पुलिस भर्ती परीक्षा के कारण मंगलवार को फर्रुखाबाद में ट्रेनें खचाखच भरी नजर आईं। लखनऊ से कासगंज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन (55345) में यात्रियों की भारी भीड़ थी, जहां लोग डिब्बे में खड़े होकर यात्रा करते दिखे और एक सीट पर चार की जगह सात से आठ यात्री बैठे थे। मंगलवार को लखनऊ से चलकर कासगंज जाने वाली यह पैसेंजर ट्रेन फर्रुखाबाद स्टेशन पर करीब डेढ़ घंटे देरी से पहुंची। बताया गया कि पुलिस भर्ती परीक्षा के कारण ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया है। ट्रेन लखनऊ से ही यात्रियों से पूरी तरह भरी हुई थी। ट्रेन के भीतर बैठने की सीटों से लेकर ऊपर सामान रखने वाली सीटों पर भी यात्री बैठे नजर आए। चार यात्रियों की क्षमता वाली सीटों पर सात से आठ लोग बैठे थे। डिब्बों में भी बड़ी संख्या में यात्री खड़े थे। फर्रुखाबाद स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने पर यहां से भी बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन में चढ़े, जिससे चढ़ने और उतरने वाले यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालांकि, आरपीएफ और जीआरपी पुलिस ने व्यवस्था संभाली और यात्रियों को जागरूक करते दिखे। इसी दौरान गर्मी के कारण ट्रेन में सवार कायमगंज कोतवाली क्षेत्र निवासी कामिनी की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें गश आ गया, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें फर्रुखाबाद स्टेशन पर उतार लिया। स्टेशन पर उतरते ही वह लेट गईं और उनकी मां पंखे से हवा करती नजर आईं। आरपीएफ पुलिस की नजर उन पर पड़ी तो इंस्पेक्टर ओपी मीणा मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि कामिनी की दवा चल रही है और वह दवा लेकर ही आ रही थीं। गर्मी के चलते उन्हें दिक्कत हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि वे रावतपुर स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए थे और कन्नौज जाकर कामिनी को सीट मिली थी, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण हवा भी नहीं लग रही थी।


