‘पति ने मेरे लिए नहीं, पैर टूटने पर बेची जमीन’:BPSC शिक्षिका बोली-खुद के दम पर ली नौकरी; भास्कर के सवालों पर गुंजन के जवाब जानिए

‘पति ने मेरे लिए नहीं, पैर टूटने पर बेची जमीन’:BPSC शिक्षिका बोली-खुद के दम पर ली नौकरी; भास्कर के सवालों पर गुंजन के जवाब जानिए

“मैं पिछले तीन साल से अकेले किराए के मकान में रह रही हूं। बच्चे के लिए खाना बनाना, उसे पढ़ाना और ड्यूटी पर जाना, क्या यह सब इतना आसान है? एक लड़की इससे ज्यादा और क्या करे? मैंने खुद मेहनत करके नौकरी हासिल की। बीएड एंट्रेंस निकलने के बाद उन्होंने (पति) एक रुपए की भी मदद नहीं की। अब वे कह रहे हैं कि मेरा अफेयर चल रहा है, और पूरा समाज पुरुषवादी सोच के साथ मुझ पर टिप्पणी कर रहा है। वे सिर्फ मर्दों का पक्ष देखते हैं, क्या यही न्याय है?” देशभर में इन दिनों सुर्खियों में चल रही वैशाली की 28 साल की BPSC टीचर गुंजन कुमारी ने शनिवार को दैनिक भास्कर से बातचीत की और अपने ऊपर लगे सभी आरोपों पर सफाई दी। क्या गुंजन वास्तव में किसी अफेयर में हैं? क्या उन्होंने दूसरी शादी के लिए पति को तलाक देने का फैसला किया है? शादी से लेकर BPSC शिक्षिका बनने और वर्तमान में चल रहे पूरे विवाद की कहानी को सवाल-जवाब के जरिए पढ़िए… लेकिन उससे पहले 3 तस्वीरें… अब पढ़िए भास्कर के सवालों पर शिक्षिका का जवाब बीपीएससी की तैयारी कब, कहां और कैसे की? जवाब- साल 2018 में हाजीपुर के यादव चौक के पास मेरे पति ने एक किराए का मकान लिया, ताकि उनकी दुकान अमन प्रिंटिंग एंड डिजिटल तक आने-जाने में आसानी हो। मैं अपने पति और बच्चे के साथ उसी किराए के मकान में रहती थी। इस दौरान सब कुछ सामान्य चल रहा था। मैं बीएड पास कर चुकी थी और सीटेट की तैयारी कर रही थी। अगले साल मेरा सीटेट निकल गया। लेकिन बिहार सरकार की योजनाएं बंद हो गई थीं, जिस वजह से मुझे नौकरी नहीं मिल पाई। इसके बावजूद मैं लगातार मेहनत करती रही। पति से अनबन की शुरुआत कैसे हुई? जवाब- साल 2020 में मेरी एक सहेली, जो ब्यूटिशियन है, मुझसे मिलने आया करती थी। कई बार आने-जाने के दौरान उसकी मुलाकात मेरे पति से भी हुई। इसके कुछ दिनों बाद मेरे पति का उससे लगाव बढ़ने लगा। मैंने कई बार दोनों को अकेले में बातें करते देखा। शुरुआत में मैंने इसे नजरअंदाज किया और अपनी पढ़ाई पर ही ध्यान देती रही। लेकिन पति का रवैया दिन-प्रतिदिन बदलता गया। उनका ध्यान मुझसे, अपने काम से और बच्चों से हटकर मेरी सहेली पर केंद्रित हो गया। जो भी पैसे थे, वे उस महिला पर खर्च करने लगे। इसी दौरान उनका पैर भी टूट गया, जिसके बाद उन्होंने काम छोड़ दिया। वे पूरी तरह बेरोजगार होकर घर बैठ गए। घर का खर्च चलाने के लिए उन्होंने जमीन बेची, लेकिन यह कहना कि जमीन मेरी पढ़ाई के लिए बेची गई थी, पूरी तरह गलत है। क्या आपने बच्चे और पति से ज्यादा खुद को महत्व दिया? जवाब- लोगों को ऐसा लग रहा है। मैं सोशल मीडिया पर कुछ पुरुषवादी सोच वाले लोगों के तरह-तरह के कमेंट्स देख रही हूं, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आपके सवाल के जवाब में मैं इतना कहना चाहूंगी कि साल 2021 में कोरोना महामारी के दौरान मैं अपने बच्चे के साथ लगभग अकेली हो गई थी। मुझे पति का बिल्कुल भी साथ नहीं मिल रहा था। खुद पढ़ाई करना, बच्चे को पढ़ाना और घर संभालना सब कुछ मुश्किल हो गया था। उस समय मेरे पास नौकरी भी नहीं थी। तब मुझे अपने मामा की मदद लेनी पड़ी। मैं हाजीपुर छोड़कर उनके यहां रहने लगी और वहीं से बीपीएससी की परीक्षा दी और पास की। साल 2023 में मेरी नौकरी लग गई। तब तक मेरे पति को मेरी कोई चिंता नहीं थी कि मैं किस हालत में हूं, कहां हूं या बच्चा कहां है। मैं पिछले तीन साल से अकेले किराए के मकान में रह रही हूं। बच्चे के लिए खाना बनाना, उसे पढ़ाना और ड्यूटी पर जाना, क्या यह सब इतना आसान है? एक लड़की इससे ज्यादा और क्या कर सकती है? नौकरी पाने के बाद आपने परिवार जोड़ने की कोशिश की? जवाब- जी हां। नौकरी लगने के बाद भी मैंने अपने पति को वापस सही रास्ते पर लाने की कोशिश की। मैंने उनसे कहा कि वे जो भी गलतियां कर रहे हैं, उन्हें छोड़कर परिवार के साथ रहें। लेकिन उस समय तक उन्हें यह भी होश नहीं था कि उनका एक बच्चा और पत्नी भी है। मैं एक पत्नी के रूप में जितना कर सकती थी, उतना मैंने किया। पूरे मामले पर सोशल मीडिया यूजर्स का रिएक्शन पति का कहना है कि दूसरी शादी के लिए आपने तलाक की अर्जी दी जवाब- यह बिल्कुल भी सही नहीं है। साल 2023 में ट्रेनिंग के बाद पोस्टिंग से पहले मैंने अपनी सहकर्मी शिक्षिकाओं के साथ दार्जिलिंग ट्रिप की योजना बनाई थी। दार्जिलिंग जाने से पहले हमने अपने घर वालों को इसकी जानकारी दी थी। दार्जिलिंग जाने के बाद भी मैं लगातार वीडियो कॉल के जरिए घरवालों को वहां की एक-एक गतिविधि दिखाती रही। उस समय के सारे वीडियो आज भी मेरे पास मौजूद हैं। मैं दार्जिलिंग जाने से पहले बच्चे को अपने पति के पास छोड़कर गई थी। इसी बात को लेकर मेरे पति मुझ पर आरोप लगा रहे हैं कि मैं किसी कथित व्यक्ति के साथ गई थी और मेरा उससे अफेयर है। यही बात वे मीडिया में भी कह रहे हैं। कोर्ट में तलाक का केस कहां तक पहुंचा है? जवाब- साल 2025 में मैंने वैशाली के परिवार न्यायालय में बीते सात वर्षों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए तलाक की अर्जी दायर की थी। तलाक के मामले में मैंने अपने पति के अफेयर से जुड़े तथ्यों को भी प्रस्तुत किया है। पति से जवाब तलब किया गया था। इसी बीच उन्होंने भी मेरे ऊपर अफेयर समेत कई आरोप न्यायालय के समक्ष लगाए, लेकिन वे उनमें से एक भी आरोप साबित नहीं कर पाए हैं। मामले की सुनवाई जारी है। मुझे न्याय मिलने की उम्मीद है। बच्चे को पाने का प्रयास किया? उसकी कस्टडी पर क्या कहना है? जवाब- इस पूरे मामले में मेरे बच्चे को घसीटा जा रहा है। साल 2022 से मैं अपने पति से अलग रह रही हूं, लेकिन अपने बच्चे से कभी अलग नहीं रही। आज भी मैंने न्यायालय से अनुरोध किया है कि मुझे मेरा बच्चा चाहिए। मैं मीडिया के साथियों से भी अनुरोध करती हूं कि मुझे मेरा बच्चा दिलाने में सहयोग करें। जब समय खराब था, तब मैंने ही उसे पाला-पोसा। ऐसे में उसके ऊपर मेरा अधिकार कैसे नहीं हो सकता? उसी बच्चे की वजह से मैं इन दिनों अपने पति के संपर्क में थी और लगातार उसका हालचाल लेती रहती थी। आज वह जो कुछ भी बोल रहा है, उसे सिखाया जा रहा है। वह नाबालिग है। मैं जानती हूं कि वह मेरे बारे में कुछ भी गलत नहीं बोल सकता। “मैं पिछले तीन साल से अकेले किराए के मकान में रह रही हूं। बच्चे के लिए खाना बनाना, उसे पढ़ाना और ड्यूटी पर जाना, क्या यह सब इतना आसान है? एक लड़की इससे ज्यादा और क्या करे? मैंने खुद मेहनत करके नौकरी हासिल की। बीएड एंट्रेंस निकलने के बाद उन्होंने (पति) एक रुपए की भी मदद नहीं की। अब वे कह रहे हैं कि मेरा अफेयर चल रहा है, और पूरा समाज पुरुषवादी सोच के साथ मुझ पर टिप्पणी कर रहा है। वे सिर्फ मर्दों का पक्ष देखते हैं, क्या यही न्याय है?” देशभर में इन दिनों सुर्खियों में चल रही वैशाली की 28 साल की BPSC टीचर गुंजन कुमारी ने शनिवार को दैनिक भास्कर से बातचीत की और अपने ऊपर लगे सभी आरोपों पर सफाई दी। क्या गुंजन वास्तव में किसी अफेयर में हैं? क्या उन्होंने दूसरी शादी के लिए पति को तलाक देने का फैसला किया है? शादी से लेकर BPSC शिक्षिका बनने और वर्तमान में चल रहे पूरे विवाद की कहानी को सवाल-जवाब के जरिए पढ़िए… लेकिन उससे पहले 3 तस्वीरें… अब पढ़िए भास्कर के सवालों पर शिक्षिका का जवाब बीपीएससी की तैयारी कब, कहां और कैसे की? जवाब- साल 2018 में हाजीपुर के यादव चौक के पास मेरे पति ने एक किराए का मकान लिया, ताकि उनकी दुकान अमन प्रिंटिंग एंड डिजिटल तक आने-जाने में आसानी हो। मैं अपने पति और बच्चे के साथ उसी किराए के मकान में रहती थी। इस दौरान सब कुछ सामान्य चल रहा था। मैं बीएड पास कर चुकी थी और सीटेट की तैयारी कर रही थी। अगले साल मेरा सीटेट निकल गया। लेकिन बिहार सरकार की योजनाएं बंद हो गई थीं, जिस वजह से मुझे नौकरी नहीं मिल पाई। इसके बावजूद मैं लगातार मेहनत करती रही। पति से अनबन की शुरुआत कैसे हुई? जवाब- साल 2020 में मेरी एक सहेली, जो ब्यूटिशियन है, मुझसे मिलने आया करती थी। कई बार आने-जाने के दौरान उसकी मुलाकात मेरे पति से भी हुई। इसके कुछ दिनों बाद मेरे पति का उससे लगाव बढ़ने लगा। मैंने कई बार दोनों को अकेले में बातें करते देखा। शुरुआत में मैंने इसे नजरअंदाज किया और अपनी पढ़ाई पर ही ध्यान देती रही। लेकिन पति का रवैया दिन-प्रतिदिन बदलता गया। उनका ध्यान मुझसे, अपने काम से और बच्चों से हटकर मेरी सहेली पर केंद्रित हो गया। जो भी पैसे थे, वे उस महिला पर खर्च करने लगे। इसी दौरान उनका पैर भी टूट गया, जिसके बाद उन्होंने काम छोड़ दिया। वे पूरी तरह बेरोजगार होकर घर बैठ गए। घर का खर्च चलाने के लिए उन्होंने जमीन बेची, लेकिन यह कहना कि जमीन मेरी पढ़ाई के लिए बेची गई थी, पूरी तरह गलत है। क्या आपने बच्चे और पति से ज्यादा खुद को महत्व दिया? जवाब- लोगों को ऐसा लग रहा है। मैं सोशल मीडिया पर कुछ पुरुषवादी सोच वाले लोगों के तरह-तरह के कमेंट्स देख रही हूं, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। आपके सवाल के जवाब में मैं इतना कहना चाहूंगी कि साल 2021 में कोरोना महामारी के दौरान मैं अपने बच्चे के साथ लगभग अकेली हो गई थी। मुझे पति का बिल्कुल भी साथ नहीं मिल रहा था। खुद पढ़ाई करना, बच्चे को पढ़ाना और घर संभालना सब कुछ मुश्किल हो गया था। उस समय मेरे पास नौकरी भी नहीं थी। तब मुझे अपने मामा की मदद लेनी पड़ी। मैं हाजीपुर छोड़कर उनके यहां रहने लगी और वहीं से बीपीएससी की परीक्षा दी और पास की। साल 2023 में मेरी नौकरी लग गई। तब तक मेरे पति को मेरी कोई चिंता नहीं थी कि मैं किस हालत में हूं, कहां हूं या बच्चा कहां है। मैं पिछले तीन साल से अकेले किराए के मकान में रह रही हूं। बच्चे के लिए खाना बनाना, उसे पढ़ाना और ड्यूटी पर जाना, क्या यह सब इतना आसान है? एक लड़की इससे ज्यादा और क्या कर सकती है? नौकरी पाने के बाद आपने परिवार जोड़ने की कोशिश की? जवाब- जी हां। नौकरी लगने के बाद भी मैंने अपने पति को वापस सही रास्ते पर लाने की कोशिश की। मैंने उनसे कहा कि वे जो भी गलतियां कर रहे हैं, उन्हें छोड़कर परिवार के साथ रहें। लेकिन उस समय तक उन्हें यह भी होश नहीं था कि उनका एक बच्चा और पत्नी भी है। मैं एक पत्नी के रूप में जितना कर सकती थी, उतना मैंने किया। पूरे मामले पर सोशल मीडिया यूजर्स का रिएक्शन पति का कहना है कि दूसरी शादी के लिए आपने तलाक की अर्जी दी जवाब- यह बिल्कुल भी सही नहीं है। साल 2023 में ट्रेनिंग के बाद पोस्टिंग से पहले मैंने अपनी सहकर्मी शिक्षिकाओं के साथ दार्जिलिंग ट्रिप की योजना बनाई थी। दार्जिलिंग जाने से पहले हमने अपने घर वालों को इसकी जानकारी दी थी। दार्जिलिंग जाने के बाद भी मैं लगातार वीडियो कॉल के जरिए घरवालों को वहां की एक-एक गतिविधि दिखाती रही। उस समय के सारे वीडियो आज भी मेरे पास मौजूद हैं। मैं दार्जिलिंग जाने से पहले बच्चे को अपने पति के पास छोड़कर गई थी। इसी बात को लेकर मेरे पति मुझ पर आरोप लगा रहे हैं कि मैं किसी कथित व्यक्ति के साथ गई थी और मेरा उससे अफेयर है। यही बात वे मीडिया में भी कह रहे हैं। कोर्ट में तलाक का केस कहां तक पहुंचा है? जवाब- साल 2025 में मैंने वैशाली के परिवार न्यायालय में बीते सात वर्षों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए तलाक की अर्जी दायर की थी। तलाक के मामले में मैंने अपने पति के अफेयर से जुड़े तथ्यों को भी प्रस्तुत किया है। पति से जवाब तलब किया गया था। इसी बीच उन्होंने भी मेरे ऊपर अफेयर समेत कई आरोप न्यायालय के समक्ष लगाए, लेकिन वे उनमें से एक भी आरोप साबित नहीं कर पाए हैं। मामले की सुनवाई जारी है। मुझे न्याय मिलने की उम्मीद है। बच्चे को पाने का प्रयास किया? उसकी कस्टडी पर क्या कहना है? जवाब- इस पूरे मामले में मेरे बच्चे को घसीटा जा रहा है। साल 2022 से मैं अपने पति से अलग रह रही हूं, लेकिन अपने बच्चे से कभी अलग नहीं रही। आज भी मैंने न्यायालय से अनुरोध किया है कि मुझे मेरा बच्चा चाहिए। मैं मीडिया के साथियों से भी अनुरोध करती हूं कि मुझे मेरा बच्चा दिलाने में सहयोग करें। जब समय खराब था, तब मैंने ही उसे पाला-पोसा। ऐसे में उसके ऊपर मेरा अधिकार कैसे नहीं हो सकता? उसी बच्चे की वजह से मैं इन दिनों अपने पति के संपर्क में थी और लगातार उसका हालचाल लेती रहती थी। आज वह जो कुछ भी बोल रहा है, उसे सिखाया जा रहा है। वह नाबालिग है। मैं जानती हूं कि वह मेरे बारे में कुछ भी गलत नहीं बोल सकता।  

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