“मेरा पति असलम नेपाल में रहता है, काफी दिनों से घर नहीं आया था। उसके दोस्त से मेरा अफेयर हो गया था। इसका शक पति को हो गया था। दो दिनों से अजय घर आने के लिए कह रहा था, कहता था– ‘लुधियाना से तुम्हारे लिए गिफ्ट लेकर आया हूं, एक बार मिल लो।’ मैंने सोचा उसे रात में बुलाऊंगी ताकि किसी को पता नहीं चले, लेकिन मेरी किस्मत खराब थी। जैसे ही वो घर आया तो मेरा पति भी आ गया। उसने उसको बहुत पीटा, उसके प्राइवेट पार्ट में आग लगा दी और गला घोंटकर मार दिया।” ये कबूलनामा उस महिला तब्बू का है, जिसके दोस्त को उसके पति ने ही मार दिया। गिरफ्तारी के बाद महिला ने पुलिस के सामने अपने प्रेम संबंध और हत्या की पूरी कहानी बताई। फिलहाल पुलिस पति असलम की तलाश में जुटी हुई है। तब्बू का उसके बॉयफ्रेंड से अफेयर कब से चल रहा था? कैसे पति को शक हुआ ? कैसे उसने हत्या की? पढ़िए पुलिस के सामने कबूलनामा…जो बयान में दर्ज हुआ…
सबसे पहले जानिए कैसे बॉयफ्रेंड तब्बू के करीब आया
साल 2020 में छतौनी थाना क्षेत्र के बड़ा बरियापुर निवासी 19 साल की तब्बू खातून ने घर से भागकर अपने चचेरे भाई 24 वर्षीय मोहम्मद असलम से शादी कर ली थी। शादी को लेकर दोनों परिवार राजी नहीं थे। इसके बाद तब्बू और असलम लोहरिया पंचायत में किराए के मकान में रहने लगे। असलम पिकअप ड्राइवर का काम करता था। ड्राइविंग उसे उसके दोस्त अजय ने सिखाई थी। अजय का घर असलम के घर से करीब 400 मीटर दूर था। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। तब्बू को घर से भगाने से लेकर किराए के मकान में बसाने तक में अजय ने काफी मदद की थी, जिससे असलम को उस पर पूरा भरोसा था। वह अक्सर अजय को घर पर चाय-नाश्ते के लिए बुलाने लगा। इसी दौरान अजय की पहचान तब्बू से हुई। तब्बू के मुताबिक, जब भी उसे असलम की जानकारी लेनी होती थी, वह अजय को फोन कर पूछती थी। करीब एक साल तक ऐसा ही चलता रहा। लॉकडाउन के दौरान असलम की नौकरी चली गई, तो अजय ने ही उसे दूसरी नौकरी दिलवाई। साल 2023 तक आते-आते तब्बू और अजय के बीच की सामान्य जान-पहचान दोस्ती में बदल गई। दोनों फोन पर बातचीत करने लगे। तब्बू का कहना है कि अजय उसे पसंद करता था और उसके करीब आना चाहता था, जबकि वह उसे सिर्फ दोस्त मानती थी। तब्बू ने बताया कि अजय अक्सर कहता था कि अगर वह उससे अकेले में मिलेगी और बात करेगी, तो वह शराब पीना छोड़ देगा। असलम के ड्यूटी पर रहने के दौरान भी अजय किसी न किसी बहाने घर आ जाता था। तब्बू ने पुलिस को बताया कि संतान नहीं होने की वजह से वह अजय से बातें कर लिया करती थी और इसी दौरान दोनों का मिलना-जुलना बढ़ता गया। अगस्त 2023 में तब्बू को बच्चा हुआ। इसके बाद उसने अजय से बातचीत कम कर दी और परिवार पर ध्यान देने लगी। हालांकि, इस दौरान दोनों ने साथ में कुछ तस्वीरें भी खिंचवाई थीं, जो अजय के मोबाइल में मौजूद थीं। पति नेपाल भागा, लौटकर मुझे पीटा महिला ने बताया, “साल 2024 में पति असलम की पिकअप से एक व्यक्ति को ठोकर लग गई, जिसमें उसकी मौत हो गई। पुलिस फरार ड्राइवर को ढूंढ रही थी। इसी से बचने के लिए असलम नेपाल भाग गया और वहीं काम करने लगा। वह कभी-कभी फोन करता था, तो बातें हो जाती थीं। जरूरत पड़ने पर कुछ पैसे भी भेजता था। इधर, अजय अक्सर मुझसे मिलने की कोशिश करता था। वह किसी न किसी बहाने घर आ जाता था, लेकिन जब उसे लगा कि मैं उससे दूरी बना रही हूं, तो उसने मेरे साथ खिंचवाई फोटो मेरे पति को भेज दी और अवैध रिश्ते का दावा कर दिया। मेरा पति नाराज होकर नेपाल से सीधा मेरे पास पहुंचा और मुझे पीटा। इसके बाद वह मुझे किराए के कमरे से अपने घर ले गया, जहां मेरा ससुराल था। यह अजय के घर से कुछ ही दूरी पर है। ससुराल में मुझे छोड़कर असलम फिर से नेपाल चला गया और अजय भी नौकरी करने लुधियाना चला गया। करीब दो साल तक वह वहीं काम करता रहा। बीच-बीच में उसका फोन आता रहता था। इसी साल होली पर वह घर आया था। पिछले कुछ दिनों से वह मेरे घर के आसपास भटकने लगा था। वह फोन पर कहता था, ‘लुधियाना से तुम्हारे लिए गिफ्ट लेकर आया हूं, एक बार मिल लो।’ उसके बार-बार जिद करने के बाद मैंने उसे घर बुलाने की सोच ली।” घटना के दिन क्या-क्या हुआ… तब्बू ने बताया, “8 मई, 2026 की सुबह असलम से बात हुई थी। वह घर आने की बात कर रहा था, लेकिन कब आएगा ये फिक्स नहीं था। मेरे सास-ससुर और उनका परिवार मुझसे अलग रहते थे, इसलिए ज्यादा खोजबीन नहीं करते थे। मैंने सोचा कि अजय को उसी रात घर बुला सकती हूं। मैंने उसे कहा, ‘रात में आना जिससे किसी को पता नहीं चलना चाहिए।’ रात करीब 11 बजे अजय आया। वह बाहर से कुछ नमकीन और समोसे लाया था। मैंने भी खाना बना लिया था। हम साथ में खाना शुरू करने ही वाले थे कि असलम आ पहुंचा। मुझे इसकी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। उसने पहले मुझे थप्पड़ मारे और दूसरे कमरे में ले जाकर बंद कर दिया। इसके बाद दोनों में मारपीट होने लगी। मुझे अंदर से सिर्फ मारपीट की आवाजें आ रही थीं। करीब दो घंटे बाद असलम ने मेरे कमरे का दरवाजा खोला और फरार हो गया। मैंने आंगन में जाकर देखा तो वहां खून के छींटे थे। मैंने उन्हें साफ कर दिया और फिर जाकर सो गई। सुबह जब उठी तो गांव में हल्ला हो गया कि अजय की लाश उसके घर के पीछे मिली है। इसके थोड़ी देर बाद ही पुलिस आई और मुझे उठा ले गई।” पुलिस तब्बू तक कैसे पहुंची हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। उन्हें जानकारी मिली कि अजय का प्रेम प्रसंग गांव की महिला तब्बू से था। अजय अक्सर उसके घर के आसपास दिखता था। पुलिस जब तब्बू के घर पहुंची, तो उसे आंगन में खून के कुछ दाग मिले, जिनका सैंपल लिया गया। इसके अलावा पुलिस को वह रस्सी भी तब्बू के आंगन में टंगी मिली, जिसके सहारे अजय को मारने के बाद उसके गले में फंदा लगाया गया था। इन दोनों सुरागों के बाद पुलिस ने तब्बू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद पूरी घटना का खुलासा हुआ। हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया की शव मिलने के महिला को हिरासत में ले लिया गया था। उसने घटना से संबंधित कई खुलासे किए हैं। महिला के पति असलम को भी जल्दी ही ढूंढ लिया जाएगा। “मेरा पति असलम नेपाल में रहता है, काफी दिनों से घर नहीं आया था। उसके दोस्त से मेरा अफेयर हो गया था। इसका शक पति को हो गया था। दो दिनों से अजय घर आने के लिए कह रहा था, कहता था– ‘लुधियाना से तुम्हारे लिए गिफ्ट लेकर आया हूं, एक बार मिल लो।’ मैंने सोचा उसे रात में बुलाऊंगी ताकि किसी को पता नहीं चले, लेकिन मेरी किस्मत खराब थी। जैसे ही वो घर आया तो मेरा पति भी आ गया। उसने उसको बहुत पीटा, उसके प्राइवेट पार्ट में आग लगा दी और गला घोंटकर मार दिया।” ये कबूलनामा उस महिला तब्बू का है, जिसके दोस्त को उसके पति ने ही मार दिया। गिरफ्तारी के बाद महिला ने पुलिस के सामने अपने प्रेम संबंध और हत्या की पूरी कहानी बताई। फिलहाल पुलिस पति असलम की तलाश में जुटी हुई है। तब्बू का उसके बॉयफ्रेंड से अफेयर कब से चल रहा था? कैसे पति को शक हुआ ? कैसे उसने हत्या की? पढ़िए पुलिस के सामने कबूलनामा…जो बयान में दर्ज हुआ…
सबसे पहले जानिए कैसे बॉयफ्रेंड तब्बू के करीब आया
साल 2020 में छतौनी थाना क्षेत्र के बड़ा बरियापुर निवासी 19 साल की तब्बू खातून ने घर से भागकर अपने चचेरे भाई 24 वर्षीय मोहम्मद असलम से शादी कर ली थी। शादी को लेकर दोनों परिवार राजी नहीं थे। इसके बाद तब्बू और असलम लोहरिया पंचायत में किराए के मकान में रहने लगे। असलम पिकअप ड्राइवर का काम करता था। ड्राइविंग उसे उसके दोस्त अजय ने सिखाई थी। अजय का घर असलम के घर से करीब 400 मीटर दूर था। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी। तब्बू को घर से भगाने से लेकर किराए के मकान में बसाने तक में अजय ने काफी मदद की थी, जिससे असलम को उस पर पूरा भरोसा था। वह अक्सर अजय को घर पर चाय-नाश्ते के लिए बुलाने लगा। इसी दौरान अजय की पहचान तब्बू से हुई। तब्बू के मुताबिक, जब भी उसे असलम की जानकारी लेनी होती थी, वह अजय को फोन कर पूछती थी। करीब एक साल तक ऐसा ही चलता रहा। लॉकडाउन के दौरान असलम की नौकरी चली गई, तो अजय ने ही उसे दूसरी नौकरी दिलवाई। साल 2023 तक आते-आते तब्बू और अजय के बीच की सामान्य जान-पहचान दोस्ती में बदल गई। दोनों फोन पर बातचीत करने लगे। तब्बू का कहना है कि अजय उसे पसंद करता था और उसके करीब आना चाहता था, जबकि वह उसे सिर्फ दोस्त मानती थी। तब्बू ने बताया कि अजय अक्सर कहता था कि अगर वह उससे अकेले में मिलेगी और बात करेगी, तो वह शराब पीना छोड़ देगा। असलम के ड्यूटी पर रहने के दौरान भी अजय किसी न किसी बहाने घर आ जाता था। तब्बू ने पुलिस को बताया कि संतान नहीं होने की वजह से वह अजय से बातें कर लिया करती थी और इसी दौरान दोनों का मिलना-जुलना बढ़ता गया। अगस्त 2023 में तब्बू को बच्चा हुआ। इसके बाद उसने अजय से बातचीत कम कर दी और परिवार पर ध्यान देने लगी। हालांकि, इस दौरान दोनों ने साथ में कुछ तस्वीरें भी खिंचवाई थीं, जो अजय के मोबाइल में मौजूद थीं। पति नेपाल भागा, लौटकर मुझे पीटा महिला ने बताया, “साल 2024 में पति असलम की पिकअप से एक व्यक्ति को ठोकर लग गई, जिसमें उसकी मौत हो गई। पुलिस फरार ड्राइवर को ढूंढ रही थी। इसी से बचने के लिए असलम नेपाल भाग गया और वहीं काम करने लगा। वह कभी-कभी फोन करता था, तो बातें हो जाती थीं। जरूरत पड़ने पर कुछ पैसे भी भेजता था। इधर, अजय अक्सर मुझसे मिलने की कोशिश करता था। वह किसी न किसी बहाने घर आ जाता था, लेकिन जब उसे लगा कि मैं उससे दूरी बना रही हूं, तो उसने मेरे साथ खिंचवाई फोटो मेरे पति को भेज दी और अवैध रिश्ते का दावा कर दिया। मेरा पति नाराज होकर नेपाल से सीधा मेरे पास पहुंचा और मुझे पीटा। इसके बाद वह मुझे किराए के कमरे से अपने घर ले गया, जहां मेरा ससुराल था। यह अजय के घर से कुछ ही दूरी पर है। ससुराल में मुझे छोड़कर असलम फिर से नेपाल चला गया और अजय भी नौकरी करने लुधियाना चला गया। करीब दो साल तक वह वहीं काम करता रहा। बीच-बीच में उसका फोन आता रहता था। इसी साल होली पर वह घर आया था। पिछले कुछ दिनों से वह मेरे घर के आसपास भटकने लगा था। वह फोन पर कहता था, ‘लुधियाना से तुम्हारे लिए गिफ्ट लेकर आया हूं, एक बार मिल लो।’ उसके बार-बार जिद करने के बाद मैंने उसे घर बुलाने की सोच ली।” घटना के दिन क्या-क्या हुआ… तब्बू ने बताया, “8 मई, 2026 की सुबह असलम से बात हुई थी। वह घर आने की बात कर रहा था, लेकिन कब आएगा ये फिक्स नहीं था। मेरे सास-ससुर और उनका परिवार मुझसे अलग रहते थे, इसलिए ज्यादा खोजबीन नहीं करते थे। मैंने सोचा कि अजय को उसी रात घर बुला सकती हूं। मैंने उसे कहा, ‘रात में आना जिससे किसी को पता नहीं चलना चाहिए।’ रात करीब 11 बजे अजय आया। वह बाहर से कुछ नमकीन और समोसे लाया था। मैंने भी खाना बना लिया था। हम साथ में खाना शुरू करने ही वाले थे कि असलम आ पहुंचा। मुझे इसकी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। उसने पहले मुझे थप्पड़ मारे और दूसरे कमरे में ले जाकर बंद कर दिया। इसके बाद दोनों में मारपीट होने लगी। मुझे अंदर से सिर्फ मारपीट की आवाजें आ रही थीं। करीब दो घंटे बाद असलम ने मेरे कमरे का दरवाजा खोला और फरार हो गया। मैंने आंगन में जाकर देखा तो वहां खून के छींटे थे। मैंने उन्हें साफ कर दिया और फिर जाकर सो गई। सुबह जब उठी तो गांव में हल्ला हो गया कि अजय की लाश उसके घर के पीछे मिली है। इसके थोड़ी देर बाद ही पुलिस आई और मुझे उठा ले गई।” पुलिस तब्बू तक कैसे पहुंची हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे। उन्हें जानकारी मिली कि अजय का प्रेम प्रसंग गांव की महिला तब्बू से था। अजय अक्सर उसके घर के आसपास दिखता था। पुलिस जब तब्बू के घर पहुंची, तो उसे आंगन में खून के कुछ दाग मिले, जिनका सैंपल लिया गया। इसके अलावा पुलिस को वह रस्सी भी तब्बू के आंगन में टंगी मिली, जिसके सहारे अजय को मारने के बाद उसके गले में फंदा लगाया गया था। इन दोनों सुरागों के बाद पुलिस ने तब्बू को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद पूरी घटना का खुलासा हुआ। हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया की शव मिलने के महिला को हिरासत में ले लिया गया था। उसने घटना से संबंधित कई खुलासे किए हैं। महिला के पति असलम को भी जल्दी ही ढूंढ लिया जाएगा।


