इंदौर के नवलखा से बसें नहीं हटी तो होगा आंदोलन:MIC मेंबर का अल्टीमेटम, कहा- सड़क पर उतरेंगे; बस्ती के पानी से बुझाई आग

इंदौर के नवलखा से बसें नहीं हटी तो होगा आंदोलन:MIC मेंबर का अल्टीमेटम, कहा- सड़क पर उतरेंगे; बस्ती के पानी से बुझाई आग

इंदौर के नवलखा इलाके में बसों में सोमवार को आग लग गई। इस घटना के बाद अब नगर निगम के एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा ने 12 दिनों का अल्टीमेटम दे दिया है। उनका कहना है कि यदि बसों को यहां से नहीं हटाया गया, तो वे रहवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे। आग लगने की घटना के बाद बसों को हटवाने की मांग को लेकर वे धरने पर भी बैठ गए थे। करीब तीन घंटे से अधिक समय तक वे धरने पर बैठे रहे। इसके बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत हुई, तब जाकर उन्होंने धरना समाप्त किया। नहीं हटीं बसें तो होगा चक्काजाम MIC मेंबर मनीष शर्मा का कहना है कि यहां पहले भी बसों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। यह एक रहवासी इलाका है, जहां करीब 50 हजार लोग निवास करते हैं। ऐसे में बसों का यहां खड़ा रहना और आग लगने जैसी घटनाएं होना कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि इन बसों का यहां खड़ा रहना बंद होना चाहिए। घटना के दौरान मनीष शर्मा धरने पर बैठ गए थे। करीब तीन घंटे से अधिक समय तक चले धरने में कई रहवासी भी शामिल हुए और इलाके से बसों को हटाने की मांग करने लगे। MIC मेंबर का कहना है कि यदि 12 दिनों के भीतर यहां से बसें नहीं हटाई गईं, तो वे रहवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे। जरूरत पड़ी तो चक्काजाम भी किया जाएगा। टैंकरों के पानी से बुझाई बसों की आग मनीष शर्मा मामा का कहना है कि सोमवार दोपहर वे टैंकरों से बस्ती में पानी सप्लाई करने गए थे। इसी दौरान बसों में आग लगने और गैस सिलेंडर फटने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे और बस्ती में पानी सप्लाई के लिए लाए गए तीनों टैंकरों को घटना स्थल पर बुलवा लिया। इसके बाद टैंकरों के पानी की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया। हालांकि, कुछ ही देर में फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। कई किमी दूर से दिख रहा था धुआं आग लगने की घटना के बाद कई किमी दूर से धुएं का गुबार नजर आ रहा था। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, एक बस में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान वेल्डिंग करते समय बस में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने पास में खड़ी दूसरी बसों को भी अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसे के समय मौके पर 20 से ज्यादा बसें खड़ी थीं। आसपास रिहायशी बस्ती होने के कारण लोगों में घबराहट फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। बड़ी दुर्घटना होने से बची MIC मेंबर ने कहा कि यहां पहले भी बसों में आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। इलाके में करीब 50 हजार परिवार रहते हैं। सोमवार को हुई घटना के दौरान गैस सिलेंडर फटकर उछल रहे थे। ऐसे में एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। उन्होंने कहा कि बसों को हटाने की मांग को लेकर धरना दिया गया था। इसके बाद DCP रावत, तहसीलदार और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने 12 दिनों के भीतर बसों को यहां से हटाने का आश्वासन दिया है। यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे की रणनीति बनाकर आंदोलन किया जाएगा।

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