Asaduddin Owaisi Slams BJP West Bengal: पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की एंट्री हो गई है। एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार की हालिया नीति पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जिसके तहत कल्याणकारी योजनाओं को मतदाता सूची से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान जिन लोगों को मतदाता सूची से बाहर रखा गया था, लेकिन वे वास्तविक मतदाता हैं, उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का राशन नहीं दिया जा रहा है।
सरकारी योजनाओं को मतदाता सूची से जोड़े पर भड़के ओवैसी
हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने कहा कि राशन या कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच इस बात पर क्यों निर्भर होनी चाहिए कि आपका नाम मतदाता सूची में है या नहीं? अगर मतदाता सूची को ही निर्णायक कारक के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है तो आधार प्रमाणीकरण का क्या मतलब है? पश्चिम बंगाल की मौजूदा कल्याण वितरण प्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताते हुए एआईएमआईएम प्रमुख ने यह स्पष्टीकरण मांगा कि लाभार्थियों की जांच के लिए मतदाता सूचियों का उपयोग क्यों किया जा रहा है।
‘मानो ये योजनाएं प्रिंस शुभेन्दु की निजी दान-पुण्य हों’
ओवैसी ने कहा कि सरकारी योजनाएं मतदाताओं के लिए इनाम नहीं हैं। ये सभी पात्र नागरिकों के लिए हैं। यह कदम सत्यापन से कम और लाभार्थियों की संख्या कम करने की कोशिश ज्यादा लगता है, जिससे सबसे गरीब लोगों, खासकर महिलाओं, अनुसूचित जातियों और मुसलमानों का जीवन और कठिन हो जाएगा। सरकार ऐसा व्यवहार कर रही है मानो ये योजनाएं प्रिंस शुभेन्दु की निजी दान-पुण्य हों। ऐसा नहीं है। ये सार्वजनिक धन से वित्त पोषित हैं और प्रत्येक पात्र नागरिक का अधिकार हैं।
दिलीप घोष ने लगाए टीएमसी पर गंभीर आरोप
उनकी यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पतन की ओर बढ़ रही है, और आरोप लगाया था कि पार्टी ने केंद्र और राज्य की कल्याणकारी योजनाओं से धन लूटा है और उसे न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।
टीएमसी नेताओं ने गबन किया योजनाओं का धन
पत्रकारों से बात करते हुए घोष ने आरोप लगाया कि टीएमसी में भ्रष्टाचार ऊपर से नीचे तक फैला हुआ है और दावा किया कि संगठन धीरे-धीरे ढह रहा है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि टीएमसी नेताओं ने जन कल्याण योजनाओं के लिए आवंटित धन का गबन करके संपत्ति जमा की है।
लक्ष्मी भंडार और अन्नपूर्णा भंडार जैसी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बात करते हुए घोष ने कहा कि इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भारतीय नागरिकता आवश्यक है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह अधिनियम बांग्लादेश और पाकिस्तान से भारत आए उन हिंदू शरणार्थियों पर लागू होता है जिन्होंने अभी तक नागरिकता प्राप्त नहीं की है।
योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भारतीय नागरिकता आवश्यक
घोष ने कहा था कि यह सिर्फ लक्ष्मी भंडार या अन्नपूर्णा जैसी योजनाओं की बात नहीं है। भारत की केंद्र और राज्य सरकारें नागरिकों को जो भी लाभ प्रदान करती हैं, उन्हें प्राप्त करने की पहली शर्त यह है कि व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए। जिन लोगों ने नागरिकता प्राप्त नहीं की है या अपनी नागरिकता खो दी है- विशेष रूप से बांग्लादेश या पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी – उनके लिए सीएए है। उन्होंने लोगों से इन लाभों का फायदा उठाने के लिए पंजीकरण कराने का आग्रह किया और कहा कि अन्यथा गैर-नागरिक सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रह जाएंगे।


