Why are Kind People Lonely: अक्सर देखने में लगता है कि जो इंसान दूसरों की मदद करता है, हमेशा मौजूद रहता है और सबकी सुनता है, उसके पास दोस्तों की कमी नहीं होनी चाहिए। लेकिन असल जिंदगी में ये लोग अकेले रहते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि उनमें कोई कमी है, बल्कि इसका कारण कुछ ऐसे अनजाने व्यवहार हो सकते हैं जो दोस्ती को गहरा होने से रोकते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर ऐसी कौन सी वजह है जिसकी वजह से सबकी मदद करने वाले और सबके लिए मौजूद रहने वाले इंसान के पास सच्चे दोस्तों की कमी रह जाती है।
सलाह देने के बजाय साथ देना है जरूरी (Advice is not always support)
अक्सर जब कोई अपना दुख बताता है, तो लोग तुरंत उसे ठीक करने के लिए सलाह देने लगते हैं। उन्हें लगता है कि वे मदद कर रहे हैं, लेकिन सामने वाले को ऐसे में लग सकता है कि उसे मैनेज किया जा रहा है। रिसर्च कहती है कि जब कोई अपनी परेशानी सुनाता है, तो उसे समाधान से ज्यादा यह सुनने की जरूरत होती है कि कोई उसकी भावना को समझ रहा है।
भरोसा धीरे धीरे बनता है (Trust needs pacing)
कुछ लोग पहली बार मिलते ही अपनी सारी निजी बातें, डर और पुराने जख्म साझा कर देते हैं। सुनने में यह खुलापन लग सकता है, लेकिन रिश्ते में गहराई एक सीढ़ी की तरह आती है, न कि एक झटके में। अगर आप बहुत जल्दी बहुत ज्यादा बातें साझा करते हैं, तो सामने वाला असहज महसूस कर सकता है। दोस्ती में भरोसा तभी पनपता है जब दोनों तरफ से बराबर और धीरे-धीरे बातें साझा की जाएं। इसलिए हर बात को बताने की जल्दबाजी न करें।
मदद करने की सीमा तय करें (The helper trap)
जो लोग हमेशा हां कहते हैं, वे अनजाने में खुद को केवल मददगार के रूप में फंसा लेते हैं। दोस्ती में लेन-देन यानी बराबरी का होना बहुत जरूरी है। अगर आप हमेशा मदद करते रहेंगे और कभी अपनी दिक्कतें नहीं बताएंगे, तो रिश्ता गहरा नहीं, बल्कि केवल जरूरत वाला बन जाएगा। अपनी सीमाएं तय करना गलत नहीं है, बल्कि यह रिश्तों को ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक टिकाऊ बनाता है।
सबको खुश करने में लगे रहना (Being liked is not being known)
बहुत से लोग सबको पसंद आने के लिए अपनी पसंद और राय को दूसरों के हिसाब से ढाल लेते हैं। वे ऐसे मजाक पर हंसते हैं जो उन्हें पसंद नहीं, या अपनी राय दबा लेते हैं ताकि झगड़ा न हो। आप इससे अच्छे तो बन जाते हैं, लेकिन आप असली नहीं दिखते। दोस्ती तब गहरी होती है जब आप जैसे हैं, वैसे ही सामने आएं। इसलिए ऐसा ना करें।
मदद मांगने का मौका देना (Letting others show up)
अक्सर दयालु लोग जब खुद किसी मुसीबत में होते हैं, तो वे यह सोचकर मदद नहीं मांगते कि कहीं वे दूसरों पर बोझ न बन जाएं। लेकिन रिसर्च कहती है कि जब आप किसी दोस्त को अपनी मदद करने का मौका देते हैं, तो इससे आपका रिश्ता गहरा होता है। दोस्ती सिर्फ साथ देने में नहीं, बल्कि साथ मांगने में भी होती है।


