‘3 बीघा जमीन के लिए फायरिंग; पति की मौत’:पत्नी बोलीं- घर के सामने झगड़ा रोका, पुलिस के सामने दागी बुलेट; मारपीट का वीडियो आया सामने

‘3 बीघा जमीन के लिए फायरिंग; पति की मौत’:पत्नी बोलीं- घर के सामने झगड़ा रोका, पुलिस के सामने दागी बुलेट; मारपीट का वीडियो आया सामने

“मेरे गेट के सामने चाचा ससुर रामजी राय और प्रमोद राय के बीच झगड़ा हो रहा था। ये 10 साल से 3 बीघा जमीन के लिए लड़ रहे है। सोमवार को फायरिंग भी हो रही थी। पति के मना करने पर पुलिस के सामने गोली मार कर उनका मर्डर कर दिया गया।” ये कहना मृतक अजीत राय की पत्नी रीना का है। दरअसल, बेगूसराय के दियारा इलाके में सोमवार को फायरिंग और मारपीट हुई। इस घटना में दो भाइयों को गोली लगी और एक की मौत हो गई। दो पक्षों में मारपीट का वीडियो सामने आया है। घटना बछवाड़ा थाना क्षेत्र के चमथा रैली गांव की है। मृतक की पहचान बछवाड़ा थाना क्षेत्र के चमथा रजौली लक्ष्मण टोल निवासी भरत राय के बेटे अजीत राय (35) के रूप में की गई है। इस गोलीबारी में अजीत का भाई दीपक राय (33) घायल है। हत्या के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। रात में लाश गांव पहुंची और मंगलवार को चमथा गंगा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। जहां मृतक के 10 साल के बेटे कृष्ण कुमार ने मुखाग्नि दी है। घटना के बाद पुलिस दो संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस मामले में डीएसपी निखिल ने कहा है कि घायल और मृतक युवक के चाचा का आरोपियों से झगड़ा था। इसी में पत्थरबाजी हुई है। युवक के विरोध करने पर उसका मर्डर हुआ है। खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करता था अजीत आरोपी परिवार के सभी लोग फरार है, जिनके गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। घटना के बाद गांव में आक्रोश और तनाव की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि, जिस अजीत राय की हत्या हुई, उसका इस जमीन विवाद से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। वह तो मक्का का कारोबार और खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। 3 बीघा जमीन का है झगड़ा चमथा रैली गांव के रहने वाले रामजी राय और प्रमोद राय के बीच तीन बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। रामजी राय इलाके का चर्चित भू-माफिया है। वह विवादित जमीन खरीद कर उस पर दबंगई के बल पर मारपीट करते हुए कब्जा करता है‌। चमथा रैली गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर दियारा इलाके में तीन बीघा जमीन को लेकर लगभग 10 साल से रामजी राय और रामपुकार राय के बीच विवाद चल रहा था। करीब 1 साल पहले राम पुकार राय ने वह जमीन प्रमोद राय को बेच दिया। जिसके बाद प्रमोद राय और रामजी राय के बीच बराबर विवाद हो रहा था। जमीन को लेकर दियारा में दो बार पहले भी गोली चल चुकी थी। सोमवार को इस जमीन को लेकर रामजी राय और प्रमोद राय के बीच फिर दियारा में ही विवाद हो गया। जहां 15 राउंड गोली चली, इसके बाद सब के सब खेत पर से भाग गए। इस दौरान रामजी राय का भाई लक्ष्मण राय भी खेत से गांव आ गया और घर से थोड़ी दूर स्थित बथान पर रुका हुआ था। इसी दौरान प्रमोद राय पक्ष के कुछ लोग आकर उसके साथ मारपीट करने लगे, तो भरत राय के बेटे अजीत राय खेत से लौट के दौरान झगड़ा देखकर रुका और मामले को शांत करवा दिया। इसके बाद सभी लोग घर आ गए। अजीत के टैक्ट्रर पर पहले लगी थी बुलेट इसी दौरान गांव में रामजी राय और प्रमोदी राय के बीच फिर से झगड़ा होने लगा। दोनों ओर से ईंट- पत्थर चलने लगे, तो ईंट आकर अजीत राय के ट्रैक्टर पर लग गई। फायरिंग में एक गोली भी अजीत के ट्रैक्टर पर लगी, तो अजीत घर से बाहर निकाला और उसने अपने दरवाजे के पास झगड़ा करने से रोका और सभी को हटा दिया। इसी बीच अजीत के हटते ही फिर से झगड़ा शुरू हो गया, तो अजीत और उसके भाई दीपक दरवाजे पर खड़े थे। इसी बीच प्रमोदी राय की ओर से छत से गोली चलने लगी। जिसमें एक गोली अजीत के गर्दन और एक गोली उसके भाई दीपक के हाथ में लग गई। फिलहाल गांव में तनाव है, पुलिस की कार्रवाई हो रही है। लेकिन सबसे अधिक समस्या मृतक अजीत के परिवार के सामने हो गई है। अजीत की शादी साल 2012 में हुई थी और दो बेटा कृष्ण कुमार (10), रितेश कुमार (8) और एक बेटी मालती कुमारी (6) है। दरवाजे पर झगड़ा करने का विरोध किया था मृतक अजीत की पत्नी रीना देवी ने बताया कि हम लोग घर पर थे। उस दोनों में झगड़ा हुआ था, तो थाना से पुलिस भी आई हुई थी। पुलिस के सामने ही रोड़ेबाजी होने लगी और गोली चली। पहले से चल रहे विवाद के कारण प्रमोद राय ने अपने कुछ रिश्तेदारों और समर्थकों को घर पर बुलाकर रखा था। मेरे दरवाजे पर वह लोग झगड़ा कर रहे थे, तो मेरे पति रोकने गए। मैं अपने पति को वहां से हटा रही थी। इसी दौरान एक ईंट मेरे शरीर पर लग गया, तो मैं बैठ गई। लेकिन पति को नहीं बताया, नहीं तो झगड़ा बढ़ जाता। इसी बीच प्रमोद राय के छत पर से चली गोली मेरे पति के गर्दन और देवर दीपक के हाथ में लग गई। हम सास-पुतोहू ने मिलकर हल्ला मचाया, तो गांव के लोग आए। लेकिन तब तक सब के सब फरार हो गए थे। आरोपी के साला ने लिए थे 50 हजार रुपए रीना देवी का कहना था कि हमारे पति की प्रमोद राय से बातचीत भी होती थी, इनका कोई झगड़ा नहीं था। कुछ दिन पहले प्रमोद राय के साला ने मेरे पति से 50 हजार रुपया लिया था। वह पैसा मांग रहे थे, कल के झगड़ा में मेरे पति ने रोकने का प्रयास किया, तो इसके कारण और बकाया पैसा रहने को लेकर ही मेरे पति की हत्या कर दी गई है। मृतक के पिता भारत राय बताते हैं कि दियारा में प्रमोदी राय और रामजी राय में झगड़ा था। सोमवार को खेत पर झगड़ा हुआ, उसके बाद वहां से गांव आने पर मेरे ट्रैक्टर पर ईंट चलाया तो अजीत ने उसे वहां से हटा दिया था। इसके बाद प्रमोदी राय के छत से गोली चलने लगा। हम लोगों को इस लड़ाई झगड़ा से कोई मतलब नहीं था, बेवजह मेरे बेटा को मार दिया। घटनास्थल पर से चार खोखे बरामद हुए हैं। रामजी राय और प्रमोद राय में पिछले एक साल से जमीन विवाद चल रहा है। घायल दीपक राय का कहना है कि हमारे चाचा रामजी और प्रमोद राय के बीच झगड़ा था। हम लोगों को इससे कोई लेना-देना नहीं था। प्रमोद राय और उसके पक्ष के लोग मेरे दरवाजे पर आकर ईंट-पत्थर चलाने लगे‌। विरोध करने पर उन्होंने भाई का मर्डर कर दिया। “मेरे गेट के सामने चाचा ससुर रामजी राय और प्रमोद राय के बीच झगड़ा हो रहा था। ये 10 साल से 3 बीघा जमीन के लिए लड़ रहे है। सोमवार को फायरिंग भी हो रही थी। पति के मना करने पर पुलिस के सामने गोली मार कर उनका मर्डर कर दिया गया।” ये कहना मृतक अजीत राय की पत्नी रीना का है। दरअसल, बेगूसराय के दियारा इलाके में सोमवार को फायरिंग और मारपीट हुई। इस घटना में दो भाइयों को गोली लगी और एक की मौत हो गई। दो पक्षों में मारपीट का वीडियो सामने आया है। घटना बछवाड़ा थाना क्षेत्र के चमथा रैली गांव की है। मृतक की पहचान बछवाड़ा थाना क्षेत्र के चमथा रजौली लक्ष्मण टोल निवासी भरत राय के बेटे अजीत राय (35) के रूप में की गई है। इस गोलीबारी में अजीत का भाई दीपक राय (33) घायल है। हत्या के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। रात में लाश गांव पहुंची और मंगलवार को चमथा गंगा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। जहां मृतक के 10 साल के बेटे कृष्ण कुमार ने मुखाग्नि दी है। घटना के बाद पुलिस दो संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस मामले में डीएसपी निखिल ने कहा है कि घायल और मृतक युवक के चाचा का आरोपियों से झगड़ा था। इसी में पत्थरबाजी हुई है। युवक के विरोध करने पर उसका मर्डर हुआ है। खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करता था अजीत आरोपी परिवार के सभी लोग फरार है, जिनके गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। घटना के बाद गांव में आक्रोश और तनाव की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि, जिस अजीत राय की हत्या हुई, उसका इस जमीन विवाद से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। वह तो मक्का का कारोबार और खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। 3 बीघा जमीन का है झगड़ा चमथा रैली गांव के रहने वाले रामजी राय और प्रमोद राय के बीच तीन बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। रामजी राय इलाके का चर्चित भू-माफिया है। वह विवादित जमीन खरीद कर उस पर दबंगई के बल पर मारपीट करते हुए कब्जा करता है‌। चमथा रैली गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर दियारा इलाके में तीन बीघा जमीन को लेकर लगभग 10 साल से रामजी राय और रामपुकार राय के बीच विवाद चल रहा था। करीब 1 साल पहले राम पुकार राय ने वह जमीन प्रमोद राय को बेच दिया। जिसके बाद प्रमोद राय और रामजी राय के बीच बराबर विवाद हो रहा था। जमीन को लेकर दियारा में दो बार पहले भी गोली चल चुकी थी। सोमवार को इस जमीन को लेकर रामजी राय और प्रमोद राय के बीच फिर दियारा में ही विवाद हो गया। जहां 15 राउंड गोली चली, इसके बाद सब के सब खेत पर से भाग गए। इस दौरान रामजी राय का भाई लक्ष्मण राय भी खेत से गांव आ गया और घर से थोड़ी दूर स्थित बथान पर रुका हुआ था। इसी दौरान प्रमोद राय पक्ष के कुछ लोग आकर उसके साथ मारपीट करने लगे, तो भरत राय के बेटे अजीत राय खेत से लौट के दौरान झगड़ा देखकर रुका और मामले को शांत करवा दिया। इसके बाद सभी लोग घर आ गए। अजीत के टैक्ट्रर पर पहले लगी थी बुलेट इसी दौरान गांव में रामजी राय और प्रमोदी राय के बीच फिर से झगड़ा होने लगा। दोनों ओर से ईंट- पत्थर चलने लगे, तो ईंट आकर अजीत राय के ट्रैक्टर पर लग गई। फायरिंग में एक गोली भी अजीत के ट्रैक्टर पर लगी, तो अजीत घर से बाहर निकाला और उसने अपने दरवाजे के पास झगड़ा करने से रोका और सभी को हटा दिया। इसी बीच अजीत के हटते ही फिर से झगड़ा शुरू हो गया, तो अजीत और उसके भाई दीपक दरवाजे पर खड़े थे। इसी बीच प्रमोदी राय की ओर से छत से गोली चलने लगी। जिसमें एक गोली अजीत के गर्दन और एक गोली उसके भाई दीपक के हाथ में लग गई। फिलहाल गांव में तनाव है, पुलिस की कार्रवाई हो रही है। लेकिन सबसे अधिक समस्या मृतक अजीत के परिवार के सामने हो गई है। अजीत की शादी साल 2012 में हुई थी और दो बेटा कृष्ण कुमार (10), रितेश कुमार (8) और एक बेटी मालती कुमारी (6) है। दरवाजे पर झगड़ा करने का विरोध किया था मृतक अजीत की पत्नी रीना देवी ने बताया कि हम लोग घर पर थे। उस दोनों में झगड़ा हुआ था, तो थाना से पुलिस भी आई हुई थी। पुलिस के सामने ही रोड़ेबाजी होने लगी और गोली चली। पहले से चल रहे विवाद के कारण प्रमोद राय ने अपने कुछ रिश्तेदारों और समर्थकों को घर पर बुलाकर रखा था। मेरे दरवाजे पर वह लोग झगड़ा कर रहे थे, तो मेरे पति रोकने गए। मैं अपने पति को वहां से हटा रही थी। इसी दौरान एक ईंट मेरे शरीर पर लग गया, तो मैं बैठ गई। लेकिन पति को नहीं बताया, नहीं तो झगड़ा बढ़ जाता। इसी बीच प्रमोद राय के छत पर से चली गोली मेरे पति के गर्दन और देवर दीपक के हाथ में लग गई। हम सास-पुतोहू ने मिलकर हल्ला मचाया, तो गांव के लोग आए। लेकिन तब तक सब के सब फरार हो गए थे। आरोपी के साला ने लिए थे 50 हजार रुपए रीना देवी का कहना था कि हमारे पति की प्रमोद राय से बातचीत भी होती थी, इनका कोई झगड़ा नहीं था। कुछ दिन पहले प्रमोद राय के साला ने मेरे पति से 50 हजार रुपया लिया था। वह पैसा मांग रहे थे, कल के झगड़ा में मेरे पति ने रोकने का प्रयास किया, तो इसके कारण और बकाया पैसा रहने को लेकर ही मेरे पति की हत्या कर दी गई है। मृतक के पिता भारत राय बताते हैं कि दियारा में प्रमोदी राय और रामजी राय में झगड़ा था। सोमवार को खेत पर झगड़ा हुआ, उसके बाद वहां से गांव आने पर मेरे ट्रैक्टर पर ईंट चलाया तो अजीत ने उसे वहां से हटा दिया था। इसके बाद प्रमोदी राय के छत से गोली चलने लगा। हम लोगों को इस लड़ाई झगड़ा से कोई मतलब नहीं था, बेवजह मेरे बेटा को मार दिया। घटनास्थल पर से चार खोखे बरामद हुए हैं। रामजी राय और प्रमोद राय में पिछले एक साल से जमीन विवाद चल रहा है। घायल दीपक राय का कहना है कि हमारे चाचा रामजी और प्रमोद राय के बीच झगड़ा था। हम लोगों को इससे कोई लेना-देना नहीं था। प्रमोद राय और उसके पक्ष के लोग मेरे दरवाजे पर आकर ईंट-पत्थर चलाने लगे‌। विरोध करने पर उन्होंने भाई का मर्डर कर दिया।  

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