चूरू में मंगलवार दोपहर ईडब्ल्यूएस जन जागृति मंच के तत्वावधान में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें अनारक्षित वर्ग के लोगों ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के अधिकारों और हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने केंद्र सरकार द्वारा ईडब्ल्यूएस आरक्षण में लागू विभिन्न शर्तों को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि समाज अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है और न्यायपूर्ण व्यवस्था के लिए संगठित संघर्ष करेगा। ‘समाज की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत’
पूर्व आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने संगोष्ठी में कहा कि समाज की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने जोर दिया कि जब तक लोग संगठित होकर अपनी बात मजबूती से नहीं रखेंगे, तब तक उनकी समस्याओं का समाधान संभव नहीं है।
राठौड़ ने आश्वासन दिया कि ईडब्ल्यूएस वर्ग की जायज मांगों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा और इसके लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। विधायकों ने दिया आश्वासन
सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल और राजगढ़ विधायक मनोज न्यांगली ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को समाज के हितों से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशीलता से कार्य करना चाहिए। उन्होंने ईडब्ल्यूएस वर्ग की मांगों और समस्याओं को उचित मंचों पर उठाने और उनके समाधान का प्रयास करने का आश्वासन दिया। शर्तों के कारण कई पात्र लोग वंचित रह रहे
वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण का मूल उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को शिक्षा और रोजगार में समान अवसर प्रदान करना है। हालांकि, वर्तमान में लागू कई शर्तों के कारण बड़ी संख्या में पात्र लोग इसके लाभ से वंचित रह जाते हैं। इस अवसर पर सज्जनसिंह मठोड़ी, करणी सेना जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह ढाढर, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष नारायण बालाण, आलोक सिंह, गजेंद्र सिंह कोटवाद, आदित्यसिंह राठौड़, पंकजसिंह राठौड़, प्रदीप अग्रवाल लोढसर, कन्हैयालाल शर्मा, जंगशेर खान, शमशेर खान, शेर सिंह, राजेश सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे।


