ITBP soldier mother sealed packet controversy Kanpur: कानपुर जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब प्राचार्य के पत्र के आधार पर आईटीबीपी जवान विकास सिंह की मां के कटे हाथ से जुड़े एक सीलबंद पैकेट को वापस करने गए दो कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर थाने में दुर्व्यवहार किया गया।
दोनों कर्मचारी जब रेलबाजार थाने पहुंचे तो उन्होंने पैकेट वापस करने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने न केवल इसे लेने से इनकार कर दिया, बल्कि उन्हें धक्का देकर थाने से बाहर निकाल दिया। कर्मचारियों का आरोप है कि जब उन्होंने इसकी रिसीविंग मांगी तो उनके साथ गाली-गलौज की गई और अपमानित कर भगा दिया गया। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सीलबंद पैकेट में टैंपरिंग और फर्जी पहचान का आरोप
यह मामला गंभीर हो गया, जब मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने आशंका जताई कि पैथोलॉजी विभाग में जमा कराया गया सीलबंद पैकेट संभवतः टैंपर किया गया है। जानकारी के अनुसार, 28 मई को यह पैकेट हिस्टोपैथोलॉजी जांच के लिए भेजा गया था, लेकिन पैकेट पर संदिग्ध रूप से व्हाइटनर का प्रयोग पाया गया। इसके नीचे किसी अन्य शब्द के होने की आशंका जताई जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पैकेट जमा कराने वाले व्यक्ति ने अपना नाम “ओमान सिंह” बताते हुए खुद को थाना रेलबाजार का विवेचक और प्रभारी निरीक्षक बताया, जबकि थाने की ओर से इस नाम के किसी भी पुलिसकर्मी की पुष्टि नहीं की गई है। इससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की आशंका और गहरी हो गई है।
पुलिस कार्रवाई और घटनाक्रम
खागा (फतेहपुर) निवासी ITBP जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी के हाथ में गंभीर संक्रमण होने के कारण 17 तारीख को उनका हाथ काटना पड़ा था। इस मामले में कृष्णा अस्पताल और पारस हॉस्पिटल के खिलाफ रेलबाजार थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद मेडिकल जांच के लिए कटे हुए हाथ का सीलबंद पैकेट पैथोलॉजी विभाग में जमा किया गया। लेकिन जांच और कमेटी गठन में देरी के कारण मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने यह पैकेट वापस थाने भेजने का निर्णय लिया।
प्रशासनिक सवाल और जांच की मांग तेज
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने इस पूरे प्रकरण की जानकारी मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और मंडलायुक्त को भेजने की तैयारी की है। वहीं, उन्होंने पहले ही जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जांच कमेटी गठित करने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।वही उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट तलब की है। इस बीच रेलबाजार थाना प्रभारी अमान सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि थाने में किसी भी प्रकार की अभद्रता की जानकारी नहीं है और मामले की जांच की जाएगी।


