Heat Stroke vs Heat Exhaustion Symptoms : पसीना, प्यास हैं हीट एग्जॉशन के लक्षण, लू लगना ना समझें

Heat Stroke vs Heat Exhaustion Symptoms : पसीना, प्यास हैं हीट एग्जॉशन के लक्षण, लू लगना ना समझें

Heat Stroke vs Heat Exhaustion Symptoms In Hindi : लू और हीट एग्जॉशन के लक्षण से धोखा ना खाइए! इन दोनों के बीच बहुत अंतर है। अगर आप सही पहचान नहीं करते हैं तो सही उपचार नहीं कर पाएंगे। आइए, तपती गर्मी के बीच हीट एग्जॉशन (Heat Exhaustion) और हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) के बीच अंतर समझते हैं। जानते हैं कि दोनों के बीच क्या अंतर होता है।

हीट एग्जॉशन के लक्षण

Clevelandclinic के अनुसार, यह तब होता है जब शरीर अत्यधिक गर्मी और पानी की कमी के कारण बहुत थक जाता है। इसे मेडिकल इमरजेंसी नहीं मानते हैं। हालांकि, लक्षण दिखने पर ध्यान रखना जरूरी है।

  • पसीना: अत्याधिक पसीना आना।
  • त्वचा: ठंडी, पीली और चिपचिपी (Clammy) त्वचा।
  • नाड़ी (Pulse): तेज लेकिन कमजोर।
  • पेट/मांसपेशियां: जी मिचलाना, उल्टी होना या मांसपेशियों में ऐंठन (Cramps)।
  • मानसिक स्थिति: चक्कर आना, थकावट या बेहोशी जैसा महसूस होना।
  • प्यास: बहुत अधिक प्यास लगना।

हीट एग्जॉशन और हीट स्ट्रोक लक्षणों की तुलना

लक्षण हीट एग्जॉशन (Heat Exhaustion) हीट स्ट्रोक (Heat Stroke)
पसीना बहुत अधिक बिल्कुल नहीं (सूखी त्वचा)
तापमान सामान्य या हल्का बढ़ा हुआ 104°F से अधिक
दिमागी हालत चक्कर आना भ्रम और बेहोशी
त्वचा का अहसास ठंडी और चिपचिपी गर्म और सूखी

हीट स्ट्रोक के लक्षण

यह एक मेडिकल इमरजेंसी है। इसके अनदेखा करना जानलेवा साबित हो सकता है। इसमें शरीर का तापमान 104°F (40°C) से ऊपर चला जाता है।

Heat Stroke Symptoms and Prevention chart In Hindi
  • पसीना: पसीना आना बंद हो जाता है (यह सबसे बड़ा संकेत है)।
  • त्वचा: गर्म, लाल और सूखी त्वचा।
  • नाड़ी (Pulse): बहुत तेज और मजबूत।
  • मानसिक स्थिति: भ्रम (Confusion), बोलने में लड़खड़ाहट, अजीब व्यवहार या बेहोशी।
  • सिरदर्द: बहुत तेज़ और धड़कने वाला सिरदर्द।
  • अन्य: दौरे पड़ना या अंग काम करना बंद कर देना।

गर्मी में हेल्थ को लेकर जरूरी सलाह

यदि किसी व्यक्ति की त्वचा सूखी और गर्म है और वह भ्रमित महसूस कर रहा है, तो बिना समय गंवाए 108 (एम्बुलेंस) पर कॉल करें। अस्पताल पहुंचने तक व्यक्ति को गीली चादर में लपेटें या पंखे के नीचे रखें।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न शोधों और वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना और शैक्षिक जानकारी प्रदान करना है। इसे किसी बीमारी के उपचार या डॉक्टरी सलाह के रूप में न लें। अपनी जीवनशैली या आहार में कोई भी बदलाव करने से पहले किसी योग्य चिकित्सक या संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

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