French Open Final में An Se Young से हारीं PV Sindhu, तीन गेम के संघर्ष के बाद बनीं उपविजेता

French Open Final में An Se Young से हारीं PV Sindhu, तीन गेम के संघर्ष के बाद बनीं उपविजेता

भारत की पीवी सिंधू ने रविवार को यहां 9.5 लाख अमेरिकी डॉलर के फ्रेंच ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर एक खिलाड़ी आन से यंग से तीन गेम में हारकर उपविजेता रहीं। इकतीस वर्षीय भारतीय खिलाड़ी को ओलंपिक चैंपियन आन से यंग के खिलाफ 21-16, 11-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ आन ने अपना चौथा फ्रेंच ओपन खिताब और इस सत्र का 11वां खिताब अपने नाम किया।भारतीय दिग्गज खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैंने हर अंक के लिए संघर्ष किया। मैं पहला गेम जीतने में सफल रही और इससे खुश थी। लेकिन दूसरे गेम में 5-5 या 5-4 तक मुकाबला बराबरी का था।इसके बाद उन्होंने बढ़त बना ली और उसे बरकरार रखा। ’’
सिंधू ने कहा, ‘‘तीसरे गेम में भी मुझे 8-5 की बढ़त बनाए रखनी चाहिए थी। लेकिन दुर्भाग्य से वह स्कोर को 11-9 में बदलने में सफल रही।मुझे लगता है कि मुकाबले में यही अंतर रहा। हालांकि, इस मैच से कई सकारात्मक बातें सीखने को मिली हैं। आगे मुझे इन पहलुओं पर काम करने की जरूरत है।’’
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने शानदार शुरुआत की और अपनी लंबाई तथा आक्रामक शॉट्स का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए 20 मिनट में पहला गेम जीत लिया। उनके करियर में यह केवल दूसरी बार था जब वह कोरियाई खिलाड़ी के खिलाफ कोई गेम जीतने में सफल रही थीं। हालांकि आन के खिलाफ 11 मुकाबलों में वह अब तक उन्हें एक बार भी नहीं हरा पाई हैं।दोनों खिलाड़ियों के बीच नेट पर कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। एक समय स्कोर 4-4 से 7-7 तक पहुंच गया। ऐसे ही एक रैली के दौरान आन के शॉट पर शटल सिंधू के चेहरे पर जा लगी।ब्रेक तक सिंधू ने क्रॉस-कोर्ट स्मैश की मदद से दो अंक की बढ़त बना ली। उन्होंने अपनी लंबाई का अच्छा फायदा उठाया और जल्द ही स्कोर 15-11 कर दिया। इस दौरान आन से बैकलाइन पर कुछ गलतियां भी हुईं।सिंधू का एक शॉट लंबा चला गया और उनका एक स्मैश नेट में उलझ गया जिससे आन ने अंतर घटाकर 13-15 कर दिया। सिंधू ने फिर एक स्मैश नेट में मारा जबकि आन ने साइडलाइन पर एक और गलती कर दी। इसके बाद कोरियाई खिलाड़ी का एक शॉट लंबा चला गया और सिंधू ने 19-14 की बढ़त बना ली।सिंधू ने चतुराई से लगाए गए शॉट के साथ छह गेम प्वाइंट हासिल किए। आन ने इसके बाद दो गेम प्वाइंट बचाए, लेकिन उनका अगला शॉट फिर लंबा चला गया। इस तरह सिंधू ने 20 मिनट में पहला गेम जीत लिया।पर दूसरे गेम में आन ने दमदार वापसी करते हुए 3-0 की बढ़त बना ली। सिंधू ने स्मैश से स्कोर 2-4 किया और फिर आन का एक शॉट नेट में चला गया। बॉडी स्मैश की मदद से सिंधू ने स्कोर 4-5 किया, लेकिन फिर आन 7-5 से आगे हो गईं।इसके बाद हवा के बहाव से उनका एक शॉट बाहर चला गया। 7-6 के स्कोर पर बेहतरीन नेट शॉट और 30 शॉट तक चली शानदार रैली ने आन को दो अंक की बढ़त बनाए रखने में मदद की। इसके बाद लगातार दो शानदार स्मैश लगाकर कोरियाई खिलाड़ी ने ब्रेक तक चार अंकों की बढ़त हासिल कर ली।आन ने अपनी बढ़त बढ़ाकर 13-7 कर दी। सिंधू नेट पर अपने खेल को मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन इसके बाद उनसे कई गलतियां हुईं। अगले 10 में से नौ अंक आन ने जीते और स्कोर 17-8 कर दिया।कोरियाई खिलाड़ी ने 12 गेम प्वाइंट हासिल किए। सिंधू ने तीन गेम प्वाइंट बचाए, लेकिन अंततः आन ने गेम जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। पर निर्णायक गेम में भी सिंधू ने हार नहीं मानी।दोनों खिलाड़ियों के बीच कई रोमांचक रैलियां देखने को मिलीं। 36 शॉट तक चली एक लंबी रैली सिंधू के शॉट के बाहर जाने के साथ समाप्त हुई, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने संघर्ष जारी रखा और जल्द ही 8-5 की बढ़त बना ली। दुनिया की नंबर एक आन ने स्मैश की मदद से स्कोर 8-8 कर दिया और फिर 9-8 की बढ़त हासिल कर ली।इसके बाद बॉडी स्मैश और सिंधू के बैकहैंड की ओर लगाए गए एक अन्य शॉट की मदद से आन ने ब्रेक तक दो अंकों की बढ़त बना ली। आन ने पिछले सात में से छह अंक जीतने वाली अपनी लय बरकरार रखी और स्कोर 13-9 कर दिया। सिंधू का एक शॉट लंबा जाने वह 14-9 से आगे हो गई।इसके बाद कोरियाई खिलाड़ी ने अपना दबदबा कायम रखते हुए स्कोर 15-9 कर दिया। आन के खेल का स्तर लगातार बेहतर होता गया और उन्होंने बढ़त बढ़ाकर 18-10 कर ली। सिंधू का एक और शॉट लंबा जाने से आन को आठ मैच प्वाइंट मिल गए।उन्होंने पहले ही मौके पर अंक हासिल करके खिताब अपने नाम कर लिया। 

भारत की पीवी सिंधू ने रविवार को यहां 9.5 लाख अमेरिकी डॉलर के फ्रेंच ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के फाइनल में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर एक खिलाड़ी आन से यंग से तीन गेम में हारकर उपविजेता रहीं। इकतीस वर्षीय भारतीय खिलाड़ी को ओलंपिक चैंपियन आन से यंग के खिलाफ 21-16, 11-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ आन ने अपना चौथा फ्रेंच ओपन खिताब और इस सत्र का 11वां खिताब अपने नाम किया।

भारतीय दिग्गज खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैंने हर अंक के लिए संघर्ष किया। मैं पहला गेम जीतने में सफल रही और इससे खुश थी। लेकिन दूसरे गेम में 5-5 या 5-4 तक मुकाबला बराबरी का था।

इसके बाद उन्होंने बढ़त बना ली और उसे बरकरार रखा। ’’
सिंधू ने कहा, ‘‘तीसरे गेम में भी मुझे 8-5 की बढ़त बनाए रखनी चाहिए थी। लेकिन दुर्भाग्य से वह स्कोर को 11-9 में बदलने में सफल रही।

मुझे लगता है कि मुकाबले में यही अंतर रहा। हालांकि, इस मैच से कई सकारात्मक बातें सीखने को मिली हैं। आगे मुझे इन पहलुओं पर काम करने की जरूरत है।

’’
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने शानदार शुरुआत की और अपनी लंबाई तथा आक्रामक शॉट्स का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए 20 मिनट में पहला गेम जीत लिया। उनके करियर में यह केवल दूसरी बार था जब वह कोरियाई खिलाड़ी के खिलाफ कोई गेम जीतने में सफल रही थीं। हालांकि आन के खिलाफ 11 मुकाबलों में वह अब तक उन्हें एक बार भी नहीं हरा पाई हैं।

दोनों खिलाड़ियों के बीच नेट पर कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। एक समय स्कोर 4-4 से 7-7 तक पहुंच गया। ऐसे ही एक रैली के दौरान आन के शॉट पर शटल सिंधू के चेहरे पर जा लगी।

ब्रेक तक सिंधू ने क्रॉस-कोर्ट स्मैश की मदद से दो अंक की बढ़त बना ली। उन्होंने अपनी लंबाई का अच्छा फायदा उठाया और जल्द ही स्कोर 15-11 कर दिया। इस दौरान आन से बैकलाइन पर कुछ गलतियां भी हुईं।

सिंधू का एक शॉट लंबा चला गया और उनका एक स्मैश नेट में उलझ गया जिससे आन ने अंतर घटाकर 13-15 कर दिया। सिंधू ने फिर एक स्मैश नेट में मारा जबकि आन ने साइडलाइन पर एक और गलती कर दी। इसके बाद कोरियाई खिलाड़ी का एक शॉट लंबा चला गया और सिंधू ने 19-14 की बढ़त बना ली।

सिंधू ने चतुराई से लगाए गए शॉट के साथ छह गेम प्वाइंट हासिल किए। आन ने इसके बाद दो गेम प्वाइंट बचाए, लेकिन उनका अगला शॉट फिर लंबा चला गया। इस तरह सिंधू ने 20 मिनट में पहला गेम जीत लिया।

पर दूसरे गेम में आन ने दमदार वापसी करते हुए 3-0 की बढ़त बना ली। सिंधू ने स्मैश से स्कोर 2-4 किया और फिर आन का एक शॉट नेट में चला गया। बॉडी स्मैश की मदद से सिंधू ने स्कोर 4-5 किया, लेकिन फिर आन 7-5 से आगे हो गईं।

इसके बाद हवा के बहाव से उनका एक शॉट बाहर चला गया। 7-6 के स्कोर पर बेहतरीन नेट शॉट और 30 शॉट तक चली शानदार रैली ने आन को दो अंक की बढ़त बनाए रखने में मदद की। इसके बाद लगातार दो शानदार स्मैश लगाकर कोरियाई खिलाड़ी ने ब्रेक तक चार अंकों की बढ़त हासिल कर ली।

आन ने अपनी बढ़त बढ़ाकर 13-7 कर दी। सिंधू नेट पर अपने खेल को मजबूत बनाए रखने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन इसके बाद उनसे कई गलतियां हुईं। अगले 10 में से नौ अंक आन ने जीते और स्कोर 17-8 कर दिया।

कोरियाई खिलाड़ी ने 12 गेम प्वाइंट हासिल किए। सिंधू ने तीन गेम प्वाइंट बचाए, लेकिन अंततः आन ने गेम जीतकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। पर निर्णायक गेम में भी सिंधू ने हार नहीं मानी।

दोनों खिलाड़ियों के बीच कई रोमांचक रैलियां देखने को मिलीं। 36 शॉट तक चली एक लंबी रैली सिंधू के शॉट के बाहर जाने के साथ समाप्त हुई, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने संघर्ष जारी रखा और जल्द ही 8-5 की बढ़त बना ली। दुनिया की नंबर एक आन ने स्मैश की मदद से स्कोर 8-8 कर दिया और फिर 9-8 की बढ़त हासिल कर ली।

इसके बाद बॉडी स्मैश और सिंधू के बैकहैंड की ओर लगाए गए एक अन्य शॉट की मदद से आन ने ब्रेक तक दो अंकों की बढ़त बना ली। आन ने पिछले सात में से छह अंक जीतने वाली अपनी लय बरकरार रखी और स्कोर 13-9 कर दिया। सिंधू का एक शॉट लंबा जाने वह 14-9 से आगे हो गई।

इसके बाद कोरियाई खिलाड़ी ने अपना दबदबा कायम रखते हुए स्कोर 15-9 कर दिया। आन के खेल का स्तर लगातार बेहतर होता गया और उन्होंने बढ़त बढ़ाकर 18-10 कर ली। सिंधू का एक और शॉट लंबा जाने से आन को आठ मैच प्वाइंट मिल गए।

उन्होंने पहले ही मौके पर अंक हासिल करके खिताब अपने नाम कर लिया।

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