HDFC Bank Q4 results: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक ने एक बार फिर दिखा दिया कि मुश्किल दौर में भी उसकी कमाई की रफ्तार नहीं थमती। HDFC बैंक ने जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में 19,221 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह 17,616 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर करीब 9 फीसदी की बढ़त रही। शुक्रवार को BSE पर HDFC बैंक का शेयर 0.55 फीसदी चढ़कर 799.90 रुपये पर बंद हुआ था।
कितनी हुई ब्याज से कमाई
नेट इंटरेस्ट इनकम यानी NII 33,281 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल से 3.8 फीसदी ज्यादा है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन कुल संपत्ति पर 3.38 फीसदी और ब्याज कमाने वाली संपत्तियों पर 3.53 फीसदी रहा। प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग मुनाफा 27,802 करोड़ पर पहुंचा जो सालाना 4.37 फीसदी की बढ़त है। प्रोविजन यानी डूबत कर्ज के लिए रखी रकम घटकर 2,609 करोड़ रह गई जो पिछले साल 3,193 करोड़ थी। यह बताता है कि बैंक की कर्ज गुणवत्ता सुधर रही है।
NPA में गिरावट
डूबे कर्ज के मोर्चे पर अच्छी खबर है। ग्रॉस NPA पिछली तिमाही के 35,178 करोड़ से घटकर 34,061 करोड़ हो गया। ग्रॉस NPA अनुपात 0.42 फीसदी से घटकर 0.38 फीसदी और नेट NPA अनुपात 1.24 फीसदी से घटकर 1.15 फीसदी पर आया। कुल पूंजी पर्याप्तता अनुपात यानी CAR 19.7 फीसदी रहा जो नियामक की 11.9 फीसदी की सीमा से काफी ऊपर है।
लोन और जमा में भी तेजी
बैंक की कुल जमा राशि 14.4 फीसदी बढ़कर 31,05,300 करोड़ रुपये पहुंची। CASA यानी बचत और चालू खाता जमा में 12.3 फीसदी की बढ़त रही। कुल कर्ज पोर्टफोलियो 12 फीसदी बढ़कर 29,60,000 करोड़ रुपये हो गया। इसमें छोटे और मध्यम उद्यमों को दिए कर्ज में सबसे ज्यादा 17.2 फीसदी की बढ़त दर्ज हुई।
शेयरधारकों के लिए खुशखबरी
बोर्ड ने प्रति शेयर 13 रुपये के अंतरिम डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके साथ ही FY26 का कुल डिविडेंड 15.50 रुपये प्रति शेयर हो जाएगा। डिविडेंड के लिए पात्रता की रिकॉर्ड तारीख 19 जून 2026 रखी गई है। बोर्ड ने अगले एक साल में 60,000 करोड़ रुपये तक के बॉन्ड जारी करने की भी मंजूरी दी, जिसमें परपेचुअल डेट इंस्ट्रूमेंट, टियर II कैपिटल बॉन्ड और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए लॉन्ग टर्म बॉन्ड शामिल हैं।


