पता होता ऐसा होगा…मां के अंतिम संस्कार में ना आती:गोंडा में ससुराल के आरोपों पर दीपक की पत्नी का पलटवार, बोली- मुझे खुद जान का खतरा

पता होता ऐसा होगा…मां के अंतिम संस्कार में ना आती:गोंडा में ससुराल के आरोपों पर दीपक की पत्नी का पलटवार, बोली- मुझे खुद जान का खतरा

गोंडा में मगरमच्छ के हमले में दामाद दीपक की मौत के बाद विवाद गहरा गया है। दीपक की सास के अंतिम संस्कार के दौरान हुई इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने दीपक की पत्नी रेखा और उनके परिवार पर साजिश का आरोप लगाया था। अब दीपक की पत्नी रेखा ने इन आरोपों पर पलटवार करते हुए अपने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और अपनी जान को खतरा बताया है। दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में रेखा ने घटना का जिक्र करते हुए बताया– मेरी मां का निधन हो गया था और दीपक अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे। वे मंगलवार रात 12 बजे वहां से निकले थे और बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे गोंडा पहुंचे थे। दीपक ने अपनी मर्जी से कंधा देने की बात कही थी, जबकि सभी लोग उन्हें रोक रहे थे। अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान दीपक को खूंटा गाड़ने से भी रोका गया था, क्योंकि वह शादीशुदा थे और उनकी सास विधवा थीं। इसके बावजूद उन्होंने खूंटा गाड़ा और फिर हाथ-मुंह धोने चले गए। उसी दौरान मगरमच्छ ने उन्हें खींच लिया। रेखा ने रोते हुए कहा– अगर मुझे पता होता कि ऐसा कुछ होगा तो मैं यहां आती ही नहीं। मेरा सब कुछ बर्बाद हो गया, पर ससुराल के लोगों ने सांत्वना देने की बजाय मुझे गालियां दीं। मैंने अपने पति को नुकसान नहीं पहुंचाया है। ना ही मैं दूसरी शादी करूंगी। अगर मेरे साथ कुछ भी गलत होता है तो इसके लिए मेरे ससुराल वाले ही जिम्मेदार होंगे। अब पढ़िए दीपक की पत्नी रेखा से पूरी बातचीत- “साजिश का आरोप पूरी तरह झूठ” साजिश के आरोपों पर रेखा ने कहा, “यह सब झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। कोई भी साजिश नहीं थी। मेरा एक छोटा भाई है और बड़ी बहन है। मुझे जीने वाला कोई नहीं था। उनके परिवार वाले इसलिए आरोप लगा रहे हैं ताकि जो पैसा मिलेगा, वह हमें न मिले। उनका छोटा भाई बादल मेरे ऊपर गलत आरोप लगा रहा है। गांव वाले पागल नहीं हैं कि साजिश करेंगे। मुझ पर आरोप लगाया जा रहा है कि मैं उन्हें लेकर मारने गई थी। आखिर मेरी उनसे क्या दुश्मनी थी?” “अगर कुछ करना होता तो 6 साल पहले कर चुकी होती” रेखा ने कहा, “मैं 3 साल अपने ससुराल में रही। वहां गाली-गलौज और लड़ाई होती रहती थी। मेरे पति ने कहा था कि अगर तुम्हें बर्दाश्त नहीं हो रहा तो हम अलग रहेंगे। हम लोग पिछले 3 साल से किराए के मकान में रह रहे थे। अगर मुझे कुछ करना होता तो मैं 6 साल पहले ही कर चुकी होती। मेरी 4 साल की बच्ची है। उसके सिर से पिता का साया उठ गया। कौन अपनी मांग का सिंदूर मिटाना चाहेगा? अब इस दुनिया में मेरे अलावा उसका कोई नहीं है।” “ससुराल वालों ने की गाली-गलौज, पहले भी कई बार लगाए झूठे आरोप” रेखा ने आरोप लगाया– मेरे ससुराल वाले यहां आए तो मुझसे गाली-गलौज करने लगे। उनके पांच बच्चों में से अब चार बच्चे हैं, लेकिन इस दुनिया में मेरा कौन है? मेरे पति ही सब कुछ थे। अगर मेरे साथ कुछ हो गया तो मेरी बच्ची कैसे जिएगी? गुस्से में लोग कुछ भी कर सकते हैं।” रेखा ने बताया- मेरे पति की मौत के बाद ससुराल वालों ने मुझसे सीधे मुंह बात नहीं की। उन्होंने मुझ पर पति को मारने का आरोप लगाया। ससुराल वालों ने गाली देते हुए कहा कि तुमने मेरे बच्चे को खा लिया। मैं बार-बार अपनी सास से कह रही थी कि मम्मी, मैंने आपके बच्चे को नहीं खाया है। अगर मुझे ऐसा करना होता तो मैं उन्हें यहां क्यों लेकर आती?” रेखा ने कहा- मेरे ऊपर पहले भी कई बार गंदे आरोप लगाए गए। कहा गया कि मैंने उनके बेटे को कुछ खिलाकर अपने बस में कर लिया है। घर में रोज गाली-गलौज होती थी। मेरे पति और मैं यह सब बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। बड़ी जेठानी और जेठ भी अलग रहते थे। लगातार तानों से परेशान होकर मैं अलग हो गई थी।” “मुझे फंसाने की साजिश, कुछ हुआ तो ससुराल वाले जिम्मेदार” रेखा ने कहा- जानबूझकर वहां कोई नहीं भेजता। मुझे फंसाने की साजिश चल रही है ताकि जो पैसा आए, वह हमारे नाम न होकर उनके नाम हो जाए। मैंने दीपक को रोका था। कहा था कि यह ग्रेटर नोएडा नहीं है, यहां गहरा पानी है और मगरमच्छ है। लेकिन वह नहीं माने। वह पानी में नहाने नहीं गए थे, सिर्फ हाथ-पैर धोने गए थे। तभी मगरमच्छ उन्हें धीरे-धीरे खींचकर ले गया। मेरी कोई गलती नहीं है, पर ससुरालवाले मुझे फंसाने की साजिश रच रहे हैं। अगर मुझे कुछ होता है तो उसके जिम्मेदार मेरे पूरे ससुराल वाले होंगे। “मैं ग्रेटर नोएडा में रहूंगी, सरकारी पैसा मेरी बेटी के खाते में आए” रेखा ने कहा– मैं मायके में नहीं रहना चाहती। जहां मैं पहले रहती थी, वहीं ग्रेटर नोएडा में रहूंगी। अभी वहां नहीं जाऊंगी, क्योंकि मेरे साथ कुछ भी हो सकता है। सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही जाऊंगी। रेखा ने साफ कहा- मैं दूसरी शादी नहीं करूंगी। अपनी बेटी को खुद पढ़ाऊंगी। मुझे चाहे कागज पर लिखवा लीजिए। मैं ऐसा कोई काम नहीं करूंगी जिससे मेरे पति की आत्मा या ससुराल वालों को ठेस पहुंचे। मैं अपने पति की जगह किसी और को नहीं दूंगी। अगर कोई मेरी शादी करवाने की कोशिश करेगा तो मैं कार्रवाई करवाऊंगी।” रेखा ने कहा– सरकारी मदद मेरी बेटी के नाम होनी चाहिए। मेरे नाम भी नहीं, सिर्फ मेरी बच्ची के भविष्य के लिए। मेरे पति कमाने वाले थे, अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। ससुराल वालों के पास चार बेटे हैं, लेकिन मेरा सहारा कोई नहीं है। सरकार से मेरी अपील है कि मेरी बच्ची की मदद की जाए। पैसा उसकी पढ़ाई और भविष्य के लिए उसके खाते में आना चाहिए। “3 साल से अलग रह रहे थे” रेखा ने बताया– हम लोग पिछले 3 साल से अलग रह रहे थे। लड़ाई-झगड़े की वजह से अलग हुए थे। 25 नवंबर 2020 को हमारी शादी हुई थी। 2021 में बेटी हुई। शुरू में सब ठीक था, लेकिन बाद में घर में लड़ाई शुरू हो गई। हम लोग किराए के कमरे में रहते थे। मेरे पति कमाते थे और हम खुशी से रह रहे थे।” “अंतिम संस्कार में जाते समय कहा था- बाबू दवा खा लेना” रेखा ने बताया- मेरे पति ने मुझसे अंतिम बार कहा था- बाबू, दवा खा लेना। मैंने पूछा कि आप कब तक आएंगे तो बोले कि मोबाइल चार्जिंग पर लगा दो, मैं थोड़ी देर में आता हूं। सब लोग उन्हें रोक रहे थे कि दामाद कंधा नहीं देते हैं, आप मत जाइए। लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और सीधे अंतिम संस्कार में चले गए। जहां यह घटना हुई।” घटना के दिन की तस्वीरें देखिए…

जानिए कैसे हुआ था हादसा- नोएडा के परी चौक सिग्मा 2 के रहने वाले दीपक वर्मा (30) सास की मौत होने पर गोंडा आए थे। 6 साल पहले दीपक ने डीहा गांव की रहने वाली रेखा से लव मैरिज की थी। दीपक नोएडा में ही एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। दीपक और रेखा की एक 4 साल की बेटी निक्की है। रेखा के पिता लालचंद्र शर्मा की मौत हो चुकी है। मां उर्मिला (50) की मंगलवार को कैंसर के चलते मौत हो गई थी। रेखा की दो और बहनें और एक छोटा भाई राज है। बुधवार को सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू के किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। दोपहर करीब 12 बजे नदी के किनारे सभी लोग पहुंचे। दीपक ने चिता सजाने के लिए नदी के किनारे खूंटा गाड़ना शुरू कर दिया। खूंटा गाड़ने के बाद वह हाथ धुलने के लिए नदी के किनारे पहुंचे। वह हाथ धुल ही रहे थे, तभी मगरमच्छ नदी से बाहर आया। उसने दीपक का सिर अपने जबड़े में भर लिया। ये देख लोग दीपक की ओर दौड़े और शोर मचाया, लेकिन तब तक मगरमच्छ उन्हें पानी में खींच ले गया। उसका शव 24 घंटे बाद सरयू नदी में उतराता मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में शरीर पर मगरमच्छ के दांतों के 6 निशान पाए गए। हालांकि पुलिस का अंदेशा है कि मगरमच्छ साइज में छोटा होने के कारण दीपक के शव को नहीं खा सका।
———————————————- ये खबर भी पढ़िए… ‘कॉकरोच’ मैन बोला- यमुना मां को बचाना है:मथुरा में नदी साफ नहीं हुई तो जान दे दूंगा; मुझे धमकी दी जा रही
‘अपनी मां के खोने के बाद यमुनाजी ही मेरी मां हैं। उनकी दुर्दशा से बहुत दुखी हूं। मेरी मां कई सालों से बीमार हैं। मां यमुना को इन पार्टियों ने मुद्दा बना दिया है। यमुना में जहर घोला जा रहा। मेरा यह कॉकरोच रूप मां यमुना को इन गंदे नालों से मुक्ति दिलाएगा।’ यह कहना है दीपक शर्मा का, जो मथुरा में कॉकरोच बनकर नाचते हुए अफसरों के सामने पहुंचे थे। चर्चा में आने के बाद 23 मई को जब दैनिक भास्कर की टीम इनके पास पहुंची, तो नाले में प्रदर्शन कर रहे थे। पढ़ें पूरी खबर…

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