यदि आप भी लगाते हैं नकली दांत तो जरुरी है आपके लिए यह खबर, BHU में आया अनोखा मामला, मरते-मरते बचा मरीज

यदि आप भी लगाते हैं नकली दांत तो जरुरी है आपके लिए यह खबर, BHU में आया अनोखा मामला, मरते-मरते बचा मरीज

वाराणसी: अगर आप भी नकली दांत लगाकर खाना खाते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि यह खबर ऐसे लोगों के लिए ही है, जो असली दांत की जगह नकली दांत लगवा कर खाना खाते हैं। वाराणसी में डॉक्टरों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसके बाद नकली दांत लगाने वाले लोगों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है। यहां एक शख्श ने खाना खाते समय नकली दांत निगल लिया जो उसके खाने की नली में जाकर फंस गया और मरीज की हालत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी।

खाना नहीं खा पर रहा था शख्श

बताया जा रहा है की शुरुआत में शख्स को साधारण सी परेशानी महसूस हुई, लेकिन बाद में बाद में स्थिति बिगड़ गई और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह खाना भी नहीं खा पा रहा था। करीब 20 दिनों तक यह समस्या मरीज के साथ बनी रही, जिसके बाद उसने डॉक्टर से परामर्श लिया और जांच करवाई। जांच करवाने के बाद उसके पैरों तले से जमीन ही खिसक गई।

BHU के डॉक्टर्स ने संभाली कमान

शख्स ने डॉक्टर से जांच करवाई तो पता चला कि खाना खाने के लिए लगाया गया नकली दांत उसके खाने की नली में फंस गया था। उसके बाद उसे काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा और इसके बाद गैस्ट्रोलॉजी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉक्टर अनुराग तिवारी और उनकी टीम ने मरीज के इलाज को लेकर कमर कसी।

खाने की नली फटने का था डर

डॉ अनुराग तिवारी ने बताया कि अमूमन खाने की नली में फंसी हुई किसी भी वस्तु को निकलना कठिन नहीं होता, लेकिन यह एक ऐसा कठिन कार्य था, जिसको टीम ने युद्ध स्तर पर अंजाम देने का मन बनाया उन्होंने बताया कि मरीज की खाने की नली में नकली दांत इस कदर फसा हुआ था कि उसे निकालने के दौरान नली के ही फटने का खतरा बना हुआ था। ऐसे में यह प्रक्रिया काफी सावधानी से करनी पड़ी।

45 मिनट तक चली प्रक्रिया

उन्होंने बताया कि करीब 45 मिनट तक एंडोस्कोपी की प्रक्रिया की गई। इसके बाद सफलतापूर्वक नकली दांत को बाहर निकाल लिया गया और इसके बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार होने लगा। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि डॉक्टरों ने इस प्रक्रिया के केवल 2 घंटे बाद ही मरीज को खाना खाने की भी अनुमति दे दी।

डॉक्टर ने दी यह सलाह

डॉ अनुराग तिवारी ने बताया है कि प्रक्रिया के बाद मरीज को घर भेज दिया गया था और फिलहाल उसकी स्थिति पहले से कहीं ज्यादा बेहतर है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। उन्होंने बताया कि नकली दांत लगवाने वाले मरीजों को खाना खाते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि नकली दांत ढीले हों या ठीक से फिट नहीं बैठ रहे हों तो सीधे उन्हें संबंधित डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

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