हनुमानगढ़। ग्राम सेवा सहकारी समितियों में हो रहे गबन के बाद ग्रामीण राशि के लिए भटक रहे हैं। इस बीच रविवार को हनुमानगढ़ पहुंचे सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक से मिलकर ग्रामीणों ने राशि दिलाने की मांग रखी। ग्रामीणों का कहना था कि सहकारिता सिस्टम पर विश्वास करके हमने समितियों में पूंजी जमा करवाई थी। लेकिन दो से तीन वर्ष बीतने के बाद भी हम राशि के लिए भटक रहे हैं। हमें कहीं भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।
तलवाड़ा झील, रतनपुरा और टिब्बी ग्राम सेवा सहकारी समितियों के पीड़ित ग्रामीणों ने अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर गबन की राशि वापस दिलाने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और फर्जी नियुक्तियों की जांच करवाने की मांग की। सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने कहा कि सहकारी समितियों में हुए गबन के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों की संपत्तियां कुर्क कर खाताधारकों को उनकी राशि लौटाने की कार्रवाई की जा रही है।
यहां साढ़े चार करोड़ के गबन का आरोप
तलवाड़ा झील ग्राम सेवा सहकारी समिति के ग्रामीणों ने मंत्री को दिए ज्ञापन में बताया कि समिति में एफडीआर खातों से करीब तीन करोड़ रुपए तथा बचत खातों से लगभग 1.50 करोड़ रुपए का गबन हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 200 परिवारों की जीवनभर की जमा पूंजी इस घोटाले में फंस गई है। अधिकांश खाताधारक किसान एवं मजदूर वर्ग से जुड़े हैं। जिन्होंने मेहनत की कमाई सहकारी समिति में जमा करवाई थी। ज्ञापन में बताया गया कि हनुमानगढ़ केंद्रीय सहकारी बैंक मुनाफे में होने के बावजूद खाताधारकों को भुगतान नहीं कर रहा है। ऐसे में सरकार हस्तक्षेप कर पीडि़तों को राहत दिलाए।
रतनपुरा समिति में 21 करोड़ का गबन
रतनपुरा सहकारी समिति पीडि़त संघर्ष समिति ने मंत्री को दिए ज्ञापन में बताया कि समिति में करीब 21 करोड़ रुपए के गबन का मामला सामने आया था। इसके बाद केंद्रीय सहकारी बैंक द्वारा आरोपियों की संपत्तियां कुर्क की गई थीं तथा कुछ संपत्तियों की नीलामी कर करोड़ों रुपए की वसूली भी की जा चुकी है। इसके बावजूद पीडि़त खाताधारकों को अब तक उनकी जमा राशि वापस नहीं मिली। ग्रामीणों ने मंत्री से मांग की कि बैंक को तुरंत खाताधारकों की जमा राशि लौटाने के निर्देश दिए जाएं ताकि वर्षों से परेशान परिवारों को राहत मिल सके। टिब्बी ग्राम सेवा सहकारी समिति से जुड़े मामले में ग्रामीणों ने सहकारिता मंत्री को ज्ञापन सौंपकर समिति में कथित फर्जी नियुक्तियों की जांच करवाने की मांग की।


