राजगीर में मलमास मेले की भव्य तैयारी:श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक सुविधा, हैंगर शैली में बनाया जा रहा पंडाल; CCTV से निगरानी

राजगीर में मलमास मेले की भव्य तैयारी:श्रद्धालुओं के लिए हाईटेक सुविधा, हैंगर शैली में बनाया जा रहा पंडाल; CCTV से निगरानी

राजगीर में विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है।देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा और सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां परवान चढ़ने लगी हैं। इस बार मेले को आधुनिक और हाईटेक रूप देने के लिए नगर परिषद और पर्यटन विभाग ने संयुक्त रूप से कमर कस ली है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुल 12 भव्य आवासन पंडालों का निर्माण कराया जा रहा है। इन पंडालों को विशेष रूप से हैंगर शैली में तैयार किया जा रहा है, जो न केवल वातानुकूलित और सुरक्षित होंगे, बल्कि श्रद्धालुओं को घर जैसा अहसास भी कराएंगे। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि शेड्स में तीर्थ यात्रियों के लिए आरामदायक बेड, कूलर, ठंडे पेयजल और सामान की सुरक्षा के लिए लॉकर जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। आगामी मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ के प्रबंधन और ब्रह्मकुंड में सुगम स्नान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक विशेष कार्य योजना तैयार की है। सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। इसके तहत रजौली संगत के पास करीब 4000 फीट लंबा एक विशाल जिगजैग मार्ग बनाया जा रहा है, जिसका प्रवेश और निकास द्वार वीरायतन रोड की ओर रखा गया है। श्रद्धालुओं को कतार में खड़े रहने के दौरान भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए इस पूरे मार्ग को मजबूत शेड से ढका जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए खास सुविधा कतारबद्ध लोगों को राहत देने के लिए मार्ग में मिस्ट कूलर, स्प्रिंकलर और पानी के फुहारे लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि उमस और गर्मी का प्रभाव कम किया जा सके। श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और सुविधा का ध्यान रखते हुए पूरे परिसर में जूते-चप्पल रखने की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, प्रतीक्षा के दौरान भक्तों को भक्तिमय माहौल देने के लिए कतार वाले रास्ते में जगह-जगह एलईडी टीवी लगाए जाएंगे, जिन पर निरंतर भजन-कीर्तन का प्रसारण होता रहेगा। आवास व्यवस्था की बात करें तो मेला थाना, कुंड क्षेत्र, झुमकी बाबा मंदिर और सरकारी बस स्टैंड जैसे प्रमुख केंद्रों पर हजारों यात्रियों के रुकने का प्रबंध किया गया है, जिसमें अकेले मेला थाना के पास बने पंडाल में एक हजार लोगों के ठहरने की क्षमता होगी। प्रशासन ने सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए भी अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। मेले की भीड़ में किसी भी अप्रिय स्थिति या चिकित्सीय सहायता के लिए मुख्य सड़क से लेकर कुंड के प्रवेश द्वार तक एक समर्पित ‘इमरजेंसी लेन’ बनाई जा रही है। इस विशेष रास्ते को पूरी तरह से आरक्षित रखा जाएगा ताकि एंबुलेंस और अग्निशमन की गाड़ियां बिना किसी बाधा के घटनास्थल तक पहुंच सकें। इन व्यापक तैयारियों से यह स्पष्ट है कि इस बार राजगीर का मलमास मेला न केवल आस्था का केंद्र होगा, बल्कि हाईटेक सुविधाओं और बेहतर प्रबंधन की नई मिसाल भी पेश करेगा। राजगीर में विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में है।देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा और सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां परवान चढ़ने लगी हैं। इस बार मेले को आधुनिक और हाईटेक रूप देने के लिए नगर परिषद और पर्यटन विभाग ने संयुक्त रूप से कमर कस ली है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुल 12 भव्य आवासन पंडालों का निर्माण कराया जा रहा है। इन पंडालों को विशेष रूप से हैंगर शैली में तैयार किया जा रहा है, जो न केवल वातानुकूलित और सुरक्षित होंगे, बल्कि श्रद्धालुओं को घर जैसा अहसास भी कराएंगे। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि शेड्स में तीर्थ यात्रियों के लिए आरामदायक बेड, कूलर, ठंडे पेयजल और सामान की सुरक्षा के लिए लॉकर जैसी तमाम आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। आगामी मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ के प्रबंधन और ब्रह्मकुंड में सुगम स्नान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक विशेष कार्य योजना तैयार की है। सीसीटीवी से निगरानी रखी जाएगी। इसके तहत रजौली संगत के पास करीब 4000 फीट लंबा एक विशाल जिगजैग मार्ग बनाया जा रहा है, जिसका प्रवेश और निकास द्वार वीरायतन रोड की ओर रखा गया है। श्रद्धालुओं को कतार में खड़े रहने के दौरान भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए इस पूरे मार्ग को मजबूत शेड से ढका जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए खास सुविधा कतारबद्ध लोगों को राहत देने के लिए मार्ग में मिस्ट कूलर, स्प्रिंकलर और पानी के फुहारे लगाने का निर्णय लिया गया है, ताकि उमस और गर्मी का प्रभाव कम किया जा सके। श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था और सुविधा का ध्यान रखते हुए पूरे परिसर में जूते-चप्पल रखने की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, प्रतीक्षा के दौरान भक्तों को भक्तिमय माहौल देने के लिए कतार वाले रास्ते में जगह-जगह एलईडी टीवी लगाए जाएंगे, जिन पर निरंतर भजन-कीर्तन का प्रसारण होता रहेगा। आवास व्यवस्था की बात करें तो मेला थाना, कुंड क्षेत्र, झुमकी बाबा मंदिर और सरकारी बस स्टैंड जैसे प्रमुख केंद्रों पर हजारों यात्रियों के रुकने का प्रबंध किया गया है, जिसमें अकेले मेला थाना के पास बने पंडाल में एक हजार लोगों के ठहरने की क्षमता होगी। प्रशासन ने सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए भी अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। मेले की भीड़ में किसी भी अप्रिय स्थिति या चिकित्सीय सहायता के लिए मुख्य सड़क से लेकर कुंड के प्रवेश द्वार तक एक समर्पित ‘इमरजेंसी लेन’ बनाई जा रही है। इस विशेष रास्ते को पूरी तरह से आरक्षित रखा जाएगा ताकि एंबुलेंस और अग्निशमन की गाड़ियां बिना किसी बाधा के घटनास्थल तक पहुंच सकें। इन व्यापक तैयारियों से यह स्पष्ट है कि इस बार राजगीर का मलमास मेला न केवल आस्था का केंद्र होगा, बल्कि हाईटेक सुविधाओं और बेहतर प्रबंधन की नई मिसाल भी पेश करेगा।  

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