था कूलर भास्कर रिपोर्टर अस्पताल में गए तो पता चला कि अस्पताल में मरीजों के लिए 6 कूलर खरीदे गए हैं, 5 कूलर अस्पताल में कहीं दिखे ही नहीं। एक दिखा भी तो वो शौचालय के बाहर पड़ा हुआ था। लोगों को कूलर का लाभ नहीं मिल रहा है। शुद्ध पीने के लिए सुधा के सौजन्य से ओपीडी और वार्ड के लिए 2 जगहों पर आरओ वाटर ट्रिटमेंट प्लांट लगाया गया, लेकिन दोनों जगह पर आरओ पानी का प्लांट खराब है। मशिन में जंग लग गया है। लोगों को बोतलबंद पानी खरीद कर लाना होता है। समान्य और गरीब मरीज नल का पानी पीते हैं। अस्पताल में मरीज के परिजनों ने क्या कहा… शिकायत की है, पर कोई सुनने वाला नहीं सदर अस्पताल के महिला वार्ड में बेड नंबर-1 पर कल्याणपुर के सोरमार की चुलबुल कुमारी 7 दिन से भर्ती है। ऑपरेशन से बच्चा हुआ है। चुलबुल के भाई हर्ष कुमार ने कहा कि वार्ड में सिर्फ 2 ही पंखे लगे हैं। शिकायत की है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। बाजार से खुद ही पंखा खरीदकर लाया है। यहां से जाएंगे तो पंखा साथ ले जाएंगे।
पंखे काफी ऊंचाई पर लगे हैं, हवा नहीं आती है
समान्य प्रसव वार्ड में वारिसनगर सुखपुर गांव के मो. गुलाब ने बताया कि वार्ड में 10 बेड है, लेकिन इस वार्ड में मरीज और परिजन को मिलाकर 30 से अधिक लोग हैं। वार्ड में 2 पंखे लगे हैं। जो काफी उपर है। स्पीड भी नहीं है। गर्मी से लोग परेशान हैं। वार्ड में पंखा की संख्या बढ़ानी चाहिए। जेनरेटर से राहत, बिजली नहीं जाती सदर अस्पताल में लाइन कटने की स्थिति में जेनरेटर की व्यवस्था प्रयाप्त है। जिससे लोगों को दिक्कत नहीं है। इमरजेंसी, ओपीडी और वार्ड और ऑक्सीजन प्लांट के लिए अलग-अलग जेनरेटर की व्यवस्था है। सदर अस्पताल में एईई वार्ड खोला जाता है, लेकिन इस साल अबतक एईई वार्ड अबतक नहीं खोला गया है। हालांकि लू से मरीजों को बचाने के लिए प्रयाप्त मात्रा में ओआरएस और पारासिटामोल दवा का स्टॉक किया गया है।


